फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   genhu katai

श्रमिक न मिलने से गेहूं की कटाई हुई महंगी

Fri, 16 Apr 2021 10:55 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 16 Apr 2021 10:55 PM IST
विज्ञापन
genhu katai
अमृतपुर। श्रमिकों के न मिलने से इस वर्ष गेहूं कटाई महंगी हो गई है। छोटे किसान अधिक गेहूं देकर फसल कटवाने को मजबूर हो रहे हैं। बड़े किसान मशीन से गेहूं की फसल कटवा रहे हैं। इससे भूसे का नुकसान हो रहा है। किसानों का कहना है कि पिछले वर्ष लॉकडाउन की वजह से प्रवासी आ गए थे। इससे श्रमिक 25 किलो गेहूं लेकर एक बीघा फसल काट देते थे।
विज्ञापन

श्रमिकों की कमी से किसान परेशान हैं। श्रमिकों की कमी के चलते इस बार गेहूं काटने का भाव बढ़ गया है। पिछले वर्ष किसानों ने 25 किलो प्रति बीघा के हिसाब से गेहूं कटवाने का ठेका दिया था। इस बार श्रमिक 30 से 40 किलो गेहूं प्रति बीघा कटाई का ठेका ले रहे हैं। वहीं बड़े किसान मजदूर न मिलने से मशीन से से गेहूं कटवा रहे हैं। इससे किसानों को भूसे का नुकसान होता है।
विज्ञापन

किसानों का कहना है कि पिछले साल गेहूं की कटाई के समय दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, गाजियाबाद व नोएडा में काम कर रहे लोग लॉकडाउन की वजह से अपने-अपने घर लौट आए थे। गांव में काम न मिलने से गेहूं की कटाई का ठेका 20 से 25 किलो बीघा के हिसाब से लिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

गांव कुम्हरौर के शिवम त्रिवेदी का कहना है कि करीब दो सौ बीघा गेहूं बोया है। गेहूं काटने वाले न मिलने से 80 बीघा गेहूं मशीन से कटवाया है। शेष गेहूं की कटाई का 40 किलो प्रति बीघा के हिसाब ठेका दिया है। बाहर काम करने वाले लोग पिछले साल गांव मे लॉकडाउन की वजह से आ गए थे। तो गेहूं की कटाई सस्ते में हो गई थी।
गांव असलानपुर के सतेंद्र यादव का कहना है कि 16 बीघा गेहूं की फसल बोई थी। पिछले वर्ष प्रवासियों के आने से गेहूं कटाई का ठेका 25 किलो प्रति बीघा के हिसाब से दिया था। इस वर्ष एक बीघा गेहूं की फसल कटवाने पर 35 से 40 किलो गेहूं देना पड़ रहा है।
राजू कुशवाह का कहना है कि गेहूं काटने वालों की कमी है। पिछले साल लॉकडाउन होने से बाहर काम करने वाले अपने घरों को आने लगे थे। इससे गेहूं की कटाई कम दामों में जल्दी हो गई थी।

गांव कुसमापुर के बबलू मिश्रा का कहना है कि करीब 50 बीघा गेहूं बोया था। जिसको काटने के लिए 40 किलो गेहूं प्रति बीघा के हिसाब से ठेका मजदूर ले रहे हैं। पिछले साल 30 से 35 किलो के हिसाब से गेहूं काटने का ठेका दिया था। इस वर्ष मजदूर बाहर होने से गेहूं की कटाई मंहगी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed