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Farrukhabad News: गैंगस्टर में 28 साल बाद छह साल की सजा सुनाई
Wed, 10 Sep 2025 12:42 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Wed, 10 Sep 2025 12:42 AM IST
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फर्रुखाबाद। गैंगस्टर एक्ट के आरोपी को 28 वर्ष पूर्व दर्ज मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट रितिका त्यागी ने दोषी ठहराया। दोषी शिवनन्दन को छह साल कठोर कारावास सुनाया गया। इसके अलावा 10 हजार रुपये बतौर जुर्माना जमा करने का आदेश दिया गया।
तत्कालीन थानाध्यक्ष मेरापुर सुरेंद्र बहादुर सिंह ने 30 नवंबर 1997 को गांव नौली निवासी कुंवर पाल सिंह, शिवनन्दन व शिवजी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट में कहा था कि कुंवरपाल अपने तीनों भाइयों के साथ मिलकर गैंग बनाकर क्षेत्र में रंगदारी कर दहशत फैलाता है। पुलिस की विवेचना में शिवजी के खिलाफ साक्ष्य न मिलने पर उसका नाम मुकदमे से अलग कर दिया गया। कुंवरपाल सिंह व शिवनन्दन के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान कुंवरपाल सिंह की मृत्यु हो गई।
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अभियोजन पक्ष की ओर से शैलेश परमार, भानु प्रताप सिंह, राजीव कुमार ने दलीलें दीं। मामले की सुनवाई कर रहीं विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट रितिका त्यागी ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। गवाह व साक्ष्य के आधार पर शिवनन्दन को गैंगस्टर एक्ट में दोषी ठहराया।
दोषी को छह साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। इसके अलावा 10 हजार रुपये जुर्माना अदा न करने पर दो माह अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया गया।
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तत्कालीन थानाध्यक्ष मेरापुर सुरेंद्र बहादुर सिंह ने 30 नवंबर 1997 को गांव नौली निवासी कुंवर पाल सिंह, शिवनन्दन व शिवजी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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रिपोर्ट में कहा था कि कुंवरपाल अपने तीनों भाइयों के साथ मिलकर गैंग बनाकर क्षेत्र में रंगदारी कर दहशत फैलाता है। पुलिस की विवेचना में शिवजी के खिलाफ साक्ष्य न मिलने पर उसका नाम मुकदमे से अलग कर दिया गया। कुंवरपाल सिंह व शिवनन्दन के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान कुंवरपाल सिंह की मृत्यु हो गई।
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अभियोजन पक्ष की ओर से शैलेश परमार, भानु प्रताप सिंह, राजीव कुमार ने दलीलें दीं। मामले की सुनवाई कर रहीं विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट रितिका त्यागी ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। गवाह व साक्ष्य के आधार पर शिवनन्दन को गैंगस्टर एक्ट में दोषी ठहराया।
दोषी को छह साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। इसके अलावा 10 हजार रुपये जुर्माना अदा न करने पर दो माह अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया गया।