फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   Freight is more expensive than potatoes Frrukabadi

भाड़ा अधिक होने से फर्रुखाबादी आलू महंगा

Mon, 29 Dec 2014 11:29 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद Updated Mon, 29 Dec 2014 11:29 PM IST
विज्ञापन
Freight is more expensive than potatoes Frrukabadi
भाड़ा अधिक होने से फर्रुखाबादी आलू असम में महंगा है, जबकि पंजाब का आलू
विज्ञापन
कम भाड़े के बलबूते सस्ते भाव पर असम को उपलब्ध है। इसके चलते एक रैक असम जाने के बाद व्यापारियों को वहां से दूसरा आर्डर मिलने में परेशानी हो रही है।

गत वर्ष की अपेक्षा डीजल सस्ता होने के बावजूद रेल व ट्रकों का भाड़ा महंगा है। इस वर्ष ट्रक भाड़ा में 30 रुपये पैकेट तो रेल किराये में 10 रुपये पैकेट की बढ़ोतरी हुई है, जबकि डीजल के रेट  पिछले चार माह में 10 से 12 रुपये प्रति लीटर घटे हैं। भाड़ा बढ़ोतरी का प्रभाव गैर प्रांतों की मंडियों में सीधे भाव पर पड़ता है। भाड़े के कारण यहां का आलू असम को महंगा और पंजाब का आलू सस्ता पड़ रहा है।

इसके चलते फर्रुखाबादी आलू की एक रैक असम जाने के बाद वहां पंजाब के आलू ने अपने पैर जमा लिए हैं। व्यापारियों की मानें तो पंजाब से चार आलू की रैक असम रवाना हो चुकी हैं। बंगाल का आलू भी स्थानीय मंडी में आने के बाद फर्रुखाबादी आलू की पकड़ असम में ढीली होनी शुरू हो जाती है।

इसमें मुख्य रोल वहां की सरकार भी निभाती है। बंगाल और पंजाब के आलू की अधिकता को देखते हुए पहली बार व्यापारियों ने बिहार में दस्तक दी। अभी तक ट्रकों से ही बिहार आलू जाता था। फर्रुखाबाद के इतिहास में पहली बार यहां के व्यापारियों ने बिहार के लिए रैक रवाना की है।

 मंडी के व्यापारी सुधीर वर्मा उर्फ रिंकू बताते हैं कि असम को बंगाल और पंजाब से आलू की आपूर्ति होने के चलते व्यापारियों को बिहार की ओर रुख करना पड़ा। बिहार को वैरायटी में सबसे अधिक लाल आलू पसंद है लेकिन इस बार यहां के आलू पुखराज को पसंद किया है। इसके चलते ही एक रैक रवाना की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार आलू व्यापारियों की ओर ध्यान नहीं दे रही है।

डीजल के दाम घटने के बावजूद भी भाड़ा गतवर्ष की अपेक्षा बढ़ा है। इसका सीधा प्रभाव भाव पर पड़ रहा है। बताया कि देश की प्रमुख मंडियों से आलू की बंपर पैदावार की खबर है। इसके चलते फर्रुखाबादी आलू की मांग केवल बिहार, उत्तरांचल व छत्तीसगढ़ में ही रह गई है।

फर्रुखाबादी आलू की पैदावार भी गतवर्ष की अपेक्षा अधिक है। मौसम भी साथ दे रहा है। इसके चलते पैदावार भी बढ़ी है। असम और बंगाल से मांग कम होने के कारण भाव पिछले पखवारा से घटकर 500 रुपये प्रति क्विंटल के बीच ही झूल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed