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Farrukhabad News: रुपये खत्म होने पर बिना इलाज के पुत्र को ले जाने के लिए विवश बुजुर्ग मां
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फर्रुखाबाद। सरकार आम जनमानस को निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए मोटा बजट खर्च कर रही है। फिर भी एक बूढ़ी मां रुपये खत्म होने पर लोहिया अस्पताल से बेटे को बिना उपचार के लिए घर ले जाने पर विवश है।
मोहम्मदाबाद के गांव नगला धना निवासी विपिन कुमार (22) दो साल पहले कुएं में गिर गया था। उसकी रीढ़ की हड्डी में चोट आई थी। निर्मला ने 14 नवंबर को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया।
वह सर्जरी वार्ड के 30 नंबर बेड पर भर्ती है। निर्मला गुरुवार दोपहर इमरजेंसी पहुंची। उसने बेटे का सीटी स्कैन लिखने की बात कही। कर्मचारियों ने उसे बताया कि उसके बेटे का उपचार अब यहां नहीं हो सकता है। उसको तीन दिन पहले ही यहां से रेफर कर दिया गया है।
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निर्मला ने बताया कि पहले ही दिन से यहां रात के वक्त एक युवक ने अच्छी तरह से ड्रेसिंग और दवाई करने की बात कही। शुरू में दो दिन 700-700 रुपये लिए।अभी तक चार हजार रुपये खर्च हो चुके हैं। वह खुद ही दवाएं दे जाता है। ड्रेसिंग करने वाला रात 10 बजे के बाद ही आता है। उसके पास रुपये नहीं बचे। वह बेटे को घर ले जाएगी। सीएमएस डाॅ. अशोक प्रियदर्शी ने बताया कि अस्पताल में भर्ती मरीज की बाहरी व्यक्ति ड्रेंंंसिंग करना गंभीर बात है। जांच करेंगे।
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मोहम्मदाबाद के गांव नगला धना निवासी विपिन कुमार (22) दो साल पहले कुएं में गिर गया था। उसकी रीढ़ की हड्डी में चोट आई थी। निर्मला ने 14 नवंबर को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया।
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वह सर्जरी वार्ड के 30 नंबर बेड पर भर्ती है। निर्मला गुरुवार दोपहर इमरजेंसी पहुंची। उसने बेटे का सीटी स्कैन लिखने की बात कही। कर्मचारियों ने उसे बताया कि उसके बेटे का उपचार अब यहां नहीं हो सकता है। उसको तीन दिन पहले ही यहां से रेफर कर दिया गया है।
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निर्मला ने बताया कि पहले ही दिन से यहां रात के वक्त एक युवक ने अच्छी तरह से ड्रेसिंग और दवाई करने की बात कही। शुरू में दो दिन 700-700 रुपये लिए।अभी तक चार हजार रुपये खर्च हो चुके हैं। वह खुद ही दवाएं दे जाता है। ड्रेसिंग करने वाला रात 10 बजे के बाद ही आता है। उसके पास रुपये नहीं बचे। वह बेटे को घर ले जाएगी। सीएमएस डाॅ. अशोक प्रियदर्शी ने बताया कि अस्पताल में भर्ती मरीज की बाहरी व्यक्ति ड्रेंंंसिंग करना गंभीर बात है। जांच करेंगे।