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जलस्तर घटा पर घरों में भरा पानी
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अमृतपुर। गंगा के जलस्तर में मंगलवार को भी गिरावट दर्ज की गई लेकिन हरसिंहपुर कायस्थ गांव के लोगों के घरों में अभी बाढ़ का पानी भरा है। नदी में कटान भी तेज हो गया है, इससे ग्रामीण भयभीत हैं। कई गांवों में अभी पशुओं के लिए चारे की समस्या है।
पिछले दो दिन से गंगा के जलस्तर लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। किंतु ग्रामीणों की मुसीबतें कम नहीं हुई हैं। मंगलवार को जलस्तर चेतावनी बिंदु 136.60 से नीचे 136.50 मीटर पर पहुंच गया है। नरौरा बांध से गंगा में 59 हजार 214 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। बाढ़ के पानी से घिरे गांव ऊगरपुर, हरसिंहपुर कायस्थ, जोगराजपुर, तीसराम की मड़ैया, फुलाह, कहिलियाई आदि गांवों में पशुओं के चारे की समस्या बनी हुई है। हरसिंहपुर कायस्थ में कई ग्रामीणों की झोपड़ियों में पानी भरा हुआ है। ग्राम प्रधान सुधीर कुमार का कहना है कि प्रशासन की ओर से अभी तक कोई सहायता नहीं मिली है।
करीब एक माह में 40 से अधिक लोग गंगा के कटान के भय से अपने मकान तोड़ चुके हैं। कुछ की झोपड़ी व मकान गंगा में समा भी चुके हैं लेकिन किसी को भी रहने के लिए जगह नहीं मिली है। कई बार जिलाधिकारी व तहसील प्रशासन से मांग कर चुके हैं। लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सुविधा मिलाना तो दूर की बात है। लेखपाल तक गाव में नहीं आ रहा है। उधर रामगंगा का जलस्तर 135.70 से बढ़कर 135.80 मीटर पर पहुंच गया है। खो, हरेली व रामनगर से रामगंगा में 4 हाजर 5 सौ 97 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
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पिछले दो दिन से गंगा के जलस्तर लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। किंतु ग्रामीणों की मुसीबतें कम नहीं हुई हैं। मंगलवार को जलस्तर चेतावनी बिंदु 136.60 से नीचे 136.50 मीटर पर पहुंच गया है। नरौरा बांध से गंगा में 59 हजार 214 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। बाढ़ के पानी से घिरे गांव ऊगरपुर, हरसिंहपुर कायस्थ, जोगराजपुर, तीसराम की मड़ैया, फुलाह, कहिलियाई आदि गांवों में पशुओं के चारे की समस्या बनी हुई है। हरसिंहपुर कायस्थ में कई ग्रामीणों की झोपड़ियों में पानी भरा हुआ है। ग्राम प्रधान सुधीर कुमार का कहना है कि प्रशासन की ओर से अभी तक कोई सहायता नहीं मिली है।
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करीब एक माह में 40 से अधिक लोग गंगा के कटान के भय से अपने मकान तोड़ चुके हैं। कुछ की झोपड़ी व मकान गंगा में समा भी चुके हैं लेकिन किसी को भी रहने के लिए जगह नहीं मिली है। कई बार जिलाधिकारी व तहसील प्रशासन से मांग कर चुके हैं। लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सुविधा मिलाना तो दूर की बात है। लेखपाल तक गाव में नहीं आ रहा है। उधर रामगंगा का जलस्तर 135.70 से बढ़कर 135.80 मीटर पर पहुंच गया है। खो, हरेली व रामनगर से रामगंगा में 4 हाजर 5 सौ 97 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
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