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घर ही नहीं बचा, कहां जलाएं दीया
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हरसिंहपुर कायस्थ में मकान तोड़ने के बाद नीव से ईंटें निकालता ग्रामीण। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
अमृतपुर। गंगा की कटान ने गांव हरसिहपुर कायस्थ के कई परिवारों की दिवाली की खुशियां छीन ली हैं। चार मकानों की भूमि कटान में समा चुकी है और आठ मकानों की ओर तेजी से कटान हो रही है। मकान तोड़ने वाले चार परिवार तिरपाल के नीचे रह रहे हैं।
गंगा और रामगंगा की बाढ़ ने गांव अलादपुर भटौली और हरसिंहपुर कायस्थ के ग्रामीणों की न केवल फसलें बर्बाद कर दीं बल्कि आशियाना भी छीन लिया। हरसिहपुर कायस्थ में तेजी से कटान हो रही है। गंगा धनपाल, लालसिंह, द्वारिका, धर्मपाल के मकान के करीब तक आ गई हैं। चारों परिवारों ने मकान तोड़कर मलबा एक मैदान में रखा है। वहीं पर प्लास्टिक के तिरपाल तान कर रह रहे हैं।
इसी गांव के छोटेलाल, वीरपाल, सुंदरलाल, हरिश्चंद्र, मित्रपाल, विजयपाल, रामस्वरूप, सत्यपाल के मकानों से कुछ दूरी पर गंगा की धारा बह रही है। कटान मकानों की ओर हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन की ओर से कोई सहायता नहीं दी गई है। एसडीएम प्रीती तिवारी ने बताया कि जानकारी नहीं है। लेखपाल व कानूनगो को गांव भेज कर स्थिति की जानकारी करेंगी। जिन लोगों के मकान की जमीन कटान में चली गई, उन्हें घर बनाने के लिए जमीन दी जाएगी।
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ग्रामीण जोगेश कुमार का कहना है कि बाढ़ ने बर्बाद कर दिया है। गंगा से लगातार कटान हो रहा है। जिससे मकान कटने लगे हैं। यहां लोग किस प्रकार रह कर जीवन यापन कर रहे हैं, यह कोई देखने तक नहीं आया। श्रीदेवी का कहना है कि कटान से उसका मकान गंगा में समा गया है। झोपड़ी रखने के लिए जगह तक नहीं है। खेत में तिरपाल डाल कर रात काटनी पड़ रही है। प्रशासन से कोई सहायता नहीं मिल रही है। धनपाल ने बताया कि बाढ़ आने से फसले खराब हो गई। कटान के कारण मकान भी तोड़ लिया है। जो कुछ ईंट निकाल पाईं वहीं बची है। बाकी ईंट गंगा की कटान में बह गईं। श्रीकृष्ण का कहना है कि गांव की स्थिति बहुत खराब हो गई है। कटान से गांव कट गया है। अब खेतों में डेरा जमाए हैं, रहने के लिए घर नहीं है। दिवाली का त्योहार कैसे मनाएं।
एसओ ने बाढ़ पीड़ितों को बांटी मिठाई
अमृतपुर संवाद के अनुसार बाढ़ प्रभावित गांव अलादपुर भटौली में बुधवार को एसओ अमृतपुर सुनील कुमार परिहार ने बाढ़ पीड़ित ग्रामीणों को दीपक और बच्चों को मिठाई बांटी। इससे ग्रामीणों के बच्चे खुश हो गए।
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गंगा और रामगंगा की बाढ़ ने गांव अलादपुर भटौली और हरसिंहपुर कायस्थ के ग्रामीणों की न केवल फसलें बर्बाद कर दीं बल्कि आशियाना भी छीन लिया। हरसिहपुर कायस्थ में तेजी से कटान हो रही है। गंगा धनपाल, लालसिंह, द्वारिका, धर्मपाल के मकान के करीब तक आ गई हैं। चारों परिवारों ने मकान तोड़कर मलबा एक मैदान में रखा है। वहीं पर प्लास्टिक के तिरपाल तान कर रह रहे हैं।
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इसी गांव के छोटेलाल, वीरपाल, सुंदरलाल, हरिश्चंद्र, मित्रपाल, विजयपाल, रामस्वरूप, सत्यपाल के मकानों से कुछ दूरी पर गंगा की धारा बह रही है। कटान मकानों की ओर हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन की ओर से कोई सहायता नहीं दी गई है। एसडीएम प्रीती तिवारी ने बताया कि जानकारी नहीं है। लेखपाल व कानूनगो को गांव भेज कर स्थिति की जानकारी करेंगी। जिन लोगों के मकान की जमीन कटान में चली गई, उन्हें घर बनाने के लिए जमीन दी जाएगी।
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ग्रामीण जोगेश कुमार का कहना है कि बाढ़ ने बर्बाद कर दिया है। गंगा से लगातार कटान हो रहा है। जिससे मकान कटने लगे हैं। यहां लोग किस प्रकार रह कर जीवन यापन कर रहे हैं, यह कोई देखने तक नहीं आया। श्रीदेवी का कहना है कि कटान से उसका मकान गंगा में समा गया है। झोपड़ी रखने के लिए जगह तक नहीं है। खेत में तिरपाल डाल कर रात काटनी पड़ रही है। प्रशासन से कोई सहायता नहीं मिल रही है। धनपाल ने बताया कि बाढ़ आने से फसले खराब हो गई। कटान के कारण मकान भी तोड़ लिया है। जो कुछ ईंट निकाल पाईं वहीं बची है। बाकी ईंट गंगा की कटान में बह गईं। श्रीकृष्ण का कहना है कि गांव की स्थिति बहुत खराब हो गई है। कटान से गांव कट गया है। अब खेतों में डेरा जमाए हैं, रहने के लिए घर नहीं है। दिवाली का त्योहार कैसे मनाएं।
एसओ ने बाढ़ पीड़ितों को बांटी मिठाई
अमृतपुर संवाद के अनुसार बाढ़ प्रभावित गांव अलादपुर भटौली में बुधवार को एसओ अमृतपुर सुनील कुमार परिहार ने बाढ़ पीड़ित ग्रामीणों को दीपक और बच्चों को मिठाई बांटी। इससे ग्रामीणों के बच्चे खुश हो गए।