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गंगा पांच, रामगंगा का जलस्तर 50 सेंटीमीटर बढ़ा
farrukhabad
Updated Thu, 10 Aug 2017 11:15 PM IST
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गांव जोगराजपुर में नाव से आवागमन करते ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
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फर्रुखाबाद। पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश से गंगा और रामगंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। गुरुवार को गंगा के जलस्तर में पांच और रामगंगा के जलस्तर में 50 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। दोनों नदियों का कटान तेज हो गया है।
गुरुवार को नरौरा से गंगा में 173104 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे गंगा का जलस्तर पांच सेंटीमीटर बढ़कर 136.85 मीटर पर पहुंच गया है, जो खतरे के निशान 137.10 मीटर से 25 सेंटीमीटर दूर रह गया है। खो हरेली रामनगर से रामगंगा में 11915 क्सूयेक पानी छोड़ा गया है। रामगंगा का जलस्तर 134.50 से बढ़कर 135.00 तक पहुंच गया है। तराई क्षेत्र के गांवों का कटान तेज हो गया है।
डीएम ने कोलासोता गांव में हो रहे कटान का किया निरीक्षण
अमृतपुर। नदियों की कटान का निरीक्षण करने गुरुवार को जिलाधिकारी रविंद्र कुमार एसपी दयानंद मिश्र के साथ कोलासोता पहुंचे। सिंचाई विभाग के अधिकारियों को कटान रोकने को कार्य कराने के निर्देश दिए। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कटान रोकने को 230 मीटर तक बल्लियां लगाई गई है। इसमें करीब नौ लाख रुपये का खर्चा हो गया है।
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गांव के लोगों ने बताया कि कटान से नाला बन गया है। अगर इसको बंद न किया गया तो गांव के कटने की आशंका है। डीएम ने डीपीआरओ से मनरेगा योजना के तहत नाले में मिट्टी डलवाने के निर्देश दिए। बाढ़ शरणालय करीब तीन सौ मीटर दूर बनाया गया है। उसमें ग्रामीणों के लिए सभी सुविधाए दिए जाने की तैयारी करने के निर्देश एसडीएम को दिए है। कटान देखने के बाद जब डीएम और एसपी वापस लौट रहे थे तो बरसात के कारण खेतों में पानी भर गया था। इससे गुजरने के दौरान एसपी को एसओ अमृतपुर और गांव के लोगों ने सहारा दिया। इसके बाद डीएम ने इमादपुर सोमवंशी, जोगराजपुर, उदयपुर का सड़क से निरीक्षण करते हुए सबलपुर पहुंचे और वहीं पर सड़क किनारे रुक गए। सबलपुर में एक और नाव चलवाने के निर्देश एसडीएम को दिए है।
डीएम ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। एसडीएम वसंत कुमार गुप्ता ने बताया कि जिन ग्रामीणों की झोपड़ियों में पानी भर गया है। उनको त्रिपाल दिए जाने के लिए डीएम से बात की जाएगी। डीएम के निर्देश पर त्रिपाल के साथ माचिस, मोमबत्ती और नमक बांटा जाएगा।
माखन नगला जाने वाला मार्ग कटने लगा
अमृतपुर। माखन नगला जाने वाला मार्ग बाढ़ के पानी से कटना शुरू हो गया है। सड़क पूरी तरह से कटने पर माखन नगला, राम प्रसाद नगला, जटपुरा, कैलयाई, कालिका नगला समेत अन्य गांवों को जाने वाला मार्ग बंद हो जाएगा।
शिक्षक नाव से बच्चों को लेकर आए
शमसाबाद। गांव कटरी ताफीक बाढ़ से प्रभावित होने के कारण आवागमन बंद हो गया है। गांव में नाव से ग्रामीण आवागमन कर रहे है। शिक्षकों ने गांव मेें दूसरी जगह विद्यालय का संचालन किया और नाव से बच्चों को पढ़ाने के लिए बुलाकर लाए। प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में पानी भरने से शिक्षण कार्य बंद हो गया। खंड शिक्षा अधिकारी ने दोनों विद्यालयों के बच्चों को तेजापुर गांव से सबंद्ध कर दिया। गांव के लोगों ने विरोध किया। ग्रामीणों ने गांव में ऊंचाई पर बने बरामदे में विद्यालय का संचालन करने की बात कहीं। तब बीईओ के निर्देश पर बरामदे में स्कूल का संचालन किया गया। प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक इख्त्यार अहमद और पूर्व माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक राकेश यादव नाव से बच्चों को बुलाने गए और उनको विद्यालय में लाकर शिक्षण कार्य कराया। गांव में इस समय दो नाव चल रही है।
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गुरुवार को नरौरा से गंगा में 173104 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे गंगा का जलस्तर पांच सेंटीमीटर बढ़कर 136.85 मीटर पर पहुंच गया है, जो खतरे के निशान 137.10 मीटर से 25 सेंटीमीटर दूर रह गया है। खो हरेली रामनगर से रामगंगा में 11915 क्सूयेक पानी छोड़ा गया है। रामगंगा का जलस्तर 134.50 से बढ़कर 135.00 तक पहुंच गया है। तराई क्षेत्र के गांवों का कटान तेज हो गया है।
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डीएम ने कोलासोता गांव में हो रहे कटान का किया निरीक्षण
अमृतपुर। नदियों की कटान का निरीक्षण करने गुरुवार को जिलाधिकारी रविंद्र कुमार एसपी दयानंद मिश्र के साथ कोलासोता पहुंचे। सिंचाई विभाग के अधिकारियों को कटान रोकने को कार्य कराने के निर्देश दिए। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कटान रोकने को 230 मीटर तक बल्लियां लगाई गई है। इसमें करीब नौ लाख रुपये का खर्चा हो गया है।
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गांव के लोगों ने बताया कि कटान से नाला बन गया है। अगर इसको बंद न किया गया तो गांव के कटने की आशंका है। डीएम ने डीपीआरओ से मनरेगा योजना के तहत नाले में मिट्टी डलवाने के निर्देश दिए। बाढ़ शरणालय करीब तीन सौ मीटर दूर बनाया गया है। उसमें ग्रामीणों के लिए सभी सुविधाए दिए जाने की तैयारी करने के निर्देश एसडीएम को दिए है। कटान देखने के बाद जब डीएम और एसपी वापस लौट रहे थे तो बरसात के कारण खेतों में पानी भर गया था। इससे गुजरने के दौरान एसपी को एसओ अमृतपुर और गांव के लोगों ने सहारा दिया। इसके बाद डीएम ने इमादपुर सोमवंशी, जोगराजपुर, उदयपुर का सड़क से निरीक्षण करते हुए सबलपुर पहुंचे और वहीं पर सड़क किनारे रुक गए। सबलपुर में एक और नाव चलवाने के निर्देश एसडीएम को दिए है।
डीएम ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। एसडीएम वसंत कुमार गुप्ता ने बताया कि जिन ग्रामीणों की झोपड़ियों में पानी भर गया है। उनको त्रिपाल दिए जाने के लिए डीएम से बात की जाएगी। डीएम के निर्देश पर त्रिपाल के साथ माचिस, मोमबत्ती और नमक बांटा जाएगा।
माखन नगला जाने वाला मार्ग कटने लगा
अमृतपुर। माखन नगला जाने वाला मार्ग बाढ़ के पानी से कटना शुरू हो गया है। सड़क पूरी तरह से कटने पर माखन नगला, राम प्रसाद नगला, जटपुरा, कैलयाई, कालिका नगला समेत अन्य गांवों को जाने वाला मार्ग बंद हो जाएगा।
शिक्षक नाव से बच्चों को लेकर आए
शमसाबाद। गांव कटरी ताफीक बाढ़ से प्रभावित होने के कारण आवागमन बंद हो गया है। गांव में नाव से ग्रामीण आवागमन कर रहे है। शिक्षकों ने गांव मेें दूसरी जगह विद्यालय का संचालन किया और नाव से बच्चों को पढ़ाने के लिए बुलाकर लाए। प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में पानी भरने से शिक्षण कार्य बंद हो गया। खंड शिक्षा अधिकारी ने दोनों विद्यालयों के बच्चों को तेजापुर गांव से सबंद्ध कर दिया। गांव के लोगों ने विरोध किया। ग्रामीणों ने गांव में ऊंचाई पर बने बरामदे में विद्यालय का संचालन करने की बात कहीं। तब बीईओ के निर्देश पर बरामदे में स्कूल का संचालन किया गया। प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक इख्त्यार अहमद और पूर्व माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक राकेश यादव नाव से बच्चों को बुलाने गए और उनको विद्यालय में लाकर शिक्षण कार्य कराया। गांव में इस समय दो नाव चल रही है।