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बारदाना व उठान न होने से धान बेचने को भटक रहे किसान

Fri, 11 Dec 2020 05:17 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 11 Dec 2020 05:17 PM IST
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Farmers wandering because of gunny bags and no lifting
कायमगंज। गांव चिलौली रोड स्थित धान क्रय केंद्र पर बारदाना की कमी व उठान न होने से धान धीमी गति से खरीदा जा रहा है। इससे किसान क्रय केंद्र के चक्कर काटने को मजबूर हैं। उठान न होने से क्रय केंद्र का परिसर पूरा भर गया है, ऐसे में बारिश हो गई तो खरीदा गया धान भीग सकता है।
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चिलौली रोड पर विपणन शाखा का सरकारी धान क्रय केंद्र है। एक सप्ताह से बारदाना की कमी और उठान की समस्या के चलते तौल काफी धीमी गति से की जा रही है।
गुरुवार और शुक्रवार को बारदाना न होने से सिर्फ मक्का की ही तौल की गई। अधिकारियों के निरीक्षण और सख्ती दिखाने के बावजूद धान खरीद में तेजी नहीं आ पा रही है।
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क्रय केंद्र पर पिछले कई दिन से धान के बोरों का ढेर लगा है। इससे पूरा परिसर भर गया है। बादल भी लदे हैं। अगर बारिश हो गई तो खरीदा गया धान भीग भी सकता है। धान बेंचने के लिए किसान क्रय केंद्र के चक्कर काट रहे हैं।
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गांव सिकंदरपुर खास निवासीअवनीत कुमार राजपूत ने बताया उन्हें धान की खरीद के लिए पिछले सप्ताह समय दिया गया था। अभी तक तौल नहीं हो सकी। रोज कभी बारदाना न होने तो कभी लेबर न होने का बहाना बनाकर टरकाया जा रहा है।
गांव अचरा तकीपुर निवासी विजेंदर कुमार गंगवार ने बताया कि उन्हें शुक्रवार को बुलाया गया था, अभी तक तौल नहीं हो सकी। किराए के ट्रैक्टर से धान लाना महंगा पड़ रहा है। रसूखदारों के धान की पहले तौल हो रही है। नेताओं को आम जनता की समस्या उठानी चाहिए।
गांव खेतलपुर सौरिया निवासी किसान संजीव कुमार ने बताया शुक्रवार को उन्हें धान की तौल के लिए बुलाया गया। अब बारदाना न होने की बात बताई जा रही है। एक सप्ताह से यहां के चक्कर लगा रहे हैं। खेती में अन्य काम भी प्रभावित हो रहे हैं।

‘अब तक 5200 क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है। इसमें 5 दिन पहले तक का भुगतान भी किया जा चुका है। बारदाना की समस्या आई थी। बारदाना मंगा लिया गया है। बारदाना न होने से तौल नहीं रुकी है। तौल बराबर कराई गई है। अभी मक्का की तौल चल रही है। तौल में किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जा रहा है।’ - संतोष यादव, एमआई
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