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दहेज में बाइक व चढ़ावे में जेवर न लाने पर मारपीट
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मोहम्मदाबाद। दहेज में बाइक व चढ़ावे में साड़ी कम और जेवर न लाने पर बराती व लड़की पक्ष में मारपीट हो गई। सुबह होने से पहले ही बराती वापस चले गए।
दूल्हा जब जाने लगा तो लड़की पक्ष के लोगों ने उसे रोक लिया और समझाया। इसके बाद दिन में भांवरें डलवाकर विवाह कराया गया। तब कहीं जाकर दुल्हन विदा की गई।
थाना क्षेत्र के गांव मरहाला निवासी सुरेश की पुत्री ज्योति की बरात शुक्रवार को जनपद इटावा के गांव भाला सईया से आई थी। विवाह में दहेज में बाइक, सोने की चेन व अन्य सामान की बात तय हुई थी।
बाइक न देखकर दूल्हा शिव मंगल व उसके पिता कुंवरपाल भड़क गए। इस पर दोनों पक्षों के कहासुनी होने लगी। सुबह चार बजे चढ़ावे में साड़ी की संख्या कम व जेवर न होने पर लड़की के परिजन गुस्सा गए।
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इस पर बरातियों व घरातियों में जमकर मारपीट हुई। इसके बाद बराती वहां से खिसक गए। शनिवार सुबह दूल्हा भी बिना दुल्हन के जाने लगा। इस पर लड़की पक्ष के लोगों ने उसे रोक लिया और समझाकर शांत करके बाइक देने का भरोसा दिया।
दिन में 11 बजे भांवरें पड़ी और उसके बाद ज्योति व शिव मंगल एक साथ विदा हुए। कोतवाल राकेश कुमार ने बताया कि उन्हें इस संदर्भ में कोई जानकारी नहीं है।
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दूल्हा जब जाने लगा तो लड़की पक्ष के लोगों ने उसे रोक लिया और समझाया। इसके बाद दिन में भांवरें डलवाकर विवाह कराया गया। तब कहीं जाकर दुल्हन विदा की गई।
थाना क्षेत्र के गांव मरहाला निवासी सुरेश की पुत्री ज्योति की बरात शुक्रवार को जनपद इटावा के गांव भाला सईया से आई थी। विवाह में दहेज में बाइक, सोने की चेन व अन्य सामान की बात तय हुई थी।
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बाइक न देखकर दूल्हा शिव मंगल व उसके पिता कुंवरपाल भड़क गए। इस पर दोनों पक्षों के कहासुनी होने लगी। सुबह चार बजे चढ़ावे में साड़ी की संख्या कम व जेवर न होने पर लड़की के परिजन गुस्सा गए।
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इस पर बरातियों व घरातियों में जमकर मारपीट हुई। इसके बाद बराती वहां से खिसक गए। शनिवार सुबह दूल्हा भी बिना दुल्हन के जाने लगा। इस पर लड़की पक्ष के लोगों ने उसे रोक लिया और समझाकर शांत करके बाइक देने का भरोसा दिया।
दिन में 11 बजे भांवरें पड़ी और उसके बाद ज्योति व शिव मंगल एक साथ विदा हुए। कोतवाल राकेश कुमार ने बताया कि उन्हें इस संदर्भ में कोई जानकारी नहीं है।