{"_id":"6ad914609cf47d818e07e21e","slug":"flood-victims-have-neither-received-possession-of-the-allotted-land-nor-the-funds-for-housing-they-have-appealed-to-the-district-magistrate-dm-farrukhabad-news-c-222-1-sknp1016-150494-2026-10-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: बाढ़ पीड़ितों को पट्टे की भूमि पर कब्जा मिला न आवास की धनराशि, डीएम से गुहार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: बाढ़ पीड़ितों को पट्टे की भूमि पर कब्जा मिला न आवास की धनराशि, डीएम से गुहार
विज्ञापन
- डेढ़ माह पहले मुख्यमंत्री ने दिया पट्टा व आवास की चेक
- सड़क किनारे दिन गुजार रहे बाढ़ पीड़ित लगा रहे चक्कर
संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। डेढ़ माह पहले मुख्यमंत्री ने मंच पर बुलाकर बाढ़ पीड़ितों को आवासीय पट्टा व आवास के लिए 1.20 रुपये का स्वीकृतपत्र दिया। प्रशासन अब तक उन्हें न तो पट्टे की भूमि पर कब्जा दिला सका और न ही उनके खाते में आवास की धनराशि ही हस्तांतरित हुई। तीन माह से सड़क किनारे जिंदगी गुजार रहीं बाढ़ पीड़ित महिलाएं फिर कलक्ट्रेट पहुंचीं और डीएम से शिकायत की। एडीएम ने उन्हें आश्वासन दिया।
बाढ़ की विभीषिका से बर्बाद हुए ग्रामीण बेघर होने से सड़क किनारे जिंदगी गुजार रहे हैं। बाढ़ पीड़ितों का दर्द सुनने और उन्हें राहत सामग्री वितरित करने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तीन सितंबर को पुलिस लाइन मैदान में आए थे। हेलीकॉप्टर से बाढ़ क्षेत्र का निरीक्षण भी किया था। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों को मंच पर बुलाकर बेघर हुए गरीबों को आवासीय पट्टा का स्वीकृत पत्र दिया था। साथ ही आवास बनाने के लिए एक लाख 20 हजार रुपये का चेक दिया था। मुख्यमंत्री के फरमान पर अधिकारियों ने शीघ्र ही आवास की धनराशि खाते में हस्तांतरित करने और पट्टे की भूमि पर कब्जा दिलाने का भरोसा दिया था।
मुख्यमंत्री की सभा के एक माह 18 दिन बाद भी प्रशासन न तो आवासीय पट्टे की भूमि पर कब्जा दिला सका और न ही बाढ़ पीड़ितों के खाते में आवास की धनराशि ट्रांसफर हुई। गंगा की बाढ़ के चलते तीन माह से सड़क किनारे जीवन यापन कर रहे बाढ़ पीड़ितों के सब्र का बांध टूट गया और बुधवार सुबह वह कलक्ट्रेट पहुंच गए। बढ़पुर ब्लॉक क्षेत्र के गांव कटरी भीमपुर दौली की मड़ैया निवासी कीर्ति, दुर्गा, लज्जावती, रानी, रामकली, गिरजा देवी, श्याम देवी, दुर्गा, ज्ञान देवी, सीमा देवी, फूल देवी, दिलीप की मड़ैया निवासी कुसमा देवी आदि महिलाएं डीएम डॉ. अंकुर लाठर से मिलीं। महिलाओं ने बताया कि वह लोग तीसरी बार डीएम से मिलने आई हैं। हर बार बजट न होने की बात कह दी जाती है। मुख्यमंत्री से मिला पट्टा व आवास भी अधिकारी नहीं दे रहे हैं।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- --
एडीएम से महिलाओं ने जताई नाराजगी
एडीएम अरुण कुमार सिंह ने महिलाओं से मिलकर मामले की जानकारी ली। इस पर महिलाओं ने कहा कि आखिर पट्टे की भूमि क्यों नहीं मिल रही है। आवास का पैसा कब मिलेगा। कितने चक्कर लगवाए जाएंगे। कब तक सड़क किनारे जीवन यापन करें। कोई अधिकारी सही जवाब ही नहीं दे रहा है। इस पर एडीएम ने कहा कि अब किसी को यहां नहीं आना पड़ेगा। बृहस्पतिवार को राजस्व टीम भेजकर भूमि चिह्नित कराकर बाढ़ पीड़ितों को कब्जा दिलाया जाएगा। शासन से बजट मांगा गया है। बजट मिलते ही आवास की धनराशि बाढ़ पीड़ितों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।
विज्ञापन
- सड़क किनारे दिन गुजार रहे बाढ़ पीड़ित लगा रहे चक्कर
संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। डेढ़ माह पहले मुख्यमंत्री ने मंच पर बुलाकर बाढ़ पीड़ितों को आवासीय पट्टा व आवास के लिए 1.20 रुपये का स्वीकृतपत्र दिया। प्रशासन अब तक उन्हें न तो पट्टे की भूमि पर कब्जा दिला सका और न ही उनके खाते में आवास की धनराशि ही हस्तांतरित हुई। तीन माह से सड़क किनारे जिंदगी गुजार रहीं बाढ़ पीड़ित महिलाएं फिर कलक्ट्रेट पहुंचीं और डीएम से शिकायत की। एडीएम ने उन्हें आश्वासन दिया।
बाढ़ की विभीषिका से बर्बाद हुए ग्रामीण बेघर होने से सड़क किनारे जिंदगी गुजार रहे हैं। बाढ़ पीड़ितों का दर्द सुनने और उन्हें राहत सामग्री वितरित करने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तीन सितंबर को पुलिस लाइन मैदान में आए थे। हेलीकॉप्टर से बाढ़ क्षेत्र का निरीक्षण भी किया था। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों को मंच पर बुलाकर बेघर हुए गरीबों को आवासीय पट्टा का स्वीकृत पत्र दिया था। साथ ही आवास बनाने के लिए एक लाख 20 हजार रुपये का चेक दिया था। मुख्यमंत्री के फरमान पर अधिकारियों ने शीघ्र ही आवास की धनराशि खाते में हस्तांतरित करने और पट्टे की भूमि पर कब्जा दिलाने का भरोसा दिया था।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री की सभा के एक माह 18 दिन बाद भी प्रशासन न तो आवासीय पट्टे की भूमि पर कब्जा दिला सका और न ही बाढ़ पीड़ितों के खाते में आवास की धनराशि ट्रांसफर हुई। गंगा की बाढ़ के चलते तीन माह से सड़क किनारे जीवन यापन कर रहे बाढ़ पीड़ितों के सब्र का बांध टूट गया और बुधवार सुबह वह कलक्ट्रेट पहुंच गए। बढ़पुर ब्लॉक क्षेत्र के गांव कटरी भीमपुर दौली की मड़ैया निवासी कीर्ति, दुर्गा, लज्जावती, रानी, रामकली, गिरजा देवी, श्याम देवी, दुर्गा, ज्ञान देवी, सीमा देवी, फूल देवी, दिलीप की मड़ैया निवासी कुसमा देवी आदि महिलाएं डीएम डॉ. अंकुर लाठर से मिलीं। महिलाओं ने बताया कि वह लोग तीसरी बार डीएम से मिलने आई हैं। हर बार बजट न होने की बात कह दी जाती है। मुख्यमंत्री से मिला पट्टा व आवास भी अधिकारी नहीं दे रहे हैं।
विज्ञापन
एडीएम से महिलाओं ने जताई नाराजगी
एडीएम अरुण कुमार सिंह ने महिलाओं से मिलकर मामले की जानकारी ली। इस पर महिलाओं ने कहा कि आखिर पट्टे की भूमि क्यों नहीं मिल रही है। आवास का पैसा कब मिलेगा। कितने चक्कर लगवाए जाएंगे। कब तक सड़क किनारे जीवन यापन करें। कोई अधिकारी सही जवाब ही नहीं दे रहा है। इस पर एडीएम ने कहा कि अब किसी को यहां नहीं आना पड़ेगा। बृहस्पतिवार को राजस्व टीम भेजकर भूमि चिह्नित कराकर बाढ़ पीड़ितों को कब्जा दिलाया जाएगा। शासन से बजट मांगा गया है। बजट मिलते ही आवास की धनराशि बाढ़ पीड़ितों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।