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Farrukhabad News: जनपद की मक्का से गुजरात, महाराष्ट्र में बन रहा इथेनॉल
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फोटो-18 कमालगंज क्षेत्र में सूखाने के लिए सड़क पर पसरा गया मक्का। संवाद
फर्रुखाबाद। जनपद में इस बार मक्का की बंपर पैदावार हुई है। किसानों को महाराष्ट्र, गुजरात और तमिलनाडु जैसे नए बाजार भी मिल गए हैं। इससे मक्का का भाव 1900 रुपये से बढ़कर 2000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। मक्का का उपयोग इथेनॉल बनाने में हो रहा है। इससे मुर्गी आहार भी तैयार किया जा रहा है, जिसे विदेशों में भेजा जाता है।
मक्का की मांग बाहरी राज्यों में इतनी बढ़ गई है कि आठ रैक भेजे जाने के बाद व्यापारियों ने करीब 60 और रैकों की बुकिंग कराई है। इससे किसानों को मक्का के भाव में और वृद्धि की उम्मीद है। पिछले दो साल में आलू की फसल में हुए घाटे के बाद किसानों ने इस बार मक्का पर अधिक भरोसा जताया था। जिले में 1.07 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में मक्का की रिकॉर्ड बुआई की गई। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 5,98,825 मीट्रिक टन मक्का उत्पादन का अनुमान है। हालांकि, वास्तविक उत्पादन अनुमान से अधिक हो रहा है। मंडियों और कांटों पर देर रात तक किसानों से मक्का खरीदी जा रही है। ट्रकों और रेलवे रैक के माध्यम से मक्का दूसरे राज्यों में भेजा जा रहा है।
व्यापारी अजय गुप्ता ने बताया कि सबसे ज्यादा मक्का गुजरात जा रहा है। महाराष्ट्र और तमिलनाडु में भी नए बाजार मिले हैं। इथेनॉल फैक्ट्रियों में भी मक्का भेजा जा रहा है। आढ़ती संघ कमालगंज के पूर्व अध्यक्ष संजय कमल के अनुसार, गुजरात के पालमपुर, सिद्धपुर, आनंद, ऊंजा, ढोलका, वीरमगांव और वावला जैसे शहरों में मक्का की आपूर्ति हो रही है।
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गुजरात की फैक्ट्रियों में बनने वाला इथेनॉल शराब निर्माण और जैव ईंधन मिश्रण में उपयोग होता है। खाद्य प्रसंस्करण में भी मक्का का उपयोग कॉर्नफ्लेक्स और पॉपकॉर्न जैसे उत्पादों में होता है। गुजरात की फैक्ट्रियों में तैयार मुर्गी आहार विदेशों में भी निर्यात किया जाता है। मक्का से बना मुर्गी आहार ब्रॉयलर मुर्गियों और दुधारू पशुओं के लिए प्रोटीन व ऊर्जा का अच्छा स्रोत है। स्टार्च निर्माण ने भी अन्य राज्यों में मक्का की मांग बढ़ाई है।
जहां की गाड़ी मिल रही, वहां भेज रहे माल
-जहानगंज रोड पर कारोबार कर रहे व्यापारी आलोक कुमार कहते हैं कि इस समय दूरस्थ राज्यों में मनमाफिक स्थानों के लिए ट्रक की उपलब्धता की समस्या चल रही है। महाराष्ट्र के लिए ट्रक मांगा। उस दिन ट्रांसपोर्टर वहां के लिए वाहन नहीं दे पा रहे है। गुजरात के लिए वाहन मिलता है तो वहीं मक्का भेज देते हैं। इस समय 20 से 40 रुपये क्विंटल भाड़ा बढ़ा है। वाहन की उपलब्धता व भाड़ा सही हो तो मक्का का थोड़ा भाव और उछल सकता है। यूपी में महाराजगंज, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर, लखनऊ, राजस्थान में भरतपुर, कर्नाटक में कोलार के लिए भी लोडिंग हो रही है।
पिछले साल दो हजार से शुरू होकर 2,250 तक पहुंचा था भाव
-पिछले साल मक्का का भाव दो हजार रुपये क्विंटल से शुरू हुआ था। बाद में ऊंचे में 2,250 रुपये तक मक्का बिकी थी। मंडी व्यापारी अशोक कुमार वर्मा का कहना है कि गत वर्ष ऊपर उठने के बाद मक्का के भाव को झटका भी लगा था। बाद में भाव 1,800 ही रह गया था।
एक रैक मक्का रुद्रपुर गई
नीबकरोरी स्टेशन से अभी तक गुजरात व रुद्रपुर के लिए दो-दो, एक रैक मक्का महाराष्ट्र के लिए भेजा जा चुकी है। वहीं फर्रुखाबाद स्टेशन से तमिलनाडु के लिए एक रैक सहित कुल तीन तीन रैक गैर प्रांतों के लिए मक्का गया है। नीबकरोरी स्टेशन पर बृहस्पतिवार को एक रैक और लोड होनी शुरू होगी।
वर्जन
इथेनॉल व मुर्गी आहार फैक्ट्रियों में भरपूर मांग से मक्का का बाजार बढ़ा है। मक्का से किसानों को कम लागत में अच्छा मुनाफा मिल रहा है। पिछले साल भी मांग अच्छी रही थी। इसलिए इस बार मक्का की खेती बढ़ गई। -अरविंद मोहन मिश्र, कृषि उप निदेशक
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मक्का की मांग बाहरी राज्यों में इतनी बढ़ गई है कि आठ रैक भेजे जाने के बाद व्यापारियों ने करीब 60 और रैकों की बुकिंग कराई है। इससे किसानों को मक्का के भाव में और वृद्धि की उम्मीद है। पिछले दो साल में आलू की फसल में हुए घाटे के बाद किसानों ने इस बार मक्का पर अधिक भरोसा जताया था। जिले में 1.07 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में मक्का की रिकॉर्ड बुआई की गई। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 5,98,825 मीट्रिक टन मक्का उत्पादन का अनुमान है। हालांकि, वास्तविक उत्पादन अनुमान से अधिक हो रहा है। मंडियों और कांटों पर देर रात तक किसानों से मक्का खरीदी जा रही है। ट्रकों और रेलवे रैक के माध्यम से मक्का दूसरे राज्यों में भेजा जा रहा है।
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व्यापारी अजय गुप्ता ने बताया कि सबसे ज्यादा मक्का गुजरात जा रहा है। महाराष्ट्र और तमिलनाडु में भी नए बाजार मिले हैं। इथेनॉल फैक्ट्रियों में भी मक्का भेजा जा रहा है। आढ़ती संघ कमालगंज के पूर्व अध्यक्ष संजय कमल के अनुसार, गुजरात के पालमपुर, सिद्धपुर, आनंद, ऊंजा, ढोलका, वीरमगांव और वावला जैसे शहरों में मक्का की आपूर्ति हो रही है।
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गुजरात की फैक्ट्रियों में बनने वाला इथेनॉल शराब निर्माण और जैव ईंधन मिश्रण में उपयोग होता है। खाद्य प्रसंस्करण में भी मक्का का उपयोग कॉर्नफ्लेक्स और पॉपकॉर्न जैसे उत्पादों में होता है। गुजरात की फैक्ट्रियों में तैयार मुर्गी आहार विदेशों में भी निर्यात किया जाता है। मक्का से बना मुर्गी आहार ब्रॉयलर मुर्गियों और दुधारू पशुओं के लिए प्रोटीन व ऊर्जा का अच्छा स्रोत है। स्टार्च निर्माण ने भी अन्य राज्यों में मक्का की मांग बढ़ाई है।
जहां की गाड़ी मिल रही, वहां भेज रहे माल
-जहानगंज रोड पर कारोबार कर रहे व्यापारी आलोक कुमार कहते हैं कि इस समय दूरस्थ राज्यों में मनमाफिक स्थानों के लिए ट्रक की उपलब्धता की समस्या चल रही है। महाराष्ट्र के लिए ट्रक मांगा। उस दिन ट्रांसपोर्टर वहां के लिए वाहन नहीं दे पा रहे है। गुजरात के लिए वाहन मिलता है तो वहीं मक्का भेज देते हैं। इस समय 20 से 40 रुपये क्विंटल भाड़ा बढ़ा है। वाहन की उपलब्धता व भाड़ा सही हो तो मक्का का थोड़ा भाव और उछल सकता है। यूपी में महाराजगंज, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर, लखनऊ, राजस्थान में भरतपुर, कर्नाटक में कोलार के लिए भी लोडिंग हो रही है।
पिछले साल दो हजार से शुरू होकर 2,250 तक पहुंचा था भाव
-पिछले साल मक्का का भाव दो हजार रुपये क्विंटल से शुरू हुआ था। बाद में ऊंचे में 2,250 रुपये तक मक्का बिकी थी। मंडी व्यापारी अशोक कुमार वर्मा का कहना है कि गत वर्ष ऊपर उठने के बाद मक्का के भाव को झटका भी लगा था। बाद में भाव 1,800 ही रह गया था।
एक रैक मक्का रुद्रपुर गई
नीबकरोरी स्टेशन से अभी तक गुजरात व रुद्रपुर के लिए दो-दो, एक रैक मक्का महाराष्ट्र के लिए भेजा जा चुकी है। वहीं फर्रुखाबाद स्टेशन से तमिलनाडु के लिए एक रैक सहित कुल तीन तीन रैक गैर प्रांतों के लिए मक्का गया है। नीबकरोरी स्टेशन पर बृहस्पतिवार को एक रैक और लोड होनी शुरू होगी।
वर्जन
इथेनॉल व मुर्गी आहार फैक्ट्रियों में भरपूर मांग से मक्का का बाजार बढ़ा है। मक्का से किसानों को कम लागत में अच्छा मुनाफा मिल रहा है। पिछले साल भी मांग अच्छी रही थी। इसलिए इस बार मक्का की खेती बढ़ गई। -अरविंद मोहन मिश्र, कृषि उप निदेशक