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Farrukhabad News: लेटलतीफ पहुंचे डॉक्टर, हाफ-डे सुन मरीजों ने की धक्का-मुक्की
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फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल की ओपीडी में डॉक्टरों का देरी से बैठना बड़ी समस्या है। बुधवार को आर्थो सर्जन ढाई घंटे देरी से अपने कमरे में पहुंचे। इस दौरान मरीज फर्श पर ही बैठने को मजबूर हो गए। डॉक्टर के पहुंचने पर लोगों को पता चला कि आधे दिन की ओपीडी है, तो पहले दिखाने को लेकर धक्का-मुक्की होने लगी। गार्ड ने जब अंदर घुसने से रोका, तो उसके साथ अभद्रता करने लगे। परेशान काफी मरीज बिना दिखाए ही लौट गए।
लोहिया अस्पताल की ओपीडी सामान्य दिनों में सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक चलती है। बुधवार को मुहर्रम की छुट्टी की वजह से ओपीडी 12 बजे तक चलनी थी। यह जानकारी मरीजों को न होने से ओपीडी में खासी भीड़ रही। सुबह आठ बजे से आर्थो सर्जन डॉ. नीरज वर्मा के कमरे के बाहर मरीजों की लाइन लग गई। मगर वह नहीं पहुंचे। थक-हार कर मरीज फर्श पर बैठ गए।
साढ़े 10 बजे जब डॉक्टर पहुंचे, तो पहले दिखाने को लेकर लोग धक्का-मुक्की करने लगे। मरीजों को पता चला कि ओपीडी में कुछ देर ही मरीज देखे जाएंगे। इसके बाद स्थिति और खराब हो गई। कमरे में जबरन मरीज घुसने लगे। गार्ड को बुलाकर मरीजों को बाहर निकाला गया। इस दौरान कई मरीजों ने गार्ड से भी अभद्र भाषा का प्रयोग कर दिया। काफी देर तक विवाद होता रहा। आखिरकार कई मरीज बिना दिखाए ही लौटने के लिए मजबूर हो गए।
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सीएमएस डॉ. अशोक प्रियदर्शी ने बताया कि अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या अधिक है। लिहाजा मरीजों को देखना पड़ता है। वहां अधिक समय लग जाता है। इसी वजह से दिक्कत होती है। ओपीडी में जितने मरीज होते हैं, उन्हें दवाएं हर हाल में मिलती हैं।
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लैब टेक्नीशियन ने ही सही कर ली बायोकेमेस्ट्री मशीन
फर्रुखाबाद। लोहिया पुरुष अस्पताल की लैब की ऑटोमेटिक बायोकेमेस्ट्री एनालाइजर मशीन में मंगलवार को आई तकनीकी खराबी को लैब टेक्नीशियन ने ही सही कर लिया। मशीन में ब्लड के थक्के जम गए थे। मोटर जाम होने से मशीन ने काम करना बंद कर दिया था। बुधवार सुबह दिक्कतों को दूर कर मशीन से जांचें शुरू कर दी गईं। इससे मरीजों को राहत मिली। (संवाद)
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लोहिया अस्पताल की ओपीडी सामान्य दिनों में सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक चलती है। बुधवार को मुहर्रम की छुट्टी की वजह से ओपीडी 12 बजे तक चलनी थी। यह जानकारी मरीजों को न होने से ओपीडी में खासी भीड़ रही। सुबह आठ बजे से आर्थो सर्जन डॉ. नीरज वर्मा के कमरे के बाहर मरीजों की लाइन लग गई। मगर वह नहीं पहुंचे। थक-हार कर मरीज फर्श पर बैठ गए।
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साढ़े 10 बजे जब डॉक्टर पहुंचे, तो पहले दिखाने को लेकर लोग धक्का-मुक्की करने लगे। मरीजों को पता चला कि ओपीडी में कुछ देर ही मरीज देखे जाएंगे। इसके बाद स्थिति और खराब हो गई। कमरे में जबरन मरीज घुसने लगे। गार्ड को बुलाकर मरीजों को बाहर निकाला गया। इस दौरान कई मरीजों ने गार्ड से भी अभद्र भाषा का प्रयोग कर दिया। काफी देर तक विवाद होता रहा। आखिरकार कई मरीज बिना दिखाए ही लौटने के लिए मजबूर हो गए।
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सीएमएस डॉ. अशोक प्रियदर्शी ने बताया कि अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या अधिक है। लिहाजा मरीजों को देखना पड़ता है। वहां अधिक समय लग जाता है। इसी वजह से दिक्कत होती है। ओपीडी में जितने मरीज होते हैं, उन्हें दवाएं हर हाल में मिलती हैं।
लैब टेक्नीशियन ने ही सही कर ली बायोकेमेस्ट्री मशीन
फर्रुखाबाद। लोहिया पुरुष अस्पताल की लैब की ऑटोमेटिक बायोकेमेस्ट्री एनालाइजर मशीन में मंगलवार को आई तकनीकी खराबी को लैब टेक्नीशियन ने ही सही कर लिया। मशीन में ब्लड के थक्के जम गए थे। मोटर जाम होने से मशीन ने काम करना बंद कर दिया था। बुधवार सुबह दिक्कतों को दूर कर मशीन से जांचें शुरू कर दी गईं। इससे मरीजों को राहत मिली। (संवाद)