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अब मासूम को भी अस्पताल ले जाएगी 102 एंबुलेंस
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एंबुलेंस।
- फोटो : FARRUKHABAD
एक साल तक के बच्चों को 102 एंबुलेंस की सुविधा
फर्रुखाबाद। अब एक साल तक के बच्चे के बीमार होने पर 102 एंबुलेंस घर बुला सकेंगे। एंबुलेंस बीमार बच्चे को अस्पताल तक छोड़ेगी। अभी तक दो साल तक के बच्चों को 108 एंबुलेंस से ले जा सकते थे। 102 एंबुलेंस सिर्फ प्रसूताओं और गर्भवती को अस्पताल लाने और ले जाने का काम करती थीं।
दूरदराज गांवों में रह रहे लोगों के छोटे बच्चों के बीमार होने पर अक्सर 108 एंबुलेंस नहीं मिल पाती है। ऐसे में परिजनों को बड़ी दिक्कतें उठानी पड़ती थीं। कई बार तो समय पर अस्पताल न पहुंच पाने पर अनहोनी भी हो जाती थी।
शासन ने जनता की इस दिक्कत को काफी गंभीरता से लिया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक अपर्णा उपाध्याय ने सभी सीएमओ और एंबुलेंस के जिला प्रोग्राम मैनेजरों को निर्देश जारी कर दिए हैं। इसमें कहा कि अब एक साल तक के बच्चे के बीमार होने की सूचना पर 102 एंबुलेंस का प्रयोग करके अस्पताल तक ले जाएं।
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बीमार मासूम के परिजनों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होनी चाहिए। अभी तक 102 एंबुलेंस का प्रयोग गर्भवती को घर से अस्पताल ले जाने और प्रसूताओं को अस्पताल से घर छोड़ने के लिए किया जाता था। नियमों में बदलाव से नवजात के बीमार होने पर भी सहूलियत मिलेगी।
वर्जन
‘जिले में 21 एंबुलेंस 102 की, 22 एंबुलेंस 108 की और तीन एएलएस हैं। निर्देशों का अनुपालन शुरू कर दिया गया है। सभी चालक, ईएमटी को भी नए नियमों के बारे में बता दिया है।’ -सौरभ कुमार, जिला प्रोग्राम मैनेजर, 108, 102 एंबुलेंस
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फर्रुखाबाद। अब एक साल तक के बच्चे के बीमार होने पर 102 एंबुलेंस घर बुला सकेंगे। एंबुलेंस बीमार बच्चे को अस्पताल तक छोड़ेगी। अभी तक दो साल तक के बच्चों को 108 एंबुलेंस से ले जा सकते थे। 102 एंबुलेंस सिर्फ प्रसूताओं और गर्भवती को अस्पताल लाने और ले जाने का काम करती थीं।
दूरदराज गांवों में रह रहे लोगों के छोटे बच्चों के बीमार होने पर अक्सर 108 एंबुलेंस नहीं मिल पाती है। ऐसे में परिजनों को बड़ी दिक्कतें उठानी पड़ती थीं। कई बार तो समय पर अस्पताल न पहुंच पाने पर अनहोनी भी हो जाती थी।
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शासन ने जनता की इस दिक्कत को काफी गंभीरता से लिया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक अपर्णा उपाध्याय ने सभी सीएमओ और एंबुलेंस के जिला प्रोग्राम मैनेजरों को निर्देश जारी कर दिए हैं। इसमें कहा कि अब एक साल तक के बच्चे के बीमार होने की सूचना पर 102 एंबुलेंस का प्रयोग करके अस्पताल तक ले जाएं।
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बीमार मासूम के परिजनों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होनी चाहिए। अभी तक 102 एंबुलेंस का प्रयोग गर्भवती को घर से अस्पताल ले जाने और प्रसूताओं को अस्पताल से घर छोड़ने के लिए किया जाता था। नियमों में बदलाव से नवजात के बीमार होने पर भी सहूलियत मिलेगी।
वर्जन
‘जिले में 21 एंबुलेंस 102 की, 22 एंबुलेंस 108 की और तीन एएलएस हैं। निर्देशों का अनुपालन शुरू कर दिया गया है। सभी चालक, ईएमटी को भी नए नियमों के बारे में बता दिया है।’ -सौरभ कुमार, जिला प्रोग्राम मैनेजर, 108, 102 एंबुलेंस