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33 केवी लाइन में फाल्ट से 440 गांव की बिजली रही गुल
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फाल्ट से 440 गांव की बिजली रही गुल
अमृतपुर/शमसाबाद। 33 केवी की लाइन में फाल्ट आने से गंगापार क्षेत्र के चार और शमसाबाद क्षेत्र का एक विद्युत उपकेंद्र ठप रहा। इससे 440 गांवों की बिजली गुल रही। फाल्ट ठीक होने के बाद गांवों की बिजली चालू हो सकी।
गंगापार क्षेत्र के अमृतपुर, राजेपुर, सलेमपुर और तहसील विद्युत उपकेंद्र की 33केवी लाइन में गुरुवार रात करीब 3 बजे फाल्ट आ गया। इससे चारों उपकेंद्र ठप होने से 300 गांवों की बिजली गुल हो गई। सुबह कर्मचारियों ने फाल्ट की खोज की, तो एक स्थान पर 33 केवी की लाइन पर पेड़ की डाल रखी मिली।
उस डाल को कटवा कर दोपहर करीब 12 बजे बिजली चालू कराई गई। फाल्ट के कारण गंगापार क्षेत्र के 300 गांवों की बिजली नौ घंटे बंद रही। शमसाबाद प्रतिनिधि के अनुसार हजियांपुर उपकेंद्र से करीब 140 गांवों को बिजली तीन फीडर के माध्यम से दी जाती है।
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शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे रेलवे क्रासिंग मंझना के पास 33 केवी की लाइन में फाल्ट आने से हजियांपुर विद्युत उपकेंद्र ठप हो गया और गांवों की बिजली गुल हो गई। देर शाम तक फाल्ट को ठीक करने का काम होने के कारण गांवों की बिजली चालू नहीं हो सकी।
दो साल बाद हटने शुरू हुए पोल
नवाबगंज। नवाबगंज चौराहा से हथियापुर मांग पर सड़क चौड़ी होने के कारण बीच में आए पोल हटने का काम दो साल बाद शुरू हो गया। इन पोलों से बाइक व कार टकराने से कई बार हादसे हो चुके हैं। हथियापुर से नवाबगंज चौराहा तक दो साल पूर्व सड़क चौड़ी कराई गई थी।
इससे किनारे लगे बिजली के पोल सड़क पर आ गए। विद्युत लाइन को शिफ्ट करने के लिए पीडब्ल्यूूडी की ओर से निगम को धन दिया गया। वह एस्टीमेट से कम थी। इससे टेंडर न होने से विद्युत लाइन शिफ्ट होने का काम लटका था। पीडब्ल्यूडी से अब पूरा धन जमा होने के बाद विद्युत लाइन शिफ्ट करने का काम शुरू करा दिया गया है।
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अमृतपुर/शमसाबाद। 33 केवी की लाइन में फाल्ट आने से गंगापार क्षेत्र के चार और शमसाबाद क्षेत्र का एक विद्युत उपकेंद्र ठप रहा। इससे 440 गांवों की बिजली गुल रही। फाल्ट ठीक होने के बाद गांवों की बिजली चालू हो सकी।
गंगापार क्षेत्र के अमृतपुर, राजेपुर, सलेमपुर और तहसील विद्युत उपकेंद्र की 33केवी लाइन में गुरुवार रात करीब 3 बजे फाल्ट आ गया। इससे चारों उपकेंद्र ठप होने से 300 गांवों की बिजली गुल हो गई। सुबह कर्मचारियों ने फाल्ट की खोज की, तो एक स्थान पर 33 केवी की लाइन पर पेड़ की डाल रखी मिली।
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उस डाल को कटवा कर दोपहर करीब 12 बजे बिजली चालू कराई गई। फाल्ट के कारण गंगापार क्षेत्र के 300 गांवों की बिजली नौ घंटे बंद रही। शमसाबाद प्रतिनिधि के अनुसार हजियांपुर उपकेंद्र से करीब 140 गांवों को बिजली तीन फीडर के माध्यम से दी जाती है।
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शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे रेलवे क्रासिंग मंझना के पास 33 केवी की लाइन में फाल्ट आने से हजियांपुर विद्युत उपकेंद्र ठप हो गया और गांवों की बिजली गुल हो गई। देर शाम तक फाल्ट को ठीक करने का काम होने के कारण गांवों की बिजली चालू नहीं हो सकी।
दो साल बाद हटने शुरू हुए पोल
नवाबगंज। नवाबगंज चौराहा से हथियापुर मांग पर सड़क चौड़ी होने के कारण बीच में आए पोल हटने का काम दो साल बाद शुरू हो गया। इन पोलों से बाइक व कार टकराने से कई बार हादसे हो चुके हैं। हथियापुर से नवाबगंज चौराहा तक दो साल पूर्व सड़क चौड़ी कराई गई थी।
इससे किनारे लगे बिजली के पोल सड़क पर आ गए। विद्युत लाइन को शिफ्ट करने के लिए पीडब्ल्यूूडी की ओर से निगम को धन दिया गया। वह एस्टीमेट से कम थी। इससे टेंडर न होने से विद्युत लाइन शिफ्ट होने का काम लटका था। पीडब्ल्यूडी से अब पूरा धन जमा होने के बाद विद्युत लाइन शिफ्ट करने का काम शुरू करा दिया गया है।