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फर्रूखाबाद: शौचालय निर्माण में 6.90 लाख गबन, सीडीओ ने जारी किया आदेश रिकवरी के आदेश
Wed, 16 Jun 2021 12:27 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Wed, 16 Jun 2021 12:27 AM IST
सार
शौचालय निर्माण में छह लाख 90 हजार रुपये के गबन की पुष्टि हुई है। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने तत्कालीन प्रधान व ग्राम पंचायत सचिव से रिकवरी के आदेश दिए हैं।
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शौचालय निर्माण कार्य
- फोटो : amar ujala
विस्तार
फर्रुखाबाद के शमसाबाद क्षेत्र की ग्राम पंचायत नगला दमू में शौचालय निर्माण में छह लाख 90 हजार रुपये के गबन की पुष्टि हुई है। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने तत्कालीन प्रधान व ग्राम पंचायत सचिव से रिकवरी के आदेश दिए हैं।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) योजना के तहत नगला दमू में शौचालयों के निर्माण में धांधली की गई। गांव के प्रेमपाल की शिकायत पर सीडीओ ने जिला समाज कल्याण अधिकारी व अवर अभियंता आरईडी से जांच कराई।
जांच में पता चला कि वित्तीय वर्ष 2017-18 में 170 शौचालयों के निर्माण के लिए धनराशि भेजी गई। इसमें 109 बने, जबकि सात अधूरे मिले। वहीं 54 का बिना निर्माण कराए ही सरकारी धन निकाल लिया गया। करीब 6.90 लाख रुपये के गबन की पुष्टि हुई।
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डीएम के आदेश पर सीडीओ ने तत्कालीन ग्राम प्रधान संजीव कुमार व सचिव वेदप्रकाश को नोटिस जारी कर गबन की गई धनराशि जमा कराने के आदेश दिए। ऐसा न करने पर रिपोर्ट दर्ज कर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
मुख्य विकास अधिकारी एम.अरून्मोली ने संजीव कुमार व वेदप्रकाश को बराबर का दोषी मानते हुए आधी-आधी धनराशि 3.45-3.45 लाख रुपये जमा कर रसीद प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं। अन्यथा यह धनराशि सचिव के वेतन से वसूली जाएगी, जबकि तत्कालीन प्रधान से भू-राजस्व की तरह वसूली करने के आदेश दिए गए हैं।
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स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) योजना के तहत नगला दमू में शौचालयों के निर्माण में धांधली की गई। गांव के प्रेमपाल की शिकायत पर सीडीओ ने जिला समाज कल्याण अधिकारी व अवर अभियंता आरईडी से जांच कराई।
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जांच में पता चला कि वित्तीय वर्ष 2017-18 में 170 शौचालयों के निर्माण के लिए धनराशि भेजी गई। इसमें 109 बने, जबकि सात अधूरे मिले। वहीं 54 का बिना निर्माण कराए ही सरकारी धन निकाल लिया गया। करीब 6.90 लाख रुपये के गबन की पुष्टि हुई।
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डीएम के आदेश पर सीडीओ ने तत्कालीन ग्राम प्रधान संजीव कुमार व सचिव वेदप्रकाश को नोटिस जारी कर गबन की गई धनराशि जमा कराने के आदेश दिए। ऐसा न करने पर रिपोर्ट दर्ज कर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
मुख्य विकास अधिकारी एम.अरून्मोली ने संजीव कुमार व वेदप्रकाश को बराबर का दोषी मानते हुए आधी-आधी धनराशि 3.45-3.45 लाख रुपये जमा कर रसीद प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं। अन्यथा यह धनराशि सचिव के वेतन से वसूली जाएगी, जबकि तत्कालीन प्रधान से भू-राजस्व की तरह वसूली करने के आदेश दिए गए हैं।