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कम खरीद का दिखा असर, इस बार नहीं मिलेगा गेहूं
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फर्रुखाबाद। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के तहत माह के दूसरे चरण के मुफ्त राशन वितरण में इस पर कार्ड धारकों को गेहूं नहीं मिलेगा। गेहूं की जगह चावल दिया जाएगा। जनपद में गेहूं की सरकारी खरीद कम होने से इस बार मई में भी पंजाब व हरियाणा से गेहूं की मंगाया गया है।
सरकारी क्रय केंद्रों पर इस बार गेहूं काफी कम मात्रा में किसान ला रहे हैैं। इससे डेढ़ माह से अधिक समय बीतने के बावजूद लक्ष्य के सापेक्ष एक प्रतिशत भी गेहूं की खरीद नहीं हो सकी है। इसका सीधा असर हर माह दो बार मुफ्त मिलने वाले राशन पर दिख रहा है।
मई में प्रथम चरण के राशन वितरण में तो कार्डधारकों को चावल के साथ गेहूं भी मिला। जबकि दूसरे चरण के राशन वितरण में इस बार कार्डधारकों को गेहूं नहीं मिलेगा। पहले पांच किलो प्रति यूनिट राशन में तीन किलो गेहूं व दो किलो चावल मिलता था। अब पांच किलो प्रति यूनिट सिर्फ चावल वितरित किए जाएगा। गेहूं न मिलने से कार्डधारकों को झटका लग सकता है।
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41945.19 क्विंटल बंटता था गेहूं
जनपद में करीब तीन लाख 56 हजार राशन कार्डधारक हैं। इनमें 13 लाख से अधिक यूनिट हैं। दूसरे चरण में अंत्योदय व पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को पांच किलो प्रति यूनिट राशन (दो किलो चावल, तीन किलो गेहूं) निशुल्क दिया जाता है।
इससे जिले में 69908.65 क्विंटल कुल राशन का वितरण किया जाता है। इसमें 41945.19 क्विंटल गेहूं और 27963.46 क्विंटल चावल शामिल है। इस माह कार्डधारकों को गेहूं का आवंटन नहीं किया जाएगा। इससे सभी कार्डधारकों को पांच-पांच किलो चावल प्रति यूनिट के हिसाब से वितरित किया जाएगा।
गेहूं का कम हुआ उत्पादन
एफसीआई गोदाम के कर्मचारियों के अनुसार, जनपद में होने वाली सरकारी खरीद का गेहूं गोदाम में भंडारित किया जाता है। इस बार जिले में गेहूं का कम उत्पाद हुआ, इससे खरीद ही नहीं हो पा रही है। इससे चावल के साथ ही गेहूं की रैक भी पंजाब व हरियाणा से आ रही है।
नहीं बढ़ी गेहूं की खरीद
डिप्टी आरएमओ विवेक सिंह ने बताया कि जनपद में गेहूं की सरकारी खरीद अभी तक नहीं बढ़ पा रही है। पीएमजीकेएवाई के तहत गेहूं का आवंटन बंद कर दिया गया है। अब कार्डधारकों को दो किलो के स्थान पर पांच किलो चावल का ही वितरण किया जाएगा। इस संबंध में शासन से आदेश प्राप्त हो गया है।
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सरकारी क्रय केंद्रों पर इस बार गेहूं काफी कम मात्रा में किसान ला रहे हैैं। इससे डेढ़ माह से अधिक समय बीतने के बावजूद लक्ष्य के सापेक्ष एक प्रतिशत भी गेहूं की खरीद नहीं हो सकी है। इसका सीधा असर हर माह दो बार मुफ्त मिलने वाले राशन पर दिख रहा है।
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मई में प्रथम चरण के राशन वितरण में तो कार्डधारकों को चावल के साथ गेहूं भी मिला। जबकि दूसरे चरण के राशन वितरण में इस बार कार्डधारकों को गेहूं नहीं मिलेगा। पहले पांच किलो प्रति यूनिट राशन में तीन किलो गेहूं व दो किलो चावल मिलता था। अब पांच किलो प्रति यूनिट सिर्फ चावल वितरित किए जाएगा। गेहूं न मिलने से कार्डधारकों को झटका लग सकता है।
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41945.19 क्विंटल बंटता था गेहूं
जनपद में करीब तीन लाख 56 हजार राशन कार्डधारक हैं। इनमें 13 लाख से अधिक यूनिट हैं। दूसरे चरण में अंत्योदय व पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को पांच किलो प्रति यूनिट राशन (दो किलो चावल, तीन किलो गेहूं) निशुल्क दिया जाता है।
इससे जिले में 69908.65 क्विंटल कुल राशन का वितरण किया जाता है। इसमें 41945.19 क्विंटल गेहूं और 27963.46 क्विंटल चावल शामिल है। इस माह कार्डधारकों को गेहूं का आवंटन नहीं किया जाएगा। इससे सभी कार्डधारकों को पांच-पांच किलो चावल प्रति यूनिट के हिसाब से वितरित किया जाएगा।
गेहूं का कम हुआ उत्पादन
एफसीआई गोदाम के कर्मचारियों के अनुसार, जनपद में होने वाली सरकारी खरीद का गेहूं गोदाम में भंडारित किया जाता है। इस बार जिले में गेहूं का कम उत्पाद हुआ, इससे खरीद ही नहीं हो पा रही है। इससे चावल के साथ ही गेहूं की रैक भी पंजाब व हरियाणा से आ रही है।
नहीं बढ़ी गेहूं की खरीद
डिप्टी आरएमओ विवेक सिंह ने बताया कि जनपद में गेहूं की सरकारी खरीद अभी तक नहीं बढ़ पा रही है। पीएमजीकेएवाई के तहत गेहूं का आवंटन बंद कर दिया गया है। अब कार्डधारकों को दो किलो के स्थान पर पांच किलो चावल का ही वितरण किया जाएगा। इस संबंध में शासन से आदेश प्राप्त हो गया है।