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Farrukhabad News: कार एजेंसी का मालिक बता शिक्षक से 4.20 लाख की ठगी
Thu, 15 Jun 2023 01:03 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Thu, 15 Jun 2023 01:03 AM IST
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फर्रुखाबाद। कार एजेंसी का मालिक बताकर मैनपुरी के एक शिक्षक से दो लोगों ने 4.20 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित ने एसपी के आदेश पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
मैनपुरी के थाना किशनी के गांव रम्पुरा निवासी रोहिल सिंह निजी स्कूल में शिक्षक हैं। उन्होंने कादरीगेट थाने में कमालगंज के मोहल्ला आजादनगर निवासी मनीष व मैनपुरी के बेवर रोड स्थित नगला देवी निवासी नीरज के खिलाफ धोखाधड़ी कर ठगी करने का मुकदमा दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि कार खरीदने के लिए उन्होंने मनीष से बात की, तो उसने खुद और नीरज को शहर की एक कार एजेंसी का मालिक बताया। उन्होंने 12.60 लाख रुपये की कार पसंद की। इसमें मनीष ने तीन लाख रुपये नकद और किश्तों से देने की बात कही। बयाना के दौर पर मनीष और नीरज को 15 हजार रुपये दे दिए। मनीष के कहने पर 19 अगस्त 2022 को रजनीश कुमार के खाते में सात हजार रुपये डाले। इसके बाद 27 अगस्त को आलोक कुमार के खाते में 1.20 रुपये व 16 सितंबर को 50 हजार रुपये डाले। 23 सितंबर को एजेंसी पर मनीष को एक लाख रुपये दिए। इसके बाद भानु प्रताप सिंह के खाते में छह नवंबर को आठ हजार व वैभव सक्सेना के खाते में 27 नवंबर को 2022 को 1.20 लाख रुपये भेजे। कुल 4.20 लाख रुपये पहुंचने के बाद कार लेने के लिए एजेंसी जाकर जानकारी की, तो पता चला कि वह मालिक नहीं हैं। उनसे फर्जी तरीके से एजेंसी मालिक बनकर धोखाधड़ी कर ठगी की गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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मैनपुरी के थाना किशनी के गांव रम्पुरा निवासी रोहिल सिंह निजी स्कूल में शिक्षक हैं। उन्होंने कादरीगेट थाने में कमालगंज के मोहल्ला आजादनगर निवासी मनीष व मैनपुरी के बेवर रोड स्थित नगला देवी निवासी नीरज के खिलाफ धोखाधड़ी कर ठगी करने का मुकदमा दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि कार खरीदने के लिए उन्होंने मनीष से बात की, तो उसने खुद और नीरज को शहर की एक कार एजेंसी का मालिक बताया। उन्होंने 12.60 लाख रुपये की कार पसंद की। इसमें मनीष ने तीन लाख रुपये नकद और किश्तों से देने की बात कही। बयाना के दौर पर मनीष और नीरज को 15 हजार रुपये दे दिए। मनीष के कहने पर 19 अगस्त 2022 को रजनीश कुमार के खाते में सात हजार रुपये डाले। इसके बाद 27 अगस्त को आलोक कुमार के खाते में 1.20 रुपये व 16 सितंबर को 50 हजार रुपये डाले। 23 सितंबर को एजेंसी पर मनीष को एक लाख रुपये दिए। इसके बाद भानु प्रताप सिंह के खाते में छह नवंबर को आठ हजार व वैभव सक्सेना के खाते में 27 नवंबर को 2022 को 1.20 लाख रुपये भेजे। कुल 4.20 लाख रुपये पहुंचने के बाद कार लेने के लिए एजेंसी जाकर जानकारी की, तो पता चला कि वह मालिक नहीं हैं। उनसे फर्जी तरीके से एजेंसी मालिक बनकर धोखाधड़ी कर ठगी की गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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