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गोदाम में 100 टन खाद, इफको केंद्र खाली

Tue, 02 Nov 2021 11:18 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 02 Nov 2021 11:18 PM IST
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सातनपुर स्थित किसान सेवा केंद्र पर पसरा सन्नाटा। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। जनपद में खाद की किल्लत से किसान उबर नहीं पा रहे हैं। सातनपुर में पीसीएफ गोदाम के पास स्थित इफको केंद्र पर चार दिन से डीएपी व एनपीके उपलब्ध ही नहीं है। किसान केंद्र के चक्कर लगाकर परेशान हैं।
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जिले में इन दिनों रबी व आलू की बुवाई के चलते डीएपी व एनपीके खाद की किसानों को जरूरत है। जिले में एक सप्ताह में 2646 मीट्रिक टन डीएपी व 2800 मीट्रिक टन एनपीके खाद आ चुकी है, लेकिन खाद की किल्लत कम नहीं हो रही है। बाजार में किसान अधिक दाम पर डीएपी खरीदने के लिए मजबूर हैं। सातनपुर स्थित इफको केंद्र पर 30 अक्तूबर से खाद का वितरण बंद है। इससे वहां आने वाले किसान बिना खाद लिए मायूस होकर लौट रहे हैं।
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इफको के क्षेत्रीय प्रबंधक राजवीर सिंह ने बताया कि पीसीएफ गोदाम में 100 मीट्रिक टन डीएपी का स्टाक रखा है। पीसीएफ की ओर से पल्लेदार उपलब्ध न कराए जाने से स्टाक का उठान नहीं हो पा रहा है। इसी वजह से केंद्र पर 30 अक्तूबर से खाद का वितरण नहीं हो पा रहा है। पीसीएफ जिला प्रबंधक मोहित गुप्ता ने बताया कि इफको एरिया मैनेजर ने उन्हें स्टाक उठान के संबंध में कोई सूचना नहीं थी। यदि उनका ठेकेदार वाहन भेजता है तो वह तत्काल पल्लेदार उपलब्ध कराएंगे।
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किसानों ने बयां किया दर्द
सातनपुर इफको कृषक सेवा केंद्र पर मौजूद गांव गढ़ाखेड़ा निवासी रामदास ने बताया कि वह तीन दिन से चक्कर लगा रहे हैं। अगले दिन आने की बात कहकर टरका दिया जाता है। इससे वह आलू की बुवाई नहीं कर पा रहे हैं। गांव कीरतपुर निवासी अवनीश का कहना है कि उन्होंने कई चक्कर लगाए, लेकिन खाद नहीं मिली। निजी दुकान से 1300 रुपये में डीएपी खरीदनी पड़ी, जबकि 1200 रुपये रेट निर्धारित है। अब वह पोटास लेकर जा रहे हैं। गांव हमीरपुर निवासी नरेंद्र उन्हें 15 बोरी डीएपी की जरूरत है। वह सहकारी समिति याकूतगंज व इफको कृषक सेवा केंद्र सातनपुर के एक सप्ताह से चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन डीएपी नहीं मिली।
कायमगंज इफको केंद्र पर भी स्टाक खत्म
कायमगंज संवाद के अनुसार कंपिल रोड स्थित इफको केंद्र पर आया हुआ स्टॉक एक ही दिन में समाप्त हो जाता है। सोमवार को खाद लेने वाले किसानों की भारी भीड़ उमड़ी। इससे एक ही दिन 600 बोरी बंट गईं। मंगलवार को केंद्र पर 500 बोरी यूरिया आई। यूरिया का ट्रक आने पर किसान डीएपी समझकर काफी संख्या में किसान पहुंच गए। बाद में वे मायूस होकर लौट गए। कुछ किसान यूरिया ही लेकर चले गए। किसानों ने बताया कि हालांकि अभी यूरिया की जरूरत नहीं है। केंद्र प्रभारी रोहित सोलंकी ने बताया कि सोमवार को सभी खाद बंट गई। अब जब स्टॉक आएगा तो बांटी जाएगी। (संवाद)
भरपूर खाद मिली फिर भी किल्लत
फर्रुखाबाद। जिले में डीएपी व एनपीके का स्टाक होने के बावजूद खाद की किल्लत से किसान परेशान हैं। कृषि विभाग की मासिक समीक्षा के अनुसार 31 अक्तूबर को जिले में एनपीके का 2032 मीट्रिक टन, डीएपी 1394 मीट्रिक, यूरिया 1405 मीट्रिक टन व सिंगल सुपर फास्फेट का 1125 मीट्रिक टन स्टाक था। 31 अक्तूबर को कृभको की 1500 मीट्रिक टन व एक नवंबर को एनएफएल की 1196 मीट्रिक टन एनपीके की रैक आई। राष्ट्रीय केमिकल लिमिटेड की 1800 मीट्रिक टन डीएपी की रैक एक-दो दिन में आने वाली है। यह खाद निजी दुकानों पर जाएगी। जिला कृषि अधिकारी डॉ.राकेश कुमार सिंह ने बताया कि अब इफको की नई पैकिंग की एनपीके 1450 रुपये प्रति बोरी में मिलेगी। पुराने स्टाक की एनपीके 1185 रुपये प्रति बोरी थी। (संवाद)
खाद की दुकान का लाइसेंस निलंबित
फर्रुखाबाद। किसानों ने मोहम्मदाबाद संकिसा रोड स्थित अमित खाद भंडार पर कालाबाजारी और स्टाक के बावजूद खाद न देने की शिकायत की थी।
जिला कृषि अधिकारी ने सहायक विकास अधिकारी से जांच कराई। जांच में बिना आधारकार्ड लिए और ई-पॉस मशीन पर किसान का अगूंठा लगवाए बिना खाद की बिक्री पाई गई। स्टाक भी कम मिला। जिला कृषि अधिकारी डॉ.राकेश कुमार ने दुकान का लाइसेंस निलंबित कर लिया। विक्रेता के लाइसेंस के नवीनीकरण की अवधि भी 10 सितंबर को निकल चुकी थी। विक्रेता को आठ नवंबर तक साक्ष्य सहित जवाब मांगा गया है। (संवाद)

समितियों से लेकर दुकानों तक खाद खत्म
कमालगंज संवाद के अनुसार रामलीला मैदान के सामने स्थित इफको केंद्र पर किसानों को खाद नहीं मिल पाई। देवरान गढ़िया के किसान बलराम पाल ने बतया कि कई बार लौट चुके हैं। न तो डीएपी मिल रही है और न ही एनपीके। केंद्र संचालक ने बताया कि 18 सितंबर को 100 बोरी और 31 अक्तूबर को 600 बोरी डीएपी मिली थी। पांच हजार बोरी डीएपी व आठ हजार बोरी एनपीके मिले तभी सभी किसानों को बट पाएगी। क्षेत्रीय सहकारी समिति में केवल चौकीदार पिंटू मौजूद था। निजी दुकानों पर डीएपी व एनपीके नहीं है।
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