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Farrukhabad News: गैस एजेंसी मालिक व पत्नी सहित छह पर धोखाधड़ी की प्राथमिकी

Wed, 23 Sep 2026 11:56 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 23 Sep 2026 11:56 PM IST
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FIR for fraud registered against six people, including a gas agency owner and his wife.
फर्रुखाबाद। न्यायालय के आदेश पर फतेहगढ़ कोतवाली में एक गैस एजेंसी मालिक, उसकी पत्नी और चार अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। इन पर गैस एजेंसी को फर्जी तरीके से अपने नाम कराने का आरोप है।
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फतेहगढ़ के हाथीखाना निवासी अजय पाल ने यह प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनके दिव्यांग पिता देशदीपक और माधुरी देवी को वर्ष 1984-85 में एलपीजी वितरण का लाइसेंस मिला था। वे दोनों गैस एजेंसी का संचालन करते थे। अभय गोस्वामी के पिता बृजनंदन लाल गोस्वामी ने गोदाम और कार्यालय के लिए अपनी भूमि किराये पर दी थी।
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माधुरी देवी की मृत्यु वर्ष 2018 में हुई, जिसके बाद अभय गोस्वामी ने साझेदारी का प्रस्ताव रखा। एक अक्तूबर 2020 को देशदीपक और अभय की पत्नी आरती गोस्वामी के बीच 51 फीसदी और 49 फीसदी भागीदारी का अनुबंध हुआ। अजय पाल के अनुसार, देशदीपक अभय गोस्वामी पर बहुत विश्वास करते थे। उन्होंने अभय के कहने पर कई कोरे कागजों पर हस्ताक्षर किए।
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देशदीपक का स्वास्थ्य खराब होने पर वर्ष 2022 में नई साझेदारी विलेख बनाने की बात कही गई, लेकिन अभय गोस्वामी टाल-मटोल करते रहे। 30 जुलाई 2025 को देशदीपक की मृत्यु हो गई। इसके बाद अजय पाल ने अक्तूबर 2020 से जुलाई 2025 तक का हिसाब मांगा। अभय गोस्वामी ने न्यायालय में उत्तराधिकार का मुकदमा दायर किया, जिसमें कथित तौर पर गलत तथ्य प्रस्तुत किए गए।

15 अप्रैल 2026 को अजय पाल को एसबीआई सधवाड़ा से एक रजिस्ट्री मिली। इससे पता चला कि अभय गोस्वामी ने बिना सहमति के बलराम गैस एजेंसी के नाम पर खाता खुलवाया था। पहले फर्म का खाता सेंट्रल बैंक में संचालित था। इस धोखाधड़ी के कारण इंडियन पावर कार्पोरेशन ने गैस एजेंसी का लाइसेंस तीन माह के लिए निलंबित कर दिया। 28 अप्रैल 2026 को अभय और आरती ने कथित तौर पर फर्जी साझेदारी विलेख बनवा लिया। पुलिस द्वारा सुनवाई न होने पर अजय पाल ने न्यायालय का रुख किया, जिसके बाद प्राथमिकी दर्ज हुई।
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