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फर्रुखाबाद : जीपीएफ से लाखों निकलने पर महिला कर्मी ने किया हंगामा
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फर्रुखाबाद। सिंचाई विभाग में तैनात चतुर्थ श्रेणी महिलाकर्मी के जीपीएफ खाते से विभाग के ही कर्मचारियों ने लाखों रुपये निकाल लिए। गुरुवार को आई ऑडिट टीम से मिलने से रोकने पर महिला कर्मी ने हंगामा कर दिया। किसी भी लिपिक ने महिला की बात नहीं सुनी।
फतेहगढ़ से सटे गांव धन्सुआ निवासी रामप्यारी सिंचाई विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। उनके जीपीएफ खाते से करीब चार वर्ष पूर्व विभाग के लिपिकों ने चिकित्सा प्रतिपूर्ति के नाम पर हस्ताक्षर कराकर चार लाख निकाल लिए थे। बाद में पता चलने पर रामप्यारी ने विरोध किया तो तीन लिपिकों ने उन्हें नकद रुपये वापस किए थे, उसमें भी अभी कुछ बकाया हैं।
गुरुवार को जब विभाग में ऑडिट टीम पहुंची तो जांच के दौरान रामप्यारी को जानकारी हुई कि उनके जीपीएफ खाते से कई बार में 20 हजार, 50 हजार, एक लाख व 2.5 लाख रुपये तक निकाले गए। रामप्यारी जब ऑडिट टीम से मिलने गईं तो लिपिकों ने बाहर ही रोक लिया। रामप्यारी रो-रोकर चिल्लाती रहीं कि उन्हें बिना बताए जीपीएफ खाते से पांच-छह लाख रुपये आखिर किसने निकाले।
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रामप्यारी ने बताया कि उन्हें प्रति वर्ष जीपीएफ की स्लिप नहीं दी जाती है। चार वर्ष पूर्व चार लाख रुपये निकाल लिए गए थे। पता चलने पर तीन लिपिकों ने उन्हें रुपये वापस किए थे। इनमें दो रिटायर हो चुके हैं, जबकि एक अभी विभाग में तैनात है।
अब बिना बताए पांच-छह लाख रुपये निकाले जाने की वह शुक्रवार को अधिशासी अभियंता से लिखित शिकायत करेंगी। अधिशासी अभियंता दुर्ण कुमार ने बताया कि यदि कोई गड़बड़ी लगती है तो रामप्यारी उन्हें लिखकर दें। जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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फतेहगढ़ से सटे गांव धन्सुआ निवासी रामप्यारी सिंचाई विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। उनके जीपीएफ खाते से करीब चार वर्ष पूर्व विभाग के लिपिकों ने चिकित्सा प्रतिपूर्ति के नाम पर हस्ताक्षर कराकर चार लाख निकाल लिए थे। बाद में पता चलने पर रामप्यारी ने विरोध किया तो तीन लिपिकों ने उन्हें नकद रुपये वापस किए थे, उसमें भी अभी कुछ बकाया हैं।
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गुरुवार को जब विभाग में ऑडिट टीम पहुंची तो जांच के दौरान रामप्यारी को जानकारी हुई कि उनके जीपीएफ खाते से कई बार में 20 हजार, 50 हजार, एक लाख व 2.5 लाख रुपये तक निकाले गए। रामप्यारी जब ऑडिट टीम से मिलने गईं तो लिपिकों ने बाहर ही रोक लिया। रामप्यारी रो-रोकर चिल्लाती रहीं कि उन्हें बिना बताए जीपीएफ खाते से पांच-छह लाख रुपये आखिर किसने निकाले।
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रामप्यारी ने बताया कि उन्हें प्रति वर्ष जीपीएफ की स्लिप नहीं दी जाती है। चार वर्ष पूर्व चार लाख रुपये निकाल लिए गए थे। पता चलने पर तीन लिपिकों ने उन्हें रुपये वापस किए थे। इनमें दो रिटायर हो चुके हैं, जबकि एक अभी विभाग में तैनात है।
अब बिना बताए पांच-छह लाख रुपये निकाले जाने की वह शुक्रवार को अधिशासी अभियंता से लिखित शिकायत करेंगी। अधिशासी अभियंता दुर्ण कुमार ने बताया कि यदि कोई गड़बड़ी लगती है तो रामप्यारी उन्हें लिखकर दें। जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।