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कपड़ा छपाई कारखाने चालू करने को हरी झंडी
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फर्रुखाबाद। जिलाधिकारी ने सोमवार को अंगूरीबाग में बंद कपड़ा छपाई कारखानों का निरीक्षण किया। उन्होंने छपाई इकाइयों को चालू कराने को हरी झंडी दे दी।
लॉकडाउन के दौरान मजदूर, कारीगर के सामने घर खर्च चलाने की समस्या आ रही है। शहर में कुल 108 छपाई कारखाने संचालित थे। केमिकल युक्त पानी गंगा में गिरता था।
इससे इन कारखानों पर रोक लगा दी गई। बाद में सात छपाई कारखानों में ईटीपी लगी होने से उन्हें चलाने की अनुमति दी गई थी। लॉकडाउन में वह भी बंद हो गए। जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने बंद छपाई कारखाने देखे। उन्होंने अमेरिका प्रिंटिंग वर्क्स का निरीक्षण कर कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग को अपनाते हुए छपाई इकाइयों को शुरू कराया जा सकता है।
वहीं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अवर अभियंता फरेश कुमार का कहना है कि 108 कारखानों में ईटीपी वाले 7 कारखानों को ही चलाने की अनुमति दी गई थी। बोर्ड के कानपुर के क्षेत्रीय प्रबंधक एसबी फ्रैंकलिन ने बताया कि मानक के विपरीत किसी भी कारखाने को चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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लॉकडाउन के दौरान मजदूर, कारीगर के सामने घर खर्च चलाने की समस्या आ रही है। शहर में कुल 108 छपाई कारखाने संचालित थे। केमिकल युक्त पानी गंगा में गिरता था।
इससे इन कारखानों पर रोक लगा दी गई। बाद में सात छपाई कारखानों में ईटीपी लगी होने से उन्हें चलाने की अनुमति दी गई थी। लॉकडाउन में वह भी बंद हो गए। जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने बंद छपाई कारखाने देखे। उन्होंने अमेरिका प्रिंटिंग वर्क्स का निरीक्षण कर कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग को अपनाते हुए छपाई इकाइयों को शुरू कराया जा सकता है।
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वहीं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अवर अभियंता फरेश कुमार का कहना है कि 108 कारखानों में ईटीपी वाले 7 कारखानों को ही चलाने की अनुमति दी गई थी। बोर्ड के कानपुर के क्षेत्रीय प्रबंधक एसबी फ्रैंकलिन ने बताया कि मानक के विपरीत किसी भी कारखाने को चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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