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अनुपम व परिजनों के वाहनों की कीमत का हुआ आकलन
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फर्रुखाबाद। बसपा नेता अनुपम, उनके ब्लॉक प्रमुख भाई अमित दुबे समेत परिवार के अन्य सदस्यों के वाहनों का पुलिस ने रिकार्ड खंगाला है। एआरटीओ कार्यालय के अभिलेखों से वाहनों की सूची तैयार की गई है। वर्तमान में जो वाहन हैं, उनकी कीमतों का आकलन कर सूची बनाई गई। वहीं, अनुपम व उनके परिवार के सभी सदस्यों के बैंक खाते सीज कर दिए गए हैं।
फतेहगढ़ के मोहल्ला कसरट्टा निवासी बसपा नेता डॉ. अनुपम दुबे ठेकेदार शमीम खान और इंस्पेक्टर रामनिवास यादव की हत्या के आरोप में मैनपुरी जेल में निरुद्ध है। भाई अनुराग दुबे उर्फ डब्बन व्यापारी पर जान लेवा हमला, धोखाधड़ी के मुकदमे में कासगंज जेल में बंद है। इसी बीच अनुपम और अनुराग दुबे उर्फ डब्बन के खिलाफ गैंगेस्टर का मुकदमा शहर कोतवाली में दर्ज किया गया। उसकी विवेचना मऊदरवाजा थानाध्यक्ष कर रहे हैं।
मऊदरवाजा एसओ ने एआरटीओ कार्यालय पहुंच कर अनुपम व अनुराग दुबे, उनके ब्लॉक प्रमुख भाई अमित दुबे समेत परिवार के अन्य लोगों के वाहनों का रिकार्ड खंगाला। वर्ष 1996 से अभी तक अनुपम के परिवार में कितने वाहन खरीदे गए, उनका कब पंजीकरण हुआ और कौन-कौन से वाहन बेच दिए गए, वर्तमान में किसके पास कितने वाहन हैं। इन सबका रिकार्ड पुलिस ने तैयार किया है। वर्तमान में अनुपम व उनके परिजनों के पास जो वाहन हैं, उनकी कितनी कीमत है। इसका आकलन कर रिपोर्ट तैयार की गई है।
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एआरटीओ बिजेंद्र चौधरी ने बताया कि मऊदरवाजा थाने के एसओ कार्यालय आए थे और अनुपम व उनके परिजनों के वाहनों का रिकार्ड चेक कर उनकी कीमतों का आकलन कर रिपोर्ट बनाकर अपने साथ ले गए। सीओ सिटी प्रदीप कुमार ने बताया कि अनुपम, अनुराग दुबे उर्फ डब्बन, ब्लॉक प्रमुख भाई अमित दुबे उर्फ बब्बन, अभिषेक दुबे उर्फ जीतू समेत परिवार के अन्य सभी सदस्यों के बैंक खाते सीज कर दिए गए हैं। इसके अलावा परिवार से जुड़े व्यवसायिक अन्य खातों से लेनदेन प्रतिबंधित कर दिया गया है।
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फतेहगढ़ के मोहल्ला कसरट्टा निवासी बसपा नेता डॉ. अनुपम दुबे ठेकेदार शमीम खान और इंस्पेक्टर रामनिवास यादव की हत्या के आरोप में मैनपुरी जेल में निरुद्ध है। भाई अनुराग दुबे उर्फ डब्बन व्यापारी पर जान लेवा हमला, धोखाधड़ी के मुकदमे में कासगंज जेल में बंद है। इसी बीच अनुपम और अनुराग दुबे उर्फ डब्बन के खिलाफ गैंगेस्टर का मुकदमा शहर कोतवाली में दर्ज किया गया। उसकी विवेचना मऊदरवाजा थानाध्यक्ष कर रहे हैं।
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मऊदरवाजा एसओ ने एआरटीओ कार्यालय पहुंच कर अनुपम व अनुराग दुबे, उनके ब्लॉक प्रमुख भाई अमित दुबे समेत परिवार के अन्य लोगों के वाहनों का रिकार्ड खंगाला। वर्ष 1996 से अभी तक अनुपम के परिवार में कितने वाहन खरीदे गए, उनका कब पंजीकरण हुआ और कौन-कौन से वाहन बेच दिए गए, वर्तमान में किसके पास कितने वाहन हैं। इन सबका रिकार्ड पुलिस ने तैयार किया है। वर्तमान में अनुपम व उनके परिजनों के पास जो वाहन हैं, उनकी कितनी कीमत है। इसका आकलन कर रिपोर्ट तैयार की गई है।
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एआरटीओ बिजेंद्र चौधरी ने बताया कि मऊदरवाजा थाने के एसओ कार्यालय आए थे और अनुपम व उनके परिजनों के वाहनों का रिकार्ड चेक कर उनकी कीमतों का आकलन कर रिपोर्ट बनाकर अपने साथ ले गए। सीओ सिटी प्रदीप कुमार ने बताया कि अनुपम, अनुराग दुबे उर्फ डब्बन, ब्लॉक प्रमुख भाई अमित दुबे उर्फ बब्बन, अभिषेक दुबे उर्फ जीतू समेत परिवार के अन्य सभी सदस्यों के बैंक खाते सीज कर दिए गए हैं। इसके अलावा परिवार से जुड़े व्यवसायिक अन्य खातों से लेनदेन प्रतिबंधित कर दिया गया है।