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Farrukhabad News: ओपीडी में एक काउंटर पर बने पर्चा, हुई धक्का-मुक्की
Thu, 20 Jul 2023 12:07 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Thu, 20 Jul 2023 12:07 AM IST
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फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल में पर्चा बनवाना मुसीबत का कार्य हो गया है। बुधवार को भी पर्चा बनवाने के लिए मरीजों को एक-एक घंटे इंतजार करना पड़ा। भीड़ में महिलाएं धक्का-मुक्की करने लगीं। चीख-पुकार सुनकर पहुंचे सुरक्षा व अस्पताल कर्मियों ने बमुश्किल शांत किया।
लोहिया अस्पताल में ई-रजिस्ट्रेशन काउंटर पर तैनात महिला कर्मचारी कुछ दिन से नहीं आ रहीं हैं। इसकी जिम्मेदारी ऑनलाइन पर्चा काउंटर के कर्मचारियों की रही। लिहाजा ई-रजिस्ट्रेशन काउंटर पर रुद्र शुक्ला और कुछ इंटर्नशिप युवाओं को बैठा दिया गया। ऐसे में पर्चा काउंटर पर मात्र एक कर्मचारी रजनेश यादव ही रह गए।
काउंटरों पर मरीजों की लंबी कतारें लग गईं। पर्चा काउंटर पर घंटों खड़े लोगों के सब्र का बांध टूट गया। सुबह करीब 11 बजे उन्होंने शोरगुल कर साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी। भीड़ में फंसकर एक वृद्ध महिला चीखने लगीं। आवाज सुनकर वहां तैनात सुरक्षा कर्मी और अस्पताल के कर्मचारी पहुंच गए।
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उन्होंने काफी समझा बुझाकर मामला शांत किया। भीषण गर्मी और भीड़ में फंसे कई लोग बिना दवा लिए ही लौटने को मजबूर हो गए। घंटों बाद पर्चा बनने के बाद कमरों में पहुंचने पर डॉक्टर उठने से परेशानी का सामना करना पड़ा।
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लोहिया अस्पताल में ई-रजिस्ट्रेशन काउंटर पर तैनात महिला कर्मचारी कुछ दिन से नहीं आ रहीं हैं। इसकी जिम्मेदारी ऑनलाइन पर्चा काउंटर के कर्मचारियों की रही। लिहाजा ई-रजिस्ट्रेशन काउंटर पर रुद्र शुक्ला और कुछ इंटर्नशिप युवाओं को बैठा दिया गया। ऐसे में पर्चा काउंटर पर मात्र एक कर्मचारी रजनेश यादव ही रह गए।
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काउंटरों पर मरीजों की लंबी कतारें लग गईं। पर्चा काउंटर पर घंटों खड़े लोगों के सब्र का बांध टूट गया। सुबह करीब 11 बजे उन्होंने शोरगुल कर साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी। भीड़ में फंसकर एक वृद्ध महिला चीखने लगीं। आवाज सुनकर वहां तैनात सुरक्षा कर्मी और अस्पताल के कर्मचारी पहुंच गए।
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उन्होंने काफी समझा बुझाकर मामला शांत किया। भीषण गर्मी और भीड़ में फंसे कई लोग बिना दवा लिए ही लौटने को मजबूर हो गए। घंटों बाद पर्चा बनने के बाद कमरों में पहुंचने पर डॉक्टर उठने से परेशानी का सामना करना पड़ा।