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अब जिले में ही तैयार होंगे सभी अनाजों के बीज
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फर्रुखाबाद। अब जनपद में ही अनाज के बीज तैयार होंगे। इससे किसानों की आय बढ़ने के साथ बेहतर बीज भी उपलब्ध होंगे। जिले में लगाए गए दो बीज विधायन संयंत्रों का शुक्रवार को मुख्य विकास अधिकारी ने निरीक्षण किया। उन्होंने बेहतर काम करने के निर्देश दिए।
भारत सरकार की दृष्टि योजना के तहत दो कृषि उत्पादक संगठन (एफपीओ) को बीज विधायन संयंत्र दिए गए हैं। मोहम्मदाबाद क्षेत्र के गांव उखरा में संचालित एफपीओ फार्मर भूमित्रा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी व शमसाबाद के गांव नगला दुर्गू में प्रतीक फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी ने बीज विधायन संयंत्र लगाए हैं। मुख्य विकास अधिकारी एम. अरून्मोली, उप कृषि निदेशक राजकुमार व जिला कृषि अधिकारी डॉ. राकेश कुमार सिंह ने संयंत्रों का निरीक्षण किया।
सीडीओ ने संयंत्र के संबंध में पूरी जानकारी ली। उपकृषि निदेशक राजकुमार ने बताया कि दृष्टि योजना के तहत उन्होंने पांच एफपीओ की सूची भेजी थी। इनमें सबसे पुराने दो एफपीओ को प्लांट की मंजूरी मिली। अब उन्हें बीज विधायन संयंत्र भी उपलब्ध करा दिए गए हैं। एक संयंत्र की कीमत करीब 60 लाख रुपये होती है। इस पर सरकार 100 प्रतिशत छूट देती है।
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उन्होंने बताया कि इन संयंत्रों से धान, गेहूं, सरसों, मक्का, उड़द, मूूंग, अरहर, तिल आदि सभी अनाजों के बीज गुणवत्तायुक्त तैयार कर किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा। बीज तैैयार करने वाले काॉसानों को इसका बेहतर लाभ मिलेगा। इसके साथ ही सभी किसानों का उत्पादन भी अच्छा मिलेगा।
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भारत सरकार की दृष्टि योजना के तहत दो कृषि उत्पादक संगठन (एफपीओ) को बीज विधायन संयंत्र दिए गए हैं। मोहम्मदाबाद क्षेत्र के गांव उखरा में संचालित एफपीओ फार्मर भूमित्रा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी व शमसाबाद के गांव नगला दुर्गू में प्रतीक फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी ने बीज विधायन संयंत्र लगाए हैं। मुख्य विकास अधिकारी एम. अरून्मोली, उप कृषि निदेशक राजकुमार व जिला कृषि अधिकारी डॉ. राकेश कुमार सिंह ने संयंत्रों का निरीक्षण किया।
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सीडीओ ने संयंत्र के संबंध में पूरी जानकारी ली। उपकृषि निदेशक राजकुमार ने बताया कि दृष्टि योजना के तहत उन्होंने पांच एफपीओ की सूची भेजी थी। इनमें सबसे पुराने दो एफपीओ को प्लांट की मंजूरी मिली। अब उन्हें बीज विधायन संयंत्र भी उपलब्ध करा दिए गए हैं। एक संयंत्र की कीमत करीब 60 लाख रुपये होती है। इस पर सरकार 100 प्रतिशत छूट देती है।
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उन्होंने बताया कि इन संयंत्रों से धान, गेहूं, सरसों, मक्का, उड़द, मूूंग, अरहर, तिल आदि सभी अनाजों के बीज गुणवत्तायुक्त तैयार कर किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा। बीज तैैयार करने वाले काॉसानों को इसका बेहतर लाभ मिलेगा। इसके साथ ही सभी किसानों का उत्पादन भी अच्छा मिलेगा।