अमृतपुर। बांधों से छोड़े जा रहे पानी, पहाड़ों और मैदानों पर हो रही बारिश से बाढ़ बढ़ चली है। 10 सेमी की बढ़ोतरी के साथ गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु को छूने लगा है। लगातार पानी बढ़ने से गंगा किनारे के गांवों के खेतों में जलभराव हो गया है। जलस्तर में अगर ऐसी ही बढ़ोतरी होती रही तो गांवों के अंदर पानी पहुंचने की आशंका बन गई है।
रविवार को नरौरा बांध से गंगा में 77369 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। गंगा के जलस्तर में 10 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। गंगा का जलस्तर 136.50 मीटर से बढ़कर 136.60 मीटर पर पहुंच गया। जलस्तर बढ़ने से गंगा के किनारे बसे गांव करनपुर घाट, कुड़री सारंगपुर, सुंदरपुर, हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर, तीसराम की मड़ैया, रामपुर, जोगराजपुर, लायलपुर आदि गांव के पास पानी भरा गया। आशा की मड़ैया को जाने वाले रास्ते पर भी पानी भरने लगा है। कंपिल संवाद के अनुसार क्षेत्र के गांव रैपुरा से निकली गंगा की धारा ने सैकड़ों बीघा खेती को अपनी चपेट में ले लिया है। गांव मधवापुर के चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिर गया है। रविवार सुबह ग्रामीणों ने बाढ़ के पानी को रोकने के लिए अस्थाई बांध बनाया। अस्थाई बांध से फिलहाल कुछ समय के लिए बाढ़ का पानी गांव में नहीं घुस सकेगा। गांव निवासी मोहनलाल, मैकू, भजनलाल आदि ग्रामीणों ने भेड़, बकरी निकालकर नजदीकी रिश्तेदारों के यहां पहुंचानी शुरू कर दी हैं।