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Farrukhabad News: पहले दबाए रहे रिपोर्ट हाईकोर्ट ने बुलाया तो वकील के घर दे दी थी दबिश
Thu, 16 Oct 2025 12:54 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Thu, 16 Oct 2025 12:54 AM IST
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फर्रुखाबाद। हाईकोर्ट ने प्रीति के अधिवक्ता पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर बुधवार को भी नाराजगी जताई। कोर्ट ने पूछा कि नाै तारीख को आपको हाईकोर्ट में आकर व्यक्तिगत रूप से हलफनामा देने के लिए कहा गया।
दस तारीख को यह खबर मीडिया में भी आ गई। फिर आपने 11 अक्तूबर को अधिवक्ता अखिलेश मिश्रा के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी। वह भी एक पुराने मामले में।
दरअसल 11 अक्तूबर को फतेहगढ़ पुलिस ने प्रीती के पैरोकार भोलेपुर निवासी अधिवक्ता अवधेश मिश्रा पर फतेहगढ़ कोतवाली में रंगदारी, झूठे मामले में फंसाने, उम्रकैद के लिए उकसाने समेत नौ धाराओं में रिपोर्ट लिखाई थी। अफसरों के निर्देश पर पुलिस पांच दिन तक यह रिपोर्ट दबाए रही। इसी मुकदमे में गिरफ्तार करने के लिए पुलिस ने अधिवक्ता के घर दबिश दी थी।
फतेहगढ़ कोतवाली के गांव बधौआ निवासी अजय चौहान की तहरीर पर पुलिस ने 11 अक्तूबर की रात साढ़े आठ बजे भोलेपुर निवासी अधिवक्ता अवधेश मिश्रा और कादरीगेट थाने की एक युवती व तीन अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट लिखी थी। इसमें अजय ने कहा था कि एक युवती ने 2020 में उसके खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म समेत कई धाराओं में रिपोर्ट लिखाई थी। इसी सिलसिले में उन्होंने अधिवक्ता अवधेश मिश्रा से मुलाकात की।
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आरोप है कि उन्होंने विवेचना से नाम निकलवाने के लिए एक लाख रुपये मांगे। उसने बयान से दो दिन पहले रुपये दे दिए। विवेचना में पुलिस ने जहर या अन्य हानिकारक पदार्थ समेत तीन धाराओं में चार्जशीट दाखिल की। फिर अधिवक्ता ने 50 हजार रुपये लिए। आरोप है कि इसके बाद अग्रिम विवेचना का आदेश करवा दिया, लेकिन अधिवक्ता ने दो लाख रुपये न देने पर पीड़िता के बयान करवाकर जेल भिजवाने की धमकी दी। अजय के अनुसार उसने पत्नी के जेवरात गिरवीं रखकर एक लाख रुपये दिए। अभी तक जेल भिजवाने की धमकी दी जाती रही।
आरोप है कि 10 सितंबर को अवधेश मिश्रा, युवती और तीन अज्ञात लोगों ने पांच लाख रुपये रंगदारी मांगी। न देने पर परिवार को बर्बाद करने, अभियुक्त बनवाने में असफल होने पर परिवार सहित हत्या करवाकर फेंकवाने की धमकी दी। पीड़ित ने अधिवक्ता के साथ हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग भी होने की बात कही।
इसी मुकदमे के तुरंत बाद कई धाराओं की पुलिस ने रिपोर्ट लिखी। इसके बाद अधिवक्ता के घर दबिश देकर गिरफ्तारी का प्रयास किया गया। रिपोर्ट लिखने के तुरंत बाद पुलिस के हरकत में आई। इससे कई तरह के सवाल खड़े हो गए।
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अधिवक्ता पर लगाई गईं यह धाराएं
फतेहगढ़ कोतवाली में अधिवक्ता अवधेश मिश्रा, युवती और तीन अज्ञात पर धारा 55, 111 (2), 230, 232, 248(बी), 308(6), 61(2)(ए), 351(3) और बीएनएस 356(1) शामिल है।
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दस तारीख को यह खबर मीडिया में भी आ गई। फिर आपने 11 अक्तूबर को अधिवक्ता अखिलेश मिश्रा के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी। वह भी एक पुराने मामले में।
दरअसल 11 अक्तूबर को फतेहगढ़ पुलिस ने प्रीती के पैरोकार भोलेपुर निवासी अधिवक्ता अवधेश मिश्रा पर फतेहगढ़ कोतवाली में रंगदारी, झूठे मामले में फंसाने, उम्रकैद के लिए उकसाने समेत नौ धाराओं में रिपोर्ट लिखाई थी। अफसरों के निर्देश पर पुलिस पांच दिन तक यह रिपोर्ट दबाए रही। इसी मुकदमे में गिरफ्तार करने के लिए पुलिस ने अधिवक्ता के घर दबिश दी थी।
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फतेहगढ़ कोतवाली के गांव बधौआ निवासी अजय चौहान की तहरीर पर पुलिस ने 11 अक्तूबर की रात साढ़े आठ बजे भोलेपुर निवासी अधिवक्ता अवधेश मिश्रा और कादरीगेट थाने की एक युवती व तीन अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट लिखी थी। इसमें अजय ने कहा था कि एक युवती ने 2020 में उसके खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म समेत कई धाराओं में रिपोर्ट लिखाई थी। इसी सिलसिले में उन्होंने अधिवक्ता अवधेश मिश्रा से मुलाकात की।
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आरोप है कि उन्होंने विवेचना से नाम निकलवाने के लिए एक लाख रुपये मांगे। उसने बयान से दो दिन पहले रुपये दे दिए। विवेचना में पुलिस ने जहर या अन्य हानिकारक पदार्थ समेत तीन धाराओं में चार्जशीट दाखिल की। फिर अधिवक्ता ने 50 हजार रुपये लिए। आरोप है कि इसके बाद अग्रिम विवेचना का आदेश करवा दिया, लेकिन अधिवक्ता ने दो लाख रुपये न देने पर पीड़िता के बयान करवाकर जेल भिजवाने की धमकी दी। अजय के अनुसार उसने पत्नी के जेवरात गिरवीं रखकर एक लाख रुपये दिए। अभी तक जेल भिजवाने की धमकी दी जाती रही।
आरोप है कि 10 सितंबर को अवधेश मिश्रा, युवती और तीन अज्ञात लोगों ने पांच लाख रुपये रंगदारी मांगी। न देने पर परिवार को बर्बाद करने, अभियुक्त बनवाने में असफल होने पर परिवार सहित हत्या करवाकर फेंकवाने की धमकी दी। पीड़ित ने अधिवक्ता के साथ हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग भी होने की बात कही।
इसी मुकदमे के तुरंत बाद कई धाराओं की पुलिस ने रिपोर्ट लिखी। इसके बाद अधिवक्ता के घर दबिश देकर गिरफ्तारी का प्रयास किया गया। रिपोर्ट लिखने के तुरंत बाद पुलिस के हरकत में आई। इससे कई तरह के सवाल खड़े हो गए।
अधिवक्ता पर लगाई गईं यह धाराएं
फतेहगढ़ कोतवाली में अधिवक्ता अवधेश मिश्रा, युवती और तीन अज्ञात पर धारा 55, 111 (2), 230, 232, 248(बी), 308(6), 61(2)(ए), 351(3) और बीएनएस 356(1) शामिल है।