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कर्मचारियों की हड़ताल से बिजली व्यवस्था चरमराई
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फर्रुखाबाद। दो माह से मानदेय न मिलने से नाराज बिजली विभाग के आउटसोर्स कर्मियों ने सुबह से हड़ताल शुरू कर दी। उपकेंद्रों पर धरना देकर नारेबाजी करते रहे। फाल्ट ठीक न होने से कलक्ट्रेट, विकास भवन सहित शहर व ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था पटरी से उतर गई। एसई के आश्वासन पर 2:30 बजे हड़ताल समाप्त हुई। इसके बाद कर्मचारियों को एक-एक माह के मानदेय के चेक दिए गए।
शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में कुल 38 उपकेंद्र हैं। जहां लाइनमैन, एसएसओ व एसएसओ हेल्पर सहित 630 कर्मचारी आउटसोर्स पर तैनात हैं। ठेकेदार ने आउटसोर्स कर्मियों के मानदेय का मई से भुगतान नहीं किया। इससे कर्मी नाराज चल रहे थे और पहले ही हड़ताल की चेतावनी दी थी।
इसके बावजूद सुनवाई न होने पर बुधवार सुबह आउटसोर्स कर्मचारियों ने यूनियन अध्यक्ष रामकिशन के नेतृत्व में कार्य बहिष्कार कर हड़ताल शुरू कर दी। लाइनों में फाल्ट होने से फीडर बंद हुए तो बिजली संकट खड़ा हो गया।
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इधर, सभी उपकेंद्रों पर संविदा कर्मी धरने पर बैठकर नारेबाजी करते रहे। खंड कार्यालय भोलेपुर में प्रदर्शन कर कर्मचारियों ने प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। सुबह लाइन में फाल्ट होने से दोपहर तक कलक्ट्रेट, विकास भवन सहित कई विभागों की बिजली गुल रही। शहरी क्षेत्र के कई मोहल्लों में भी बिजली का संकट रहा।
विभागों से बिजली अधिकारियों के पास फोन आए तो सीधा जवाब मिला कि हड़ताल चल रही है। कोई कर्मचारी न होने से फाल्ट ठीक नहीं हो पा रहे हैं। उधर, मोहम्मदाबाद क्षेत्र में खिमसेपुर का नलकूप फीडर लाइन में फाल्ट की वजह से दोपहर तक बंद रहा। हड़ताल खत्म होने के बाद कर्मचारियों ने फाल्ट तलाशना शुरू किया।
एसई ने वार्ता कर निकाला हल
खंड कार्यालय में चल रही हड़ताल के दौरान अधीक्षण अभियंता एसके श्रीवास्तव ने कुछ संविदा कर्मियों को वार्ता के लिए बुलाया। बताया गया कि कई बार मांग के बावजूद मई से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया। इससे घर खर्च भी चलाना मुश्किल है। इस पर एसई ने एक माह (मई) का भुगतान चेक के माध्यम से तत्काल कराने और शेष भुगतान बाद में कराने का आश्वासन दिया।
संतोषजनक जवाब मिलने से दोपहर 2:30 बजे हड़ताल समाप्त करने की घोषणा कर दी गई। इसके बाद संविदा कर्मी काम पर लौटे और फाल्ट ठीक करके विद्युत आपूर्ति बहाल की। इस दौरान रामकिशन, विनोद, विष्णु, आर्यन, मोहित, नावेद, रामसिंह, अवनीश, अनिल आदि कर्मचारी हड़ताल में शामिल रहे।
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शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में कुल 38 उपकेंद्र हैं। जहां लाइनमैन, एसएसओ व एसएसओ हेल्पर सहित 630 कर्मचारी आउटसोर्स पर तैनात हैं। ठेकेदार ने आउटसोर्स कर्मियों के मानदेय का मई से भुगतान नहीं किया। इससे कर्मी नाराज चल रहे थे और पहले ही हड़ताल की चेतावनी दी थी।
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इसके बावजूद सुनवाई न होने पर बुधवार सुबह आउटसोर्स कर्मचारियों ने यूनियन अध्यक्ष रामकिशन के नेतृत्व में कार्य बहिष्कार कर हड़ताल शुरू कर दी। लाइनों में फाल्ट होने से फीडर बंद हुए तो बिजली संकट खड़ा हो गया।
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इधर, सभी उपकेंद्रों पर संविदा कर्मी धरने पर बैठकर नारेबाजी करते रहे। खंड कार्यालय भोलेपुर में प्रदर्शन कर कर्मचारियों ने प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। सुबह लाइन में फाल्ट होने से दोपहर तक कलक्ट्रेट, विकास भवन सहित कई विभागों की बिजली गुल रही। शहरी क्षेत्र के कई मोहल्लों में भी बिजली का संकट रहा।
विभागों से बिजली अधिकारियों के पास फोन आए तो सीधा जवाब मिला कि हड़ताल चल रही है। कोई कर्मचारी न होने से फाल्ट ठीक नहीं हो पा रहे हैं। उधर, मोहम्मदाबाद क्षेत्र में खिमसेपुर का नलकूप फीडर लाइन में फाल्ट की वजह से दोपहर तक बंद रहा। हड़ताल खत्म होने के बाद कर्मचारियों ने फाल्ट तलाशना शुरू किया।
एसई ने वार्ता कर निकाला हल
खंड कार्यालय में चल रही हड़ताल के दौरान अधीक्षण अभियंता एसके श्रीवास्तव ने कुछ संविदा कर्मियों को वार्ता के लिए बुलाया। बताया गया कि कई बार मांग के बावजूद मई से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया। इससे घर खर्च भी चलाना मुश्किल है। इस पर एसई ने एक माह (मई) का भुगतान चेक के माध्यम से तत्काल कराने और शेष भुगतान बाद में कराने का आश्वासन दिया।
संतोषजनक जवाब मिलने से दोपहर 2:30 बजे हड़ताल समाप्त करने की घोषणा कर दी गई। इसके बाद संविदा कर्मी काम पर लौटे और फाल्ट ठीक करके विद्युत आपूर्ति बहाल की। इस दौरान रामकिशन, विनोद, विष्णु, आर्यन, मोहित, नावेद, रामसिंह, अवनीश, अनिल आदि कर्मचारी हड़ताल में शामिल रहे।