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Farrukhabad News: नौकरी का झांसा देकर महिला से 7.34 लाख की साइबर ठगी
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फर्रुखाबाद। विदेशी कंपनी में नौकरी का झांसा देकर महिला से 7.34 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। साइबर ठगों ने वीजा व पासपोर्ट बनवाने के नाम पर डेढ़ माह में रुपये ट्रांसफर कराए। ठगी की शिकार महिला की पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की।
शहर के मोहल्ला श्यामनगर भोपत पट्टी सिंह वाहिनी कॉलाेनी निवासी कुसुम लता ने एसपी को दिए प्रार्थनापत्र में कहा कि उसके पति प्राइवेट नौकरी करते हैं। उसके मोबाइल पर आठ जुलाई को व्हाट्सएप कॉल आई। उसने अपना नाम साहिल बताया। कहा कि उसकी बहुत बड़ी कंपनी है। फर्रुखाबाद से कई लोग उसकी कंपनी में काम करते हैं। 90 हजार रुपये प्रति माह वेतन के साथ रहना व खाना मुफ्त है। परिवार के साथ आ जाओ, कोई दिक्कत नहीं होगी। वीजा व पासपोर्ट बनवाना होगा।
कुछ देर बाद राहुल नाम के व्यक्ति ने व्हाट्सएप कॉल कर कहा कि उसे साहिल ने नंबर दिया है वीजा व पासपोर्ट बनवाने के लिए। राहुल ने नौकरी का झांसा देकर वीजा व पासपोर्ट बनवाने के नाम पर अलग-अलग खातों में करीब डेढ़ माह में छह लाख 13 हजार 600 रुपये ट्रांसफर करवा लिए। इसके अलावा एक लाख 11 हजार 600 रुपये क्यूआर कोड पर भेजे।
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रुपये का इंतजाम करने के लिए उसने रिश्तेदारों से उधार लिए और जेवर बेच दिए। जिन नंबरों से व्हाट्सएप कॉल आई, वह नंबर देश के अलावा सऊदी अरब व सीरिया के भी हैं। कुसुम लता ने बताया कि उसके साथ करीब सात लाख 34 हजार रुपये की ठगी हुई है। साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई लेकिन एक खाता होल्ड करा दिया गया। यह भी बताया गया कि दो साइबर अपराधी आगरा व मथुरा के भी शामिल हैं।
साइबर थाने के इंस्पेक्टर राजेश यादव ने बताया कि छह लाख 13 हजार 600 रुपये की साइबर ठगी की उनके पास कोई शिकायत ही नहीं आई। कुसुम लता नाम से एक-दो लाख रुपये की ठगी की शिकायत पर कार्रवाई की गई होगी। संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कराएं।
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शहर के मोहल्ला श्यामनगर भोपत पट्टी सिंह वाहिनी कॉलाेनी निवासी कुसुम लता ने एसपी को दिए प्रार्थनापत्र में कहा कि उसके पति प्राइवेट नौकरी करते हैं। उसके मोबाइल पर आठ जुलाई को व्हाट्सएप कॉल आई। उसने अपना नाम साहिल बताया। कहा कि उसकी बहुत बड़ी कंपनी है। फर्रुखाबाद से कई लोग उसकी कंपनी में काम करते हैं। 90 हजार रुपये प्रति माह वेतन के साथ रहना व खाना मुफ्त है। परिवार के साथ आ जाओ, कोई दिक्कत नहीं होगी। वीजा व पासपोर्ट बनवाना होगा।
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कुछ देर बाद राहुल नाम के व्यक्ति ने व्हाट्सएप कॉल कर कहा कि उसे साहिल ने नंबर दिया है वीजा व पासपोर्ट बनवाने के लिए। राहुल ने नौकरी का झांसा देकर वीजा व पासपोर्ट बनवाने के नाम पर अलग-अलग खातों में करीब डेढ़ माह में छह लाख 13 हजार 600 रुपये ट्रांसफर करवा लिए। इसके अलावा एक लाख 11 हजार 600 रुपये क्यूआर कोड पर भेजे।
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रुपये का इंतजाम करने के लिए उसने रिश्तेदारों से उधार लिए और जेवर बेच दिए। जिन नंबरों से व्हाट्सएप कॉल आई, वह नंबर देश के अलावा सऊदी अरब व सीरिया के भी हैं। कुसुम लता ने बताया कि उसके साथ करीब सात लाख 34 हजार रुपये की ठगी हुई है। साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई लेकिन एक खाता होल्ड करा दिया गया। यह भी बताया गया कि दो साइबर अपराधी आगरा व मथुरा के भी शामिल हैं।
साइबर थाने के इंस्पेक्टर राजेश यादव ने बताया कि छह लाख 13 हजार 600 रुपये की साइबर ठगी की उनके पास कोई शिकायत ही नहीं आई। कुसुम लता नाम से एक-दो लाख रुपये की ठगी की शिकायत पर कार्रवाई की गई होगी। संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कराएं।