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Farrukhabad News: बाढ़ उतरी, 100 से अधिक गांव प्रभावित, महामारी का खतरा बढ़ा

Mon, 15 Sep 2025 12:03 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद Updated Mon, 15 Sep 2025 12:03 AM IST
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Floods subsided, more than 100 villages affected, threat of epidemic increased
फोटो- 39, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चारों ओर भरा बाढ़ का पानी। संवाद
अमृतपुर। गंगा और रामगंगा की बाढ़ अब पूरी तरह उतर चुकी है, लेकिन पीछे तबाही के गहरे निशान छोड़ गई है। घर, खेत और सड़कें लंबे समय तक डूबे रहने से भारी नुकसान हुआ है। अब धीरे-धीरे ग्रामीण अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं।
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वहीं, बाढ़ से 100 से अधिक गांव प्रभावित हुए हैं, अब यहां महामारी का खतरा बढ़ गया है। बाढ़ का पानी उतरने के बाद चारों ओर कीचड़, दुर्गंध और गंदगी का अंबार लग गया है। इससे महामारी फैलने की आशंका ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
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गांव अंबरपुर की मड़ैया, मंझा, करनपुर घाट, हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर, तीसराम की मड़ैया, सुंदरपुर, नगला दुर्गू, जगतपुर, उदयपुर, बरुआ, हमीरपुर सोमवंशी, कुतुलूपुर, जोगराजपुर, सैदापुर, पट्टी भरखा, चित्रकूट, पट्टी बदनपुर, सवितापुर सहित करीब 100 गांव बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
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फूस से बने कई मकान पूरी तरह ढह गए, वहीं पक्के मकानों की नींव पानी में डूबे रहने से कमजोर हो गई है। कहीं पूरी दीवार गिर गई तो कहीं छत टूट गई। मंझा गांव के परशुराम का मकान गिर गया, जबकि शिवाकांत की दीवार ढह गई।


सड़ चुका अनाज और बर्बाद सामान
फकरपुर, कुड़री सारंगपुर के राजेश, निरंजन, अनुज, कुलदीप आदि ने बताया कि एक माह से अधिक समय तक पानी घरों में भरा रहने से अनाज सड़ गया है। जरूरी सामान खराब हो गया। जब घरों को लौटे तो कई फीट कीचड़ जमा मिला, जिससे रहना मुश्किल हो गया है।


महामारी का डर
बलीपट्टी गंगा सोता नाला पुल के पास मंझा गांव के रामनिवास, संतोष, पप्पू, रतनपाल, आदेश और सुरेश ने बताया कि बाढ़ से गंगा किनारे बसे गांवों में गंदगी और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। इससे महामारी फैलने का खतरा मंडरा रहा है।

झोपड़ी में रहने वालों को प्रशासन से मदद की आस
अमृतपुर। गंगा की बाढ़ का पानी उतरने के बाद ग्रामीण अब अपने घरों की सफाई में जुट गए हैं। कई घरों में कई फीट तक सिल्ट जम गई है, जिसे हटाने में लोगों को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। अंबरपुर निवासी जितेंद्र कुमार ने बताया कि उनके घर में 45 दिन से अधिक समय तक पानी भरा रहा।
अब घरों की धुलाई और सफाई का कार्य किया जा रहा है। जिन परिवारों के पास फूस की झोपड़ियां हैं, उनके घरों में कीचड़ भर जाने से सबसे अधिक परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि मच्छरों और गंदगी के कारण संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन जल्द से जल्द सफाई और कीटनाशक छिड़काव की व्यवस्था कराए, ताकि वे सामान्य जीवन की ओर लौट सकें। (संवाद)

गंगा-रामगंगा का जलस्तर घटा, मुश्किलें बरकरार
फर्रुखाबाद। रविवार को गंगा के जलस्तर में पांच सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई। गंगा का जलस्तर 136.65 मीटर से घटकर चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर पर पहुंच गया। वहीं रामगंगा का जलस्तर 136.20 मीटर से कम होकर 136.10 मीटर पर आ गया।

नरौरा बांध से 80,447 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। ग्रामीणों का कहना है कि जब पानी भरा था तो नाव और मोटरबोट से आवागमन संभव था, लेकिन अब जलस्तर घटने से नाव भी नहीं चल पा रही। इससे आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। (संवाद)
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