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परिक्रमा मार्ग पर गंदगी देख भड़के संतों ने दिया धरना
ब्यूरो/अमर उजाला,फर्रुखाबाद
Updated Thu, 18 Feb 2016 11:54 PM IST
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फर्रुखाबाद। मेला रामनगरिया में गुरुवार को वैष्णव संप्रदाय के साधुओं ने शोभायात्रा निकाली। इस दौरान परिक्रमा मार्ग पर गंदगी देखकर संत भड़क गए। यह विरोध में परिक्रमा मार्ग पर ही धरने पर बैठ गए। मेला व्यवस्थापक और बाबा बालक दास के समझाने पर साधुओं का गुस्सा ठंडा हुआ।
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सुबह पहली सीढ़ी स्थित वैष्णव संप्रदाय के साधुओं ने मेले में शोभायात्रा निकाली। यात्रा आश्रम क्षेत्र से शुरू होकर बाजार के बीच से परिक्रमा मार्ग की ओर बढ़ रही थी। रास्ते में गंदगी के ढेर को देखकर साधुओं का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। यहां साधुओं ने मेला प्रशासन को भला बुरा कहते हुए यात्रा रोक दी और धरने पर बैठ गए। महंत बाबा बालक दास ने साधुओं को समझाने का प्रयास किया। बाबा बालकदास ने साधुओं को बताया कि बिना अनुमति लिए शोभायात्रा निकाली गई है।
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मेला प्रशासन को पहले से जानकारी न होने के कारण रास्ते पर कूड़ा मिला। साधु यह बात मानने को तैयार नहीं हुए। इन्हें समझाने के लिए मेला व्यवस्थापक संदीप दीक्षित पहुंचे। इन्होंने साधुओं को यात्रा के बारे में पहले से जानकारी न होने की बात कही। उन्होंने कहा कि शोभायात्रा के आगे बढ़ने से पहले रास्तों की सफाई करवा दी जाएगी। इस पर साधु तैयार हो गए । इन्हाेंने धरना समाप्त कर दिया। शोभायात्रा मेले के प्रशासनिक क्षेत्र, गंगातट से होते हुए आश्रम पर समाप्त हुई।
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शोभायात्रा में शामिल निशानों को गंगास्नान कराने के बाद पूजन अर्चन करवाया गया। यात्रा में फूल दास, रामदास, विष्णु दास, सुखराम दास, प्रेमदास, नरायण दास, नरसिंह दास और पंचम दास आदि मौजूद रहे।
वहीं श्री पंच अखिल भारतीय रामानंदी निर्मोही अनि अखाड़ा की ओर से मेला क्षेत्र में शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में भक्ति गीतों पर महिलाओं ने जमकर नृत्य किया। मेले की परिक्रमा करते हुए यात्रा का समापन आश्रम पर हुआ। यात्रा में नरायन दास, बटेश्वर बाबा, महंत सतीश दास, गोपाल दास, रामलखन दास, मनोहर दास, भरत दास, ज्ञान दास, हरिभजन दास, हरिदास, निर्मल दास, श्यामकिशोर दास, वंशी वाले, ज्ञानार्थी और सुंदरदास आदि मौजूद रहे।
महात्मा गांधी के बताए रास्ते पर चलने का आह्वान
मेला रामनगरिया के सांस्कृतिक पांडाल में गांधी विचार मंच क ा कार्यक्रम हुआ। गुरुवार को हुए कार्यक्रम में वक्ताओं ने महात्मा गांधी के चरित्र पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सत्यपाल सिंह प्रगल्भ ने कहा कि महात्मा गांधी के विचारों से शांति का अहसास होता है। उन्होंने महात्मा गांधी के बताए गए रास्ते पर चलने का आह्वान किया। समाजसेवी रमला राठौर ने कहा कि महात्मा गांधी ने हमेशा सात्विक जीवन जिया।
कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा गांधी के प्रिय भजन वैष्णव जन से हुई। कार्यक्रम का संचालन दीपिका त्रिपाठी ने किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक महरम सिंह ने कहा कि महात्मा गांधी ने हमेशा स्वदेशी अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने अंग्रेजों के बनाए गए वस्त्रों की होली जलवाई थी। भारती मिश्रा ने कहा कि गांधी एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक विचार धारा थे। कार्यक्रम में महेश पाल सिंह, गंगा महेश, देशराज सिंह, बलवीर सिंह, ब्रजेश कुमार सिंह और ओमप्रकाश तिवारी आदि मौजूद रहे।