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कोरोना का डर, अभिभावक नहीं दे रहे सहमति पत्र

Tue, 20 Oct 2020 10:45 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 20 Oct 2020 10:45 PM IST
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Fear of corona, parents are not giving consent letter
कोरोना का डर, अभिभावक नहीं दे रहे सहमति पत्र
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फर्रुखाबाद। सात माह से बंद विद्यालय शासन के आदेश पर खुलने के दूसरे दिन भी विद्यार्थियों की संख्या कम रही। विद्यार्थी स्कूल तो आ रहे हैं, पर उनके पास अभिभावकों का सहमति पत्र न होने से लौटा दिया जाता है। अभिभावक कोरोना के डर से बच्चों को सहमति पत्र नहीं दे रहे हैं। ऐसे में कुछ ही विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या ठीक रही।
कक्षा 9 से 12 तक की कक्षाओं का शिफ्टवार संचालन कराने को सोमवार से इंटर कालेज खुल गए हैं। शासन की गाइड लाइन में स्कूल आने वाले विद्यार्थियों को अभिभावकों से सहमति पत्र लेना आवश्यक है। कोरोना के डर से कुछ अभिभावक सहमति पत्र देने से घबरा रहे हैं तो कुछ सहमति पत्र देकर बच्चों को विद्यालय भेज रहे हैं। कम अभिभावकों के ही सहमति पत्र देने से स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या नहीं बढ़ रही है।
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दूसरे दिन मंगलवार को जीआईसी फतेहगढ़ में कक्षा 9 में 12, कक्षा 10 में 14, कक्षा 11 में 26 और कक्षा 12 में 21 विद्यार्थी पहुंचे। जीजीआईसी फतेहगढ़ में सुबह पाली में कक्षा 9 में 50 छात्राएं और शाम पाली में कक्षा 11 की 10 छात्राएं विद्यालय पहुंचीं।
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केआर रस्तोगी इंटर कालेज फर्रुखाबाद में कक्षा 9 में 36, कक्षा 10 में 26, कक्षा 11 व 12 में 21 विद्यार्थी पहुंचे। एमआईसी फतेहगढ़ में कक्षा 9 में दो, कक्षा 10 व 12 में एक-एक विद्यार्थी पहुंचा। कक्षा 11 का कोई विद्यार्थी नहीं आया। रखा इंटर कालेज में कक्षा 9 से 12 तक कुल 30 छात्राएं उपस्थित हुईं।
जीआईसी फतेहगढ़ के प्रधानाचार्य एपी सिंह ने बताया कि विद्यार्थी बगैर सहमति पत्र के आ रहे हैं। गाइड लाइन के कारण उनको गेट से लौटा दिया जाता है। रखा गर्ल्स इंटर कालेज की प्रधानाचार्य नीतू मसीह ने बतहया कि अभिभावक सहमति पत्र देने से घबरा रहे हैं।

बगैर सहमति पत्र के छात्राओं को विद्यालय में प्रवेश नहीं दिया जा सकता है। एमआईसी के प्रधानाचार्य गिरिजा शंकर ने बताया कि मंगलवार को 25-30 विद्यार्थी आए, लेकिन सहमति पत्र कुछ के पास था। बिना सहमति पत्र आए बच्चों को गेट से लौटा दिया गया।
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