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37 अरब के घोटाले में पांच आरोपियों के बी वारंट लेने की तैयारी
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फर्रुखाबाद। 37 अरब के घोटाले में फतेहगढ़ पुलिस अब एवलेज इनफो सोल्यूशन प्राइवेट कंपनी के निदेशक सहित पांच आरोपियों को बी वारंट लेने की तैयारी कर रही है। इन लोगों के खिलाफ पूरे देश में वर्ष 2017 में धोखाधड़ी के 374 मुकदमे दर्ज हुए थे। इसमें फतेहगढ़ कोतवाली में मुकदमा दर्ज है। पांचों आरोपियों को ईडी के अधिकारियों ने नोएडा से गिरफ्तार किया था। सभी आरोपी इस समय लखनऊ की जिला जेल में बंद हैं।
कमालगंज थाना क्षेत्र के गांव मकरंदनगर पोस्ट रानीगांव निवासी जितेंद्र सिंह ने 23 जनवरी 2017 को एवलेज इनफो सोल्यूशन प्राइवेट कंपनी के कई अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि कंपनी के नियम जानकर उसमें 2 लाख 30 हजार रुपये का निवेश किया था। कंपनी के कई खातों में यह रुपये चार बार में जमा किए। बाद में कंपनी के लोगों ने मोबाइल पर बात करना भी बंद कर दिया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच ठंडे बस्ते में डाल रखी थी। कंपनी के खिलाफ पूरे देश में 374 मुकदमे धोखाधड़ी के दर्ज हुए थे। यह मामला सीबीआई और ईडी के पास पहुंच गया। ईडी के अधिकारियों ने इस प्रकरण में कंपनी के निदेशक अनुभव मित्तल व उनके पिता सुनील कुमार मित्तल, पत्नी आयुश्री अग्रवाल निवासी नोएडा फेस उनीपेड़ा जिला गौतमबुद्घनगर, श्रीधर पी निवासी पैनडरेया जिला विशाखापट्टनम आंध्र प्रदेश, महेश दयाल निवासी गांव समई थाना बरसाना जिला मथुरा को गिरफ्तार कर एक मुकदमा अपने निदेशालय में दर्ज किया था।
पकड़े गए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लखनऊ की जिला जेल भेज दिया गया था। फतेहगढ़ कोतवाली में दर्ज मुकदमे की जांच दरोगा धर्मेंद्र कर रहे हैं। उन्होंने जांच के बाद सभी आरोपियों के नाम मुकदमे में प्रकाश में लाने के बाद अब बी वारंट लेने की तैयारी शुरू कर दी है। विवेचक ने बताया कि ईडी ने सभी आरोपियों को पकड़ लिया है। कंपनी के खाते सीज कर छह हजार करोड़ की संपत्ति जब्त कर ली है। बी वारंट लेने के बाद आरोपियों को तामील करवाए जाएंगे। इसके बाद चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
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कमालगंज थाना क्षेत्र के गांव मकरंदनगर पोस्ट रानीगांव निवासी जितेंद्र सिंह ने 23 जनवरी 2017 को एवलेज इनफो सोल्यूशन प्राइवेट कंपनी के कई अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि कंपनी के नियम जानकर उसमें 2 लाख 30 हजार रुपये का निवेश किया था। कंपनी के कई खातों में यह रुपये चार बार में जमा किए। बाद में कंपनी के लोगों ने मोबाइल पर बात करना भी बंद कर दिया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच ठंडे बस्ते में डाल रखी थी। कंपनी के खिलाफ पूरे देश में 374 मुकदमे धोखाधड़ी के दर्ज हुए थे। यह मामला सीबीआई और ईडी के पास पहुंच गया। ईडी के अधिकारियों ने इस प्रकरण में कंपनी के निदेशक अनुभव मित्तल व उनके पिता सुनील कुमार मित्तल, पत्नी आयुश्री अग्रवाल निवासी नोएडा फेस उनीपेड़ा जिला गौतमबुद्घनगर, श्रीधर पी निवासी पैनडरेया जिला विशाखापट्टनम आंध्र प्रदेश, महेश दयाल निवासी गांव समई थाना बरसाना जिला मथुरा को गिरफ्तार कर एक मुकदमा अपने निदेशालय में दर्ज किया था।
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पकड़े गए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लखनऊ की जिला जेल भेज दिया गया था। फतेहगढ़ कोतवाली में दर्ज मुकदमे की जांच दरोगा धर्मेंद्र कर रहे हैं। उन्होंने जांच के बाद सभी आरोपियों के नाम मुकदमे में प्रकाश में लाने के बाद अब बी वारंट लेने की तैयारी शुरू कर दी है। विवेचक ने बताया कि ईडी ने सभी आरोपियों को पकड़ लिया है। कंपनी के खाते सीज कर छह हजार करोड़ की संपत्ति जब्त कर ली है। बी वारंट लेने के बाद आरोपियों को तामील करवाए जाएंगे। इसके बाद चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
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