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बरसात से बढ़ी गलन, जलभराव से आफत
ब्यूरो/अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Updated Thu, 22 Jan 2015 11:56 PM IST
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बरसात ने सर्दी में तगड़ा इजाफा कर दिया है। गुरुवार को सुबह से शुरू हुई बरसात देर शाम तक जारी रही। इससे शहर में जगह जगह जलभराव होने से लोगाें को खासी दुश्वारियां झेलनी पड़ीं। बाजार में लोगों क ी आवाजाही कम होने से दुकानदार हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे।
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बुधवार को धूप निकलने से लोगाें को सर्दी के अलविदा कहने की उम्मीद बनी थी। लेकिन गुरु वार की सुबह चार बजे से बरसात शुरू हो गई। इसने बंद होने का नाम नहीं लिया।
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इससे मदारबाड़ी, छक्कानाजिर कूंचा, रस्तोगी, गंगानगर, नरकसा सहित कई मोहल्लाें में जलभराव हो गया। इसी के साथ गलन बढ़ने से लोग कंपकंपाते रहे। अलाव के लिए पड़ी लकड़ियां भीगने से लोगाें के हाथ मायूसी ही लगी। घराें में लोग अलाव के आसपास बैठे रहे।
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स्कूल तो खुले लेकिन बरसात से बच्चे बेहद कम संख्या में पहुंचे। आंगनबाड़ी केंद्रों का भी यही हाल रहा। लोहिया अस्पताल की ओपीडी आम दिनाें की बजाय गिरी रही। गुरुवार को 140 मरीज इलाज कराने पहुंचे। आम दिनाें में यह ओपीडी 500 से 600 के करीब रहती है।
लोहिया अस्पताल के फिजीशियन डा. अशोक कुमार का कहना है कि बरसात में भीगने से बचा जाए। बच्चाें के साथ खास तौर पर एहतियात बरतनी चाहिए। भीगने से जुकाम व बुखार के साथ ही निमोनिया की दिक्कत हो सकती है।
पूर्व अपर जिला कृषि अधिकारी अतर सिंह का कहना है कि यह बरसात आलू की फसल के लिए खासी खतरनाक है। यह झुलसा को और ज्यादा बढ़ा देगी। खेत में पानी भरने से तनाें के सड़ने की स्थिति बढ़ जाएगी। बरसात के बाद सरसाें में माऊं का प्रकोप बढ़ सकता है। बरसात तंबाकू की फ सल के लिए भी नुकसानदेह है। केवल गेहूं की फसल को ही फायदा है।
बरसात से बिजली के करंट को झटका लग गया। कई जगह तार टूटने, इंसूलेटर फटने, ट्राली और ट्रांसफार्मर खराब होने से जिले में बिजली सप्लाई धड़ाम हो गई। शहर से लेकर गांव तक आपूर्ति प्रभावित होने से लोग परेशान रहे। दिन भर बिजली की आंखमिचौली का खेल जारी रहा।