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दुकान व झोपड़ी में लगी आग से हजारों का नुकसान
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आग से जलकर राख हुए खोखे को दिखाता दुकानदार। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : FARRUKHABAD
शमसाबाद। खेत में लकड़ी के खोखे में रखी दुकान व झोपड़ी में रात को आग लग गई। इससे करीब तीस हजार रुपये का नुकसान हो गया। जिस स्थान पर दुकान रखी थी। उससे डेढ़ सौ मीटर की दूरी पर ही राजमिस्त्री का सोमवार सुबह शव पड़ा मिला था। इसके चलते ही दुकानदार रात को परिजनों के साथ घर सोने चला गया था।
थानाक्षेत्र के गांव उलियापुर चंपतपुर निवासी दिव्यांग रामदास फर्रुखाबाद-बेला सरायगजा मार्ग पर गांव से कुछ दूरी पर अपने खेत में झोपड़ी रखे थे। वहीं उन्होंने लकड़ी के खोखे में परचून की दुकान रख ली थी। गांव हुसैनपुर तराई के राजमिस्त्री मोहनलाल का शव सोमवार सुबह उनकी दुकान से महज डेढ़ सौ मीटर की दूरी पर खेत में मिला था। इससे पहले रविवार शाम को मोहनलाल के घर न पहुंचने पर जब उसके पिता ने खोजबीन की थी तब मोहनलाल हत्यारोपी सुरेंद्र व संजीव के साथ इसी दुकान पर बैठा मिला था। इससे रामदास डरे हुए थे।
इसके चलते ही सोमवार शाम को वह दुकान जल्द बंद कर परिजनों के साथ घर में सोने चल गया था। रात करीब 12 बजे गांव के लोगों ने दुकान में आग लगी देखी। तो रामदास को सूचना दी। इस पर रामदास ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे। लेकिन तब तक दुकान व झोपड़ी पूरी तरह जल चुकी थी। रामदास ने मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की। रामदास ने बताया कि आग से करीब तीस हजार रुपये का नुकसान हुआ है। चौकी इंचार्ज चिलसरा रामनिरंजन ने बताया कि रामदास ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है। आग कैसे लगी यह स्पष्ट नहीं हो सका है।
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थानाक्षेत्र के गांव उलियापुर चंपतपुर निवासी दिव्यांग रामदास फर्रुखाबाद-बेला सरायगजा मार्ग पर गांव से कुछ दूरी पर अपने खेत में झोपड़ी रखे थे। वहीं उन्होंने लकड़ी के खोखे में परचून की दुकान रख ली थी। गांव हुसैनपुर तराई के राजमिस्त्री मोहनलाल का शव सोमवार सुबह उनकी दुकान से महज डेढ़ सौ मीटर की दूरी पर खेत में मिला था। इससे पहले रविवार शाम को मोहनलाल के घर न पहुंचने पर जब उसके पिता ने खोजबीन की थी तब मोहनलाल हत्यारोपी सुरेंद्र व संजीव के साथ इसी दुकान पर बैठा मिला था। इससे रामदास डरे हुए थे।
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इसके चलते ही सोमवार शाम को वह दुकान जल्द बंद कर परिजनों के साथ घर में सोने चल गया था। रात करीब 12 बजे गांव के लोगों ने दुकान में आग लगी देखी। तो रामदास को सूचना दी। इस पर रामदास ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे। लेकिन तब तक दुकान व झोपड़ी पूरी तरह जल चुकी थी। रामदास ने मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की। रामदास ने बताया कि आग से करीब तीस हजार रुपये का नुकसान हुआ है। चौकी इंचार्ज चिलसरा रामनिरंजन ने बताया कि रामदास ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है। आग कैसे लगी यह स्पष्ट नहीं हो सका है।
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