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Farrukhabad News: भ्रष्टाचार के मुकदमे में फंसे सिपाही व दीवान बहाल
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फर्रुखाबाद। भ्रष्टाचार के मुकदमे में फंसे सिपाही व दीवान को एसपी ने बहाल कर दिया है। एक वर्ष पहले जन सेवा केंद्र संचालक से दो लाख रुपये मांगने के मामले में दो सिपाहियों के खिलाफ मेरापुर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था।
जांच में सर्विलांस के दीवान के शामिल होने की बात सामने आई थी। सीओ ने विवेचना में फाइनल रिपोर्ट लगा दी है।
मेरापुर थाना क्षेत्र के गांव नूरनगर निवासी जन सेवा केंद्र संचालक रंजीत शाक्य को 18 अक्तूबर 2021 को फर्जी आधार कार्ड बनाने के आरोप में थाने के सिपाही रिंकू कुमार व कपिल ने पकड़ लिया था।
रंजीत को सिपाहियों ने शहर कोतवाली की आवास विकास चौकी में बैठा दिया था। छोड़ने के नाम पर परिजनों से दो लाख रुपये की मांग की थी। परिजनों ने अमृतपुर विधायक सुशील कुमार शाक्य से पूरे मामले में शिकायत की थी।
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विधायक के हस्तक्षेप पर एसपी ने एएसपी अजय प्रताप को जांच सौंपी थी। जांच पूरी होनेे के बाद घटना में शामिल सिपाही रिंकू कुमार, कपिल व सर्विलांस के दीवान सत्येंद्र यादव को निलंबित कर दिया था।
संचालक ने दो लाख रुपये मांगने के मामले में दोनों सिपाहियों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा मेरापुर थाने में दर्ज कराया था। मुकदमे की जांच सीओ कायमगंज सोहराब आलम को दी गई। दीवान सत्येंद्र, सिपाही रिंकू कुमार व कपिल ने कई माह तक आमद नहीं कराई।
एक माह पहले तीनों ने आमद कराई और इसके बाद एसपी ने दोनों सिपाहियों व दीवान को बहाल कर दिया है। सीओ कायमगंज सोहराब आलम ने बताया कि भ्रष्टाचार के मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई है।
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जांच में सर्विलांस के दीवान के शामिल होने की बात सामने आई थी। सीओ ने विवेचना में फाइनल रिपोर्ट लगा दी है।
मेरापुर थाना क्षेत्र के गांव नूरनगर निवासी जन सेवा केंद्र संचालक रंजीत शाक्य को 18 अक्तूबर 2021 को फर्जी आधार कार्ड बनाने के आरोप में थाने के सिपाही रिंकू कुमार व कपिल ने पकड़ लिया था।
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रंजीत को सिपाहियों ने शहर कोतवाली की आवास विकास चौकी में बैठा दिया था। छोड़ने के नाम पर परिजनों से दो लाख रुपये की मांग की थी। परिजनों ने अमृतपुर विधायक सुशील कुमार शाक्य से पूरे मामले में शिकायत की थी।
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विधायक के हस्तक्षेप पर एसपी ने एएसपी अजय प्रताप को जांच सौंपी थी। जांच पूरी होनेे के बाद घटना में शामिल सिपाही रिंकू कुमार, कपिल व सर्विलांस के दीवान सत्येंद्र यादव को निलंबित कर दिया था।
संचालक ने दो लाख रुपये मांगने के मामले में दोनों सिपाहियों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा मेरापुर थाने में दर्ज कराया था। मुकदमे की जांच सीओ कायमगंज सोहराब आलम को दी गई। दीवान सत्येंद्र, सिपाही रिंकू कुमार व कपिल ने कई माह तक आमद नहीं कराई।
एक माह पहले तीनों ने आमद कराई और इसके बाद एसपी ने दोनों सिपाहियों व दीवान को बहाल कर दिया है। सीओ कायमगंज सोहराब आलम ने बताया कि भ्रष्टाचार के मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई है।