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Farrukhabad News: कोहरे व पाला से केला और तंबाकू सहित कई फसलों को नुकसान
Sun, 07 Jan 2024 11:45 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Sun, 07 Jan 2024 11:45 PM IST
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कायमगंज। पिछले एक सप्ताह से कोहरे के साथ पाला और शीतलहर के चलते कई फसलों को भी नुकसान और फायदा हैं। गेहूं, जौ, चना और मसूर के लिए जहां यह कोहरा फायदेमंद है। तंबाकू, मटर, आलू और लाही के लिए घातक साबित हो रहा है। केले की फसल को भारी नुकसान है।
कायमगंज क्षेत्र में किसान आलू, मटर, गेहूं की परंपरागत खेती के अलावा केला, तंबाकू की फसल बहुतायत में करते हैं। मौसम में बदलाव के चलते जरा सी लापरवाही किसानों के लिए भारी पड़ सकती है। कोहरे और पाला से जहां आलू में झुलसा रोग लगने की आशंका रहती है।
वहीं, फूल और फली वाले फसलों में कोहरे के चलते फंगस लगने लगता है। क्षेत्र के गांव जौंरा, टिलियां, मऊ रशीदाबाद, अताईपुर, लालबाग, कटरा आदि ग्रामों में केला की फसल के अलावा तंबाकू बड़े पैमाने पर की जाती है। आलू की खेती किसान बहुतायत संख्या में करते हैं। पिछले हफ्ते से शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है। बदलते मौसम ने खेती करने वाले किसानों की चिंता बढ़ा दी है। केले और तंबाकू की बढ़वार रुक गई है। पत्ते झुलसने लगे हैं। आलू में झुलसा रोग लगने की आशंका बढ़ गई है।
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फोटो-15, संजू दीक्षित
गांव जौंरा निवासी किसान संजू दीक्षित ने बताया कि उनके खेत में आलू तंबाकू केला सहित सभी फसलें हैं। इन्हें बचाने के उपाय किए जा रहे हैं। कोहरा और पाला से फसलों की पैदावार आधी रह जाती है।
फोटो-16, रामलाल
गांव टिलियां निवासी किसान रामलाल ने बताया कि फसलों को बचाने के लिए किसानों ने कीटनाशक का छिड़काव शुरू कर दिया है। अभी शीतलहर व पाला का असर रहेगा। फसलों को बचाने के लिए खेत में नमी बनाए रखने के लिए फसलों में हल्की सिंचाई की जा रही है।
पाला से फसल बचाने के लिए किसान यह करें
कृषि वैज्ञानिक डॉ. संजय कुमार सिंह ने बताया ने कहा कि आलू, तंबाकू, केले में झुलसा लग रहा है। इस समय किसान खेत में नमी बनाए रखें। केले में शाम के समय धुआं करना चाहिए। नाइट्रोजन वाले कोई भी उर्वरक किसी फसल में इस्तेमाल न करें। केले की फसल में कॉपर आक्सिक्लोराइड डेढ़ दो ग्राम प्रति लीटर पानी मिलाकर स्प्रे करें। आलू को झुलसा से बचाने के लिए साइकोकसेनी व मैंको जेब 2 से 3 ग्राम दवा प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें। इससे फसल में रोग नहीं लगेंगे। उन्होंने किसानों से अपील की है कि बदल रहे इस मौसम में फसलों की सुरक्षा के लिए समय पर दवाओं का छिड़काव करें।
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कायमगंज क्षेत्र में किसान आलू, मटर, गेहूं की परंपरागत खेती के अलावा केला, तंबाकू की फसल बहुतायत में करते हैं। मौसम में बदलाव के चलते जरा सी लापरवाही किसानों के लिए भारी पड़ सकती है। कोहरे और पाला से जहां आलू में झुलसा रोग लगने की आशंका रहती है।
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वहीं, फूल और फली वाले फसलों में कोहरे के चलते फंगस लगने लगता है। क्षेत्र के गांव जौंरा, टिलियां, मऊ रशीदाबाद, अताईपुर, लालबाग, कटरा आदि ग्रामों में केला की फसल के अलावा तंबाकू बड़े पैमाने पर की जाती है। आलू की खेती किसान बहुतायत संख्या में करते हैं। पिछले हफ्ते से शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है। बदलते मौसम ने खेती करने वाले किसानों की चिंता बढ़ा दी है। केले और तंबाकू की बढ़वार रुक गई है। पत्ते झुलसने लगे हैं। आलू में झुलसा रोग लगने की आशंका बढ़ गई है।
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फोटो-15, संजू दीक्षित
गांव जौंरा निवासी किसान संजू दीक्षित ने बताया कि उनके खेत में आलू तंबाकू केला सहित सभी फसलें हैं। इन्हें बचाने के उपाय किए जा रहे हैं। कोहरा और पाला से फसलों की पैदावार आधी रह जाती है।
फोटो-16, रामलाल
गांव टिलियां निवासी किसान रामलाल ने बताया कि फसलों को बचाने के लिए किसानों ने कीटनाशक का छिड़काव शुरू कर दिया है। अभी शीतलहर व पाला का असर रहेगा। फसलों को बचाने के लिए खेत में नमी बनाए रखने के लिए फसलों में हल्की सिंचाई की जा रही है।
पाला से फसल बचाने के लिए किसान यह करें
कृषि वैज्ञानिक डॉ. संजय कुमार सिंह ने बताया ने कहा कि आलू, तंबाकू, केले में झुलसा लग रहा है। इस समय किसान खेत में नमी बनाए रखें। केले में शाम के समय धुआं करना चाहिए। नाइट्रोजन वाले कोई भी उर्वरक किसी फसल में इस्तेमाल न करें। केले की फसल में कॉपर आक्सिक्लोराइड डेढ़ दो ग्राम प्रति लीटर पानी मिलाकर स्प्रे करें। आलू को झुलसा से बचाने के लिए साइकोकसेनी व मैंको जेब 2 से 3 ग्राम दवा प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें। इससे फसल में रोग नहीं लगेंगे। उन्होंने किसानों से अपील की है कि बदल रहे इस मौसम में फसलों की सुरक्षा के लिए समय पर दवाओं का छिड़काव करें।