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स्वास्थ्य अधिकारियों के ठेंगे पर शासन के आदेश
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फर्रुखाबाद। स्वास्थ्य विभाग के अफसर शासन के आदेश को ठेंगा दिखा रहे हैं। सख्त निर्देश के बावजूद यह अफसर ओपीडी में नहीं बैठ रहे हैं। लापरवाही का आलम यह है कि 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिना डॉक्टर के फार्मासिस्ट के भरोसे चल रहे हैं।
डॉक्टरों की कमी के चलते शासन ने एक वर्ष पहले आदेश दिए थे कि सीएमओ सहित सभी स्वास्थ्य अधिकारी ओपीडी सेवाएं देंगे। जिले में यह आदेश कागजों तक ही सीमित रहा। जिले में सीएमओ सहित डॉक्टरों के 130 पर सृजित हैं। इसके सापेक्ष 50 की ही तैनाती है। इनमें 10 स्वास्थ्य अधिकारियों में से कोई भी ओपीडी सेवा नहीं दे रहा है। चार एसीएमओ व चार डिप्टी सीएमओ प्रशासनिक कार्य देख रहे हैं।
दो एसीएमओ बिना किसी प्रभार के डॉक्टरों की संख्या बढ़ा रहे हैं। इससे 40 डॉक्टरों के भरोसे लिंजीगंज सिविल अस्पताल सहित 10 सीएचसी व 32 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चलाए जा रहे हैं। इनमें कुछ डॉक्टर अपनी पहुंच के चलते मनमानी ड्यूटी कर पूरी पगार उठा रहे हैं।
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शासन से आदेश हैं कि डॉक्टरों की कमी के चलते सीएमओ, एसीओ व डिप्टी सीएमओ किसी भी सीएचसी व पीएचसी पर जाकर दो घंटे ओपीडी सेवा देंगे। इससे लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके। यह शासनादेश सिर्फ कागजों पर ही सीमित रह गया।
यह हैं स्वास्थ्य अधिकारी
एसीएमओ डॉ. दलवीर सिंह के पास सीएमओ का चार्ज है। इसके अलावा डॉ. सर्वेश यादव, डॉ. उमेश चंद्र वर्मा, डॉ. रंजन गौतम, डिप्टी सीएमओ डॉ. अनुराग वर्मा, डॉ. दीपक कटारिया, डॉ. प्रभात वर्मा व डॉ. उत्तम सिंह प्रशासनिक कार्यों तक सीमित हैं। वहीं एसीएमओ मो. मलिक आलमगीर व डॉ. हनी मल्होत्रा कोई जिम्मेदारी संभालना तो दूर की बात सीएमओ कार्यालय में भी नहीं दिखाई देते। वह अक्सर जिले से बाहर रहकर अपने काम देख रहे हैं।
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डॉक्टरों की कमी के चलते शासन ने एक वर्ष पहले आदेश दिए थे कि सीएमओ सहित सभी स्वास्थ्य अधिकारी ओपीडी सेवाएं देंगे। जिले में यह आदेश कागजों तक ही सीमित रहा। जिले में सीएमओ सहित डॉक्टरों के 130 पर सृजित हैं। इसके सापेक्ष 50 की ही तैनाती है। इनमें 10 स्वास्थ्य अधिकारियों में से कोई भी ओपीडी सेवा नहीं दे रहा है। चार एसीएमओ व चार डिप्टी सीएमओ प्रशासनिक कार्य देख रहे हैं।
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दो एसीएमओ बिना किसी प्रभार के डॉक्टरों की संख्या बढ़ा रहे हैं। इससे 40 डॉक्टरों के भरोसे लिंजीगंज सिविल अस्पताल सहित 10 सीएचसी व 32 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चलाए जा रहे हैं। इनमें कुछ डॉक्टर अपनी पहुंच के चलते मनमानी ड्यूटी कर पूरी पगार उठा रहे हैं।
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शासन से आदेश हैं कि डॉक्टरों की कमी के चलते सीएमओ, एसीओ व डिप्टी सीएमओ किसी भी सीएचसी व पीएचसी पर जाकर दो घंटे ओपीडी सेवा देंगे। इससे लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके। यह शासनादेश सिर्फ कागजों पर ही सीमित रह गया।
यह हैं स्वास्थ्य अधिकारी
एसीएमओ डॉ. दलवीर सिंह के पास सीएमओ का चार्ज है। इसके अलावा डॉ. सर्वेश यादव, डॉ. उमेश चंद्र वर्मा, डॉ. रंजन गौतम, डिप्टी सीएमओ डॉ. अनुराग वर्मा, डॉ. दीपक कटारिया, डॉ. प्रभात वर्मा व डॉ. उत्तम सिंह प्रशासनिक कार्यों तक सीमित हैं। वहीं एसीएमओ मो. मलिक आलमगीर व डॉ. हनी मल्होत्रा कोई जिम्मेदारी संभालना तो दूर की बात सीएमओ कार्यालय में भी नहीं दिखाई देते। वह अक्सर जिले से बाहर रहकर अपने काम देख रहे हैं।