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ऋण पर सब्सिडी मांगी तो डूडा ने आवेदन से किया इनकार
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फर्रुखाबाद। राष्ट्रीय आजीविका मिशन योजना(एनयूएलएम) के तहत 1.70 लाख ऋण लेकर अदा करने के बाद युवक सब्सिडी के लिए चक्कर लगा रहा है। डूडा के अधिकारियों ने उससे कहा कि उसके नाम का कोई आवेदन ही विभाग में नहीं आया है। उसे सब्सिडी नहीं मिल सकती है। जिस पर युवक ने अब मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
युवाओं के जीविकोपार्जन के लिए सरकार डूडा के माध्यम से एनयूएलएम योजना चलाती है। भोलेपुर रेलवे क्रासिंग निवासी अनुराग गुप्ता ने साल 2017 में विभाग में ऋण के लिए आवेदन किया था। भोलेपुर की आर्यावर्त ग्रामीण बैंक ने ऋण पत्रावली स्वीकृत कर 16 अगस्त 2017 को अनुराग के बैंक खाते में 1.70 लाख रुपये भेज दिए। इसे पांच साल में किस्तों के माध्यम से अदा करना था। ऋण देने के बाद बैंक ने 25 अगस्त 2017 को सब्सिडी स्वीकृति के लिए डूडा को पत्र लिखा लेकिन विभाग ने इसका जवाब नहीं दिया। इस दौरान अनुराग बैंक में किस्तें जमा करता रहा। साल 2021 में ऋण खाते में सिर्फ उतनी राशि बकाया रह गई, जितनी डूडा से सब्सिडी आनी थी।
जिस पर अनुराग डूडा कार्यालय जानकारी करने गए तो उन्हें बताया गया कि उनके नाम से विभाग में कोई आवेदन नहीं है। साल 2017-18 के फार्म वितरण रजिस्टर के जिस फार्म का प्रयोग किया गया है, उस पर राधामोहन मिश्रा नाम के व्यक्ति का आवेदन आया था।
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अनुराग नाम से वर्ष 2017-18 में कोई आवेदन नहीं हुआ। यह पुराना मामला है। पोर्टल पर भी नहीं चढ़ा है। जब पोर्टल पर नहीं है, तो विभाग इसमें कुछ नहीं कर सकता।
- जयविजय सिंह, परियोजना अधिकारी डूडा।
मामला काफी पुराना है। बिना विभागीय पत्रावली के ऋण होना असंभव है। फिर भी पत्रावली देखकर इस मामले की जांच कराएंगे।
-यूपी सिंह, शाखा प्रबंधक आर्यावर्त बैंक, भोलेपुर।
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युवाओं के जीविकोपार्जन के लिए सरकार डूडा के माध्यम से एनयूएलएम योजना चलाती है। भोलेपुर रेलवे क्रासिंग निवासी अनुराग गुप्ता ने साल 2017 में विभाग में ऋण के लिए आवेदन किया था। भोलेपुर की आर्यावर्त ग्रामीण बैंक ने ऋण पत्रावली स्वीकृत कर 16 अगस्त 2017 को अनुराग के बैंक खाते में 1.70 लाख रुपये भेज दिए। इसे पांच साल में किस्तों के माध्यम से अदा करना था। ऋण देने के बाद बैंक ने 25 अगस्त 2017 को सब्सिडी स्वीकृति के लिए डूडा को पत्र लिखा लेकिन विभाग ने इसका जवाब नहीं दिया। इस दौरान अनुराग बैंक में किस्तें जमा करता रहा। साल 2021 में ऋण खाते में सिर्फ उतनी राशि बकाया रह गई, जितनी डूडा से सब्सिडी आनी थी।
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जिस पर अनुराग डूडा कार्यालय जानकारी करने गए तो उन्हें बताया गया कि उनके नाम से विभाग में कोई आवेदन नहीं है। साल 2017-18 के फार्म वितरण रजिस्टर के जिस फार्म का प्रयोग किया गया है, उस पर राधामोहन मिश्रा नाम के व्यक्ति का आवेदन आया था।
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अनुराग नाम से वर्ष 2017-18 में कोई आवेदन नहीं हुआ। यह पुराना मामला है। पोर्टल पर भी नहीं चढ़ा है। जब पोर्टल पर नहीं है, तो विभाग इसमें कुछ नहीं कर सकता।
- जयविजय सिंह, परियोजना अधिकारी डूडा।
मामला काफी पुराना है। बिना विभागीय पत्रावली के ऋण होना असंभव है। फिर भी पत्रावली देखकर इस मामले की जांच कराएंगे।
-यूपी सिंह, शाखा प्रबंधक आर्यावर्त बैंक, भोलेपुर।