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Farrukhabad News: पुलिस से बचे विभागीय जांच में फंसेंगे दोनों चालक व परिचालक
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फोटो- 35 रोडवेज बस के परिचालक जेब में हाथ डाले संदीप मिश्रा, बीच में चालक अजयकांत, दूसरी ओर चाल
फर्रुखाबाद। हरदोई डिपो की बस में अवैध असलहे मिलने के मामले में दोनों चालक और परिचालक फिलहाल पुलिस की कार्रवाई से बच गए हैं। मगर विभागीय जांच में उनका फंसना तय माना जा रहा है। बस तीन दिन तक थाने में खड़ी रही और तीनों पुलिस की निगरानी में रहे, मगर प्राथमिकी में घटना के दिन बस लेकर चले जाने की बात दर्शाई गई है। डिपो के एआरएम और अन्य अधिकारी दो बार थाने में आकर पूरा घटनाक्रम और फोटोग्राफ भी लेकर गए हैं।
एक जनवरी को डबरी तिराहे पर हरदोई डिपो की बस में असलहे से भरा पार्सल बरामद होने के बाद बस में सवार 12 यात्रियों को परिचालक ने दूसरी बस में ट्रांसफर कर दिया था। इसके बाद दोनों चालक और परिचालक पुलिस की हिरासत में थाने बैठा लिया गया था। यही नहीं बस भी पुलिस की देखरेख में थाने में ही खड़ी रही। परिचालक संदीप मिश्रा ने लिखाई प्राथमिकी में एक जनवरी को पार्सल लेने वाला न मिलने पर बस लेकर चले जाने की बात कही गई। उसमें चार जनवरी यानी रविवार को दोबारा डबरी तिराहे पहुंचने पर भी पार्सल लेने वाला न मिलने की बात कही गई। इसके बाद वह थाने में पहुंचे और पार्सल में असलहे मिले। परिचालक ने प्राथमिकी में यह कहानी किसके दबाव में लिखी फिलहाल वह बताने की स्थिति में नहीं हैं।
परिचालक शायद भूल गया कि दो व तीन जनवरी को एआरएम हरदोई भुवनेश कुमार, एआरएम फर्रुखाबाद राजेश कुमार और अन्य अधिकारी थाने में आकर खुद पूछताछ कर चुके थे। वह बस का फोटो भी ले गए थे। उन्होंने पूरे घटनाक्रम विभागीय उच्चाधिकारियों को भी भेजी। सूत्र बताते हैं कि दबाव में आकर पुलिस के बताए अनुसार पूरी कहानी लिखी गई है। बहरहाल दोनों चालकों और परिचालक का विभागीय जांच में फंसना तय माना जा रहा है। प्राथमिकी की कहानी में आरोपियों को भी लाभ मिलने की आशंका जताई जा रही है।
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-प्राथमिकी पुलिस ने अपने हिसाब की लिखवाई है। दोनों चालक और परिचालक ने दो जनवरी को ही घटना की लिखित जानकारी भेजी थी। उन्होंने निगम स्तर पर पूरा मामला भेज दिया है। प्राथमिकी में घटना रविवार की दिखाई है। तो तीन दिन तक गाड़ी कहां रही। इसका जवाब भी मांगा जाएगा। विभागीय कार्रवाई तय है। -भुवनेश कुमार, एआरएम हरदोई।
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एक जनवरी को डबरी तिराहे पर हरदोई डिपो की बस में असलहे से भरा पार्सल बरामद होने के बाद बस में सवार 12 यात्रियों को परिचालक ने दूसरी बस में ट्रांसफर कर दिया था। इसके बाद दोनों चालक और परिचालक पुलिस की हिरासत में थाने बैठा लिया गया था। यही नहीं बस भी पुलिस की देखरेख में थाने में ही खड़ी रही। परिचालक संदीप मिश्रा ने लिखाई प्राथमिकी में एक जनवरी को पार्सल लेने वाला न मिलने पर बस लेकर चले जाने की बात कही गई। उसमें चार जनवरी यानी रविवार को दोबारा डबरी तिराहे पहुंचने पर भी पार्सल लेने वाला न मिलने की बात कही गई। इसके बाद वह थाने में पहुंचे और पार्सल में असलहे मिले। परिचालक ने प्राथमिकी में यह कहानी किसके दबाव में लिखी फिलहाल वह बताने की स्थिति में नहीं हैं।
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परिचालक शायद भूल गया कि दो व तीन जनवरी को एआरएम हरदोई भुवनेश कुमार, एआरएम फर्रुखाबाद राजेश कुमार और अन्य अधिकारी थाने में आकर खुद पूछताछ कर चुके थे। वह बस का फोटो भी ले गए थे। उन्होंने पूरे घटनाक्रम विभागीय उच्चाधिकारियों को भी भेजी। सूत्र बताते हैं कि दबाव में आकर पुलिस के बताए अनुसार पूरी कहानी लिखी गई है। बहरहाल दोनों चालकों और परिचालक का विभागीय जांच में फंसना तय माना जा रहा है। प्राथमिकी की कहानी में आरोपियों को भी लाभ मिलने की आशंका जताई जा रही है।
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-प्राथमिकी पुलिस ने अपने हिसाब की लिखवाई है। दोनों चालक और परिचालक ने दो जनवरी को ही घटना की लिखित जानकारी भेजी थी। उन्होंने निगम स्तर पर पूरा मामला भेज दिया है। प्राथमिकी में घटना रविवार की दिखाई है। तो तीन दिन तक गाड़ी कहां रही। इसका जवाब भी मांगा जाएगा। विभागीय कार्रवाई तय है। -भुवनेश कुमार, एआरएम हरदोई।