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Farrukhabad News: आलू व सरसों की बुआई के लिए खाद को भटक रहे किसान
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कायमगंज। आलू व सरसों की बुआई का सीजन आ गया है। जरूरत के समय इफ्को केंद्र से लेकर सहकारी समितियों पर एक सप्ताह से डीएपी खाद उपलब्ध नहीं है। किसान इफ्को केंद्र व सहकारी समितियों के चक्कर काट रहे हैं। केंद्र पर खाद लेने पहुंचने पर किसानों को जल्द मिलने का आश्वासन दिया जा रहा है।
आलू व सरसों की बुआई में किसान डीएपी खाद का प्रयोग करते हैं। किसानों ने आलू की बुआई के लिए खेत तैयार कर लिए हैं। आलू बुआई का सीजन शुरू होते ही डीएपी खाद की किल्लत शुरू हो गई है। अभी तक धान की बढ़वार के लिए किसान यूरिया खाद के लिए चक्कर लगा रहे थे। तब केंद्रों पर डीएपी की उपलब्धता थी। हालांकि अभी धान में यूरिया खाद की जरूरत है। इस समय इफ्को केंद्र से लेकर सहकारी समितियों तक कोई भी खाद नहीं मिल रही है। किसान जाते हैं, और मायूस होकर लौट जाते हैं। सभी जगह जल्द खाद मिलने का आश्वासन दिया जा रहा है। किसानों का कहना है निजी दुकानों पर खाद रेट से अधिक दामों में मिल रही है।
गुरुवार को इफ्को केंद्र पर कई किसान खाद लेने पहुंचे। वहां मौजूद केंद्र प्रभारी सुधीर कुमार ने आज कल में डीएपी खाद बांटने का आश्वासन दिया। केंद्र पर पहुंचे किसान गांव बरझाला निवासी मुकेश, बबलू, गांव अचरिया निवासी अवधेश ने बताया कि अभी तक यूरिया की जरूरत थी तब डीएपी केंद्र पर उपलब्ध थी। अब डीएपी की जरूरत है। तब किल्लत होना शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि इस समय आलू के अलावा आम के बाग व नर्सरी में भी डीएपी लगाई जा रही है।
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इफको केंद्र प्रभारी ने बताया कि डिमांड की गई है। आज या कल डीएपी व यूरिया खाद आने वाली है। उन्होंने कहा डीएपी का स्टॉक 4 सितंबर को निल हो गया था। यूरिया एक सितंबर से नहीं है। एनपीके 9 सितंबर से नहीं है।
सहकारी समिति दक्षिणी के सचिव राजीव पाल ने बताया उनके यहां 5 दिन से कोई खाद नहीं है। डिमांड भेजी गई है। एक दो दिन में आने की उम्मीद है। सहकारी समिति उत्तरी के सचिव दीपू ने बताया एनपीके खाद है। डीएपी व यूरिया जल्द आने की उम्मीद है।
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आलू व सरसों की बुआई में किसान डीएपी खाद का प्रयोग करते हैं। किसानों ने आलू की बुआई के लिए खेत तैयार कर लिए हैं। आलू बुआई का सीजन शुरू होते ही डीएपी खाद की किल्लत शुरू हो गई है। अभी तक धान की बढ़वार के लिए किसान यूरिया खाद के लिए चक्कर लगा रहे थे। तब केंद्रों पर डीएपी की उपलब्धता थी। हालांकि अभी धान में यूरिया खाद की जरूरत है। इस समय इफ्को केंद्र से लेकर सहकारी समितियों तक कोई भी खाद नहीं मिल रही है। किसान जाते हैं, और मायूस होकर लौट जाते हैं। सभी जगह जल्द खाद मिलने का आश्वासन दिया जा रहा है। किसानों का कहना है निजी दुकानों पर खाद रेट से अधिक दामों में मिल रही है।
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गुरुवार को इफ्को केंद्र पर कई किसान खाद लेने पहुंचे। वहां मौजूद केंद्र प्रभारी सुधीर कुमार ने आज कल में डीएपी खाद बांटने का आश्वासन दिया। केंद्र पर पहुंचे किसान गांव बरझाला निवासी मुकेश, बबलू, गांव अचरिया निवासी अवधेश ने बताया कि अभी तक यूरिया की जरूरत थी तब डीएपी केंद्र पर उपलब्ध थी। अब डीएपी की जरूरत है। तब किल्लत होना शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि इस समय आलू के अलावा आम के बाग व नर्सरी में भी डीएपी लगाई जा रही है।
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इफको केंद्र प्रभारी ने बताया कि डिमांड की गई है। आज या कल डीएपी व यूरिया खाद आने वाली है। उन्होंने कहा डीएपी का स्टॉक 4 सितंबर को निल हो गया था। यूरिया एक सितंबर से नहीं है। एनपीके 9 सितंबर से नहीं है।
सहकारी समिति दक्षिणी के सचिव राजीव पाल ने बताया उनके यहां 5 दिन से कोई खाद नहीं है। डिमांड भेजी गई है। एक दो दिन में आने की उम्मीद है। सहकारी समिति उत्तरी के सचिव दीपू ने बताया एनपीके खाद है। डीएपी व यूरिया जल्द आने की उम्मीद है।