{"_id":"640771c9f16bf4afde0d40c5","slug":"fatiha-read-in-cemeteries-scattered-fragrance-farrukhabad-news-c-12-1-113490-2023-03-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: कब्रिस्तानों में पढ़ी फातिहा, बिखरी खुशबू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: कब्रिस्तानों में पढ़ी फातिहा, बिखरी खुशबू
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। शब-ए-बरात पर मुस्लिम समाज के लोग परिवार की महिलाओं व बच्चों के साथ देर रात तक अल्लाह की इबादत में मशगूल रहे। दुनिया से रुखसत होने वालों के लिए मगफिरत की दुआ मांगी गई। मुस्लिमों ने मस्जिदों और महिलाओं ने घरों में रातभर जागकर गुनाहों से तौबा की। शाम होते ही कब्रिस्तान रोशनी से जगमगाने लगीं। खुशबू की महक बिखरती दिखी।
शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों के कब्रिस्तानों में लोग पहुंचे। शब-ए-बरात के लिए कब्रिस्तानों में रोशनी के खास इंतजाम किए गए थे। कब्रिस्तानों में पहुंचकर दुनिया को छोड़ने वाले बुजुर्गों के लिए दुआ मांगी। अगरबत्ती की खुशबू से कब्रिस्तान महकते रहे। लाइटों की भी शानदार व्यवस्था की गई। लोगों ने कब्रिस्तानों में मोमबत्ती से रोशनी की। कब्रों के पास फातिहा दुरुद पढ़ी गई। इसके बाद मस्जिदों और घरों में रात में जागकर इबादत का दौर चलता रहा। लोगों ने रात भर इबादत कर सुबह सहरी कर एक दिन ही रोजा रखा।
शब-ए-बरात पर खुदा के सामने लोगों ने खूब रो-रोकर अपने गुनाहों से तौबा की। मुस्लिम मोहल्ला छावनी, शमशेरखानी, भीकमपुरा, खटकपुरा आदि में पूरी रात रौनक बनी रही। कारी मुख्तार आलम ने बताया कि शब-ए-बरात पाक रात है। मुस्लिम समाज को इस रात का इंतजार रहता है।
विज्ञापन
शहर काजी मौलाना मुताहिर अली ने बताया कि यह पाक रात है, जिसमें खुदा सभी मुसलमानों का हिसाब-किताब करता है। इसलिए रात में जागकर इबादत के साथ खूब दुआ करें और गुनाहों से तौबा करें गुनाहों से दूर रहें।
विज्ञापन
शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों के कब्रिस्तानों में लोग पहुंचे। शब-ए-बरात के लिए कब्रिस्तानों में रोशनी के खास इंतजाम किए गए थे। कब्रिस्तानों में पहुंचकर दुनिया को छोड़ने वाले बुजुर्गों के लिए दुआ मांगी। अगरबत्ती की खुशबू से कब्रिस्तान महकते रहे। लाइटों की भी शानदार व्यवस्था की गई। लोगों ने कब्रिस्तानों में मोमबत्ती से रोशनी की। कब्रों के पास फातिहा दुरुद पढ़ी गई। इसके बाद मस्जिदों और घरों में रात में जागकर इबादत का दौर चलता रहा। लोगों ने रात भर इबादत कर सुबह सहरी कर एक दिन ही रोजा रखा।
विज्ञापन
शब-ए-बरात पर खुदा के सामने लोगों ने खूब रो-रोकर अपने गुनाहों से तौबा की। मुस्लिम मोहल्ला छावनी, शमशेरखानी, भीकमपुरा, खटकपुरा आदि में पूरी रात रौनक बनी रही। कारी मुख्तार आलम ने बताया कि शब-ए-बरात पाक रात है। मुस्लिम समाज को इस रात का इंतजार रहता है।
विज्ञापन
शहर काजी मौलाना मुताहिर अली ने बताया कि यह पाक रात है, जिसमें खुदा सभी मुसलमानों का हिसाब-किताब करता है। इसलिए रात में जागकर इबादत के साथ खूब दुआ करें और गुनाहों से तौबा करें गुनाहों से दूर रहें।