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Farrukhabad News: किसान तौल के इंतजार में धान से लदी ट्रालियां छोड़कर जा रहे
Sat, 03 Jan 2026 01:10 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Sat, 03 Jan 2026 01:10 AM IST
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फोटो-4 मंडी समिति स्थित खरीद केंद्र पर धान की तौल करते श्रमिक। संवाद
कायमगंज। क्षमता से अधिक धान पहुंचने से मंडी समिति परिसर स्थित क्रय केंद्र पर तौल नहीं हो पा रही है। इससे किसान परेशान हैं। हालत यह है कि किसान धान लदी ट्रैक्टर-ट्रालियां मंडी में खड़ी कर मजबूरी में घर लौट जा रहे हैं। कई किसानों को एक सप्ताह से अधिक समय से अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है पर तौल नहीं हो पा रही है।
क्रय केंद्र पर पहुंचने वाला धान तौलने के लिए एक ही कांटा है और मजदूर भी सीमित हैं। इससे धान अधिक पहुंचने से तौल होने में दिक्कत आ रही है। दारापुर गांव के किसान सतेंद्र ने बताया कि वह दस दिन से मंडी के चक्कर काट रहे है पर अभी तक धान की तौल नहीं हो सकी है। दूदेमई गांव के किसान पप्पू ने बताया कि वह करीब 80 क्विंटल धान लेकर एक सप्ताह से अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। हर दिन मंडी आकर स्थिति देखने के बाद वापस जाना पड़ता है। इससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी हो रही है।
किसानों के अनुसार शुक्रवार को मंडी में करीब 10 ट्रैक्टर-ट्रालियां धान लदी खड़ी रहीं। किसान रोजाना मंडी पहुंचते हैं और तौल न होने पर निराश होकर लौट जाते हैं। किसानों का आरोप है कि व्यवस्था सुचारु नहीं है और तौल प्रक्रिया बेहद धीमी चल रही है।
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शुक्रवार को क्रय केंद्र प्रभारी मंडी में मौजूद नहीं थे। पूछताछ में पता चला कि विभागीय कार्य से कानपुर गए हैं। इस दौरान ठेकेदारों के माध्यम से तौल कराई जा रही थी। किसानों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों की गैरमौजूदगी से समस्या और हो गई है।
क्रय केंद्र प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि केंद्र पर बारदाने की कोई कमी नहीं है और खरीद लगातार की जा रही है। उन्होंने बताया कि अब तक 2,620 क्विंटल मक्का, 11,500 क्विंटल बाजरा और 7,000 क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है।
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क्रय केंद्र पर पहुंचने वाला धान तौलने के लिए एक ही कांटा है और मजदूर भी सीमित हैं। इससे धान अधिक पहुंचने से तौल होने में दिक्कत आ रही है। दारापुर गांव के किसान सतेंद्र ने बताया कि वह दस दिन से मंडी के चक्कर काट रहे है पर अभी तक धान की तौल नहीं हो सकी है। दूदेमई गांव के किसान पप्पू ने बताया कि वह करीब 80 क्विंटल धान लेकर एक सप्ताह से अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। हर दिन मंडी आकर स्थिति देखने के बाद वापस जाना पड़ता है। इससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी हो रही है।
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किसानों के अनुसार शुक्रवार को मंडी में करीब 10 ट्रैक्टर-ट्रालियां धान लदी खड़ी रहीं। किसान रोजाना मंडी पहुंचते हैं और तौल न होने पर निराश होकर लौट जाते हैं। किसानों का आरोप है कि व्यवस्था सुचारु नहीं है और तौल प्रक्रिया बेहद धीमी चल रही है।
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शुक्रवार को क्रय केंद्र प्रभारी मंडी में मौजूद नहीं थे। पूछताछ में पता चला कि विभागीय कार्य से कानपुर गए हैं। इस दौरान ठेकेदारों के माध्यम से तौल कराई जा रही थी। किसानों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों की गैरमौजूदगी से समस्या और हो गई है।
क्रय केंद्र प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि केंद्र पर बारदाने की कोई कमी नहीं है और खरीद लगातार की जा रही है। उन्होंने बताया कि अब तक 2,620 क्विंटल मक्का, 11,500 क्विंटल बाजरा और 7,000 क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है।