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छह लाख खर्च होने के बाद भी काम न आ रहे शौचालय
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फर्रुखाबाद। बढ़पुर ब्लाक की ग्राम पंचायतों में करीब छह लाख रुपये से बने सामुदायिक शौचालय ग्रामीणों के काम नहीं आ रहे हैं। शौचालयों में कहीं ताले पड़े हैं तो कहीं छत से पानी टपक रहा है। कुछ शौचालय अधूरे हैं तो कहीं बिजली कनेक्शन ही नहीं है। ग्रामीणों को भले खेतों में जाना पड़ रहा हो, लेकिन समूहों को भुगतान पूरा किया जा रहा है।
जिला मुख्यालय के पास स्थित ब्लाक बढ़पुर की ग्राम पंचायतों में बनाए गए सामुदायिक शौचालयों में जमकर मनमानी हुई है। ब्लाक क्षेत्र की कुल 59 ग्राम पंचायतों में से अभी 50 शौचालय ही बन सके हैं। ग्राम पंचायत नीवलपुर में शौचालय अधूरा है, जबकि ग्राम पंचायतों में अभी निर्माण कार्य ही शुरू नहीं हो सका है।
50 में से 40 शौचालय स्वयं सहायता समूहों को हस्तांतरित कर दिए गए हैं। एक शौचालय पर समूह को तीन-तीन माह का 27 हजार रुपये भुगतान भी कर दिया गया है। जमीनी हकीकत यह है कि बुढ़नामऊ के मजरा कठेरियन नगला में शौचालय के छत पर रखी टंकी से पानी बह रहा है। छत भी टपक रही है। शौचालय में ताला जड़ा रहता है।
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ग्राम पंचायत कुटरा का सामुदायिक शौचालय रखा गांव से काफी दूरी पर बना है। यहां भी ताला लगा रहता है। ग्राम पंचायत विजाधरपुर के शौचालय में बिजली कनेक्शन अभी तक नहीं हुआ। चोरी की बिजली से सबमर्सिबल चलाया गया। करीब एक माह से शौचालय बंद है। कुछ ऐसे ही हालात अन्य ग्राम पंचायतों के भी हैं। इससे ग्रामीणों को इनका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
बोले ग्रामीण
गांव कठेरियन नगला निवासी सूबेदार का कहना है कि शुक्रवार सुबह आठ बजे पहले दिन शौचालय एक घंटे के लिए खोला गया। फूटी टंकी से पानी बह रहा है। छत से भी पानी टपकता है। ताला लगा होने से लोगों को क्या लाभ मिलेगा। इसी गांव के राजीव कठेरिया ने बताया कि सामुदायिक शौचालय के निर्माण में बालू का खूब इस्तेमाल हुआ है। निर्माण में मनमानी के चलते भवन कुछ ही दिनों में गिर जाएगा।
बदली जाएगी टंकी, बिजली कनेक्शन भी जल्द
बुढ़नामऊ के प्रधान मनोज कुमार ने बताया कि पूर्व प्रधान ने शौचालय का निर्माण कराया था। शुक्रवार को ही समूह को दिया गया है। शौचालय की टंकी फूटी है। जिसे बदलवाने के लिए उन्होंने सचिव से कहा है।
ग्राम पंचायत विजाधरपुर की प्रधान रेनू यादव ने बताया कि शौचालय में बिजली का कनेक्शन न होने से बंद है। अब वह पहले बिजली कनेक्शन कराएंगे फिर शौचालय चालू होगा। समूह को भुगतान किया जा रहा है।
जिम्मेदार बोले
डीपीआरओ शिवशंकर सिंह ने बताया कि सभी सामुदायिक शौचालयों के ताले खुलवाए जाएंगे। गुणवत्ता खराब मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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जिला मुख्यालय के पास स्थित ब्लाक बढ़पुर की ग्राम पंचायतों में बनाए गए सामुदायिक शौचालयों में जमकर मनमानी हुई है। ब्लाक क्षेत्र की कुल 59 ग्राम पंचायतों में से अभी 50 शौचालय ही बन सके हैं। ग्राम पंचायत नीवलपुर में शौचालय अधूरा है, जबकि ग्राम पंचायतों में अभी निर्माण कार्य ही शुरू नहीं हो सका है।
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50 में से 40 शौचालय स्वयं सहायता समूहों को हस्तांतरित कर दिए गए हैं। एक शौचालय पर समूह को तीन-तीन माह का 27 हजार रुपये भुगतान भी कर दिया गया है। जमीनी हकीकत यह है कि बुढ़नामऊ के मजरा कठेरियन नगला में शौचालय के छत पर रखी टंकी से पानी बह रहा है। छत भी टपक रही है। शौचालय में ताला जड़ा रहता है।
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ग्राम पंचायत कुटरा का सामुदायिक शौचालय रखा गांव से काफी दूरी पर बना है। यहां भी ताला लगा रहता है। ग्राम पंचायत विजाधरपुर के शौचालय में बिजली कनेक्शन अभी तक नहीं हुआ। चोरी की बिजली से सबमर्सिबल चलाया गया। करीब एक माह से शौचालय बंद है। कुछ ऐसे ही हालात अन्य ग्राम पंचायतों के भी हैं। इससे ग्रामीणों को इनका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
बोले ग्रामीण
गांव कठेरियन नगला निवासी सूबेदार का कहना है कि शुक्रवार सुबह आठ बजे पहले दिन शौचालय एक घंटे के लिए खोला गया। फूटी टंकी से पानी बह रहा है। छत से भी पानी टपकता है। ताला लगा होने से लोगों को क्या लाभ मिलेगा। इसी गांव के राजीव कठेरिया ने बताया कि सामुदायिक शौचालय के निर्माण में बालू का खूब इस्तेमाल हुआ है। निर्माण में मनमानी के चलते भवन कुछ ही दिनों में गिर जाएगा।
बदली जाएगी टंकी, बिजली कनेक्शन भी जल्द
बुढ़नामऊ के प्रधान मनोज कुमार ने बताया कि पूर्व प्रधान ने शौचालय का निर्माण कराया था। शुक्रवार को ही समूह को दिया गया है। शौचालय की टंकी फूटी है। जिसे बदलवाने के लिए उन्होंने सचिव से कहा है।
ग्राम पंचायत विजाधरपुर की प्रधान रेनू यादव ने बताया कि शौचालय में बिजली का कनेक्शन न होने से बंद है। अब वह पहले बिजली कनेक्शन कराएंगे फिर शौचालय चालू होगा। समूह को भुगतान किया जा रहा है।
जिम्मेदार बोले
डीपीआरओ शिवशंकर सिंह ने बताया कि सभी सामुदायिक शौचालयों के ताले खुलवाए जाएंगे। गुणवत्ता खराब मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।