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गन्ने पर बढ़ा किसानों का भरोसा बढ़ा
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खेत में खड़ी गन्ने की फसल। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
कायमगंज। किसानों का गन्ने पर भरोसा बढ़ता जा रहा है। कम लागत और कम मेहनत में ज्यादा मुनाफा इन्हें रास आ रहा है। यही कारण है कि इस साल भी गन्ने का रकबा पांच फीसदी से ज्यादा बढ़ गया है।
कायमगंज की चीनी मिल की मशीनरी 47 साल पुरानी व जर्जर हालत में है। 12,500 क्विंटल प्रति दिन पेराई क्षमता वाली मिल क्षेत्र के पूरे गन्ने की पेराई नहीं कर पाती है। मिल ने पिछले साल करीब 14 लाख क्विंटल ही गन्ने की खरीद की थी। बचा हुआ गन्ना किसानों को क्रेशर पर बेचना पड़ा था। इसके बावजूद यहां के किसान गन्ने की खेती में बेहतर मुनाफा मानकर पैदावार कर रहे हैं।
गन्ना विभाग की ओर से गन्ने का सर्वे कराया गया है। टीम ने खेतों पर जाकर सर्वे किया। सर्वे के मुताबिक, इस साल किसानों ने 5392.19 हेक्टेयर भूमि पर गन्ने की बुवाई की है। पिछले वर्ष 5118.85 हेक्टेयर भूमि गन्ने की पैदावार हुई थी, जो कि पिछले साल के मुकाबले में 273.34 हेक्टेयर (5.34 फीसदी) ज्यादा है।
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लगातार बढ़ रहे गन्ने के रकबे से ज्वार, गेहूं, बाजरा और मक्का व अन्य फसलों का रकबा कम हो रहा है। किसान मानते हैं अधिक बारिश होने या सूखा पड़ने पर भी गन्ने की फसल में कम नुकसान होता है। साथ ही अन्य फसलों के मुकाबले मेहनत कम है। इसलिए किसान इस फसल पर ज्यादा भरोसा रखते हैं।
20 जुलाई से होगा सर्वे का प्रदर्शन
चीनी मिल के जीएम किशनलाल व सीसीओ प्रमोद कुमार ने बताया कि गन्ने की अनंतिम रिपोर्ट आ गई है। 20 जुलाई से 20 अगस्त तक मिल के कर्मी गांव-गांव जाकर किसानों को गन्ने का सर्वे दिखाएंगे। गन्ना किसान सर्वे का परिणाम देखकर अपना क्षेत्रफल देख सकेंगे। इस साल सर्वे में 5.34 प्रतिशत गन्ने का रकबा बढ़ा है।
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कायमगंज की चीनी मिल की मशीनरी 47 साल पुरानी व जर्जर हालत में है। 12,500 क्विंटल प्रति दिन पेराई क्षमता वाली मिल क्षेत्र के पूरे गन्ने की पेराई नहीं कर पाती है। मिल ने पिछले साल करीब 14 लाख क्विंटल ही गन्ने की खरीद की थी। बचा हुआ गन्ना किसानों को क्रेशर पर बेचना पड़ा था। इसके बावजूद यहां के किसान गन्ने की खेती में बेहतर मुनाफा मानकर पैदावार कर रहे हैं।
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गन्ना विभाग की ओर से गन्ने का सर्वे कराया गया है। टीम ने खेतों पर जाकर सर्वे किया। सर्वे के मुताबिक, इस साल किसानों ने 5392.19 हेक्टेयर भूमि पर गन्ने की बुवाई की है। पिछले वर्ष 5118.85 हेक्टेयर भूमि गन्ने की पैदावार हुई थी, जो कि पिछले साल के मुकाबले में 273.34 हेक्टेयर (5.34 फीसदी) ज्यादा है।
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लगातार बढ़ रहे गन्ने के रकबे से ज्वार, गेहूं, बाजरा और मक्का व अन्य फसलों का रकबा कम हो रहा है। किसान मानते हैं अधिक बारिश होने या सूखा पड़ने पर भी गन्ने की फसल में कम नुकसान होता है। साथ ही अन्य फसलों के मुकाबले मेहनत कम है। इसलिए किसान इस फसल पर ज्यादा भरोसा रखते हैं।
20 जुलाई से होगा सर्वे का प्रदर्शन
चीनी मिल के जीएम किशनलाल व सीसीओ प्रमोद कुमार ने बताया कि गन्ने की अनंतिम रिपोर्ट आ गई है। 20 जुलाई से 20 अगस्त तक मिल के कर्मी गांव-गांव जाकर किसानों को गन्ने का सर्वे दिखाएंगे। गन्ना किसान सर्वे का परिणाम देखकर अपना क्षेत्रफल देख सकेंगे। इस साल सर्वे में 5.34 प्रतिशत गन्ने का रकबा बढ़ा है।