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एआरटीओ में मनमानी से जनता के नहीं होते काम
ब्यूरो/अमर उजाला,फर्रुखाबाद
Updated Tue, 29 Dec 2015 11:25 PM IST
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फर्रुखाबाद। सरकारी दफ्तर खुलने का समय 10 और बंद होने का शाम पांच बजे है। शासन से सुबह 10 से 12 बजे तक अफसरों के लिए कार्यालय में बैठकर जनता की समस्याएं सुनने और समाधान करने का आदेश है। इसके बाद विभागीय कार्य होंगे, लेकिन फतेहगढ़ स्थित संभागीय कार्यालय मेें जनता की समस्या नहीं सुनी जाती है। यहां मनमानी हाबी है।
जनता दरबार लगना बंद हो गया। अधिकारी कक्ष में सुबह से शाम तक ताला लटकता रहता है। अधिकारी के न आने से कर्मचारियों की मौज रहती है। उनके कार्यालय आने और जाने का कोई समय निर्धारित नहीं है। मंगलवार को सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय में यहीं माहौल दिखाई दिया। 11 बजे कार्यालय का ताला खोला गया। कैश काउंटर दोपहर एक बजे तक बंद रहा। अधिकारी से मिलने के लिए पब्लिक इंतजार करती रही। अफसर के न आने पर पब्लिक अपनी समस्या का समाधान कराए बगैर लौट गई।
11 बजे खुला कार्यालय का ताला
मंगलवार को सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय का ताला सुबह 10.30 बजे बंद था। ड्राइविंग लाइसेंस आवेदक परिसर में ताला खुलने व कर्मचारियों के आने का इंतजार कर रहे थे। 11 बजे कर्मचारियों के आने पर कार्यालय का ताला खोला गया। इसके बाद विभागीय काम शुरू हुआ।
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एआरटीओ कक्ष में पड़ा रहा ताला
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी के न आने पर उनके कक्ष के बाहर ताला पड़ा रहा। अधिकारी से मिलकर समस्या बताने के लिए कई लोग कार्यालय के बाहर उनके आने का इंतजार करते रहे। जब अधिकारी नहीं आए तब वह बिना मुलाकात कर वापस लौट गए।
फोटो खिंचवाने के लिए लगी लाइन
11 बजे कार्यालय खुलने के कारण ड्राइविंग लाइसेंस के लिए फोटो खिंचवाने के लिए आवेदकों की काउंटर के बाहर भीड़ लगी रही। हंगामा होने पर आवेदकों की लाइन लगवाई गई। तब कहीं जाकर आवेदकों की फोटो खिंचनी शुरू हुई।
एआरटीओ कार्यालय 11 बजे खुला। इसकी जानकारी नहीं हुई। एआरटीओ कार्यालय पर नजर रखी जाएगी। अगर दोबारा इस तरह का मामला सामने आया तो छापेमारी की जाएगी।
शिव बहादुर सिंह, नगर मजिस्ट्रेट
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जनता दरबार लगना बंद हो गया। अधिकारी कक्ष में सुबह से शाम तक ताला लटकता रहता है। अधिकारी के न आने से कर्मचारियों की मौज रहती है। उनके कार्यालय आने और जाने का कोई समय निर्धारित नहीं है। मंगलवार को सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय में यहीं माहौल दिखाई दिया। 11 बजे कार्यालय का ताला खोला गया। कैश काउंटर दोपहर एक बजे तक बंद रहा। अधिकारी से मिलने के लिए पब्लिक इंतजार करती रही। अफसर के न आने पर पब्लिक अपनी समस्या का समाधान कराए बगैर लौट गई।
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11 बजे खुला कार्यालय का ताला
मंगलवार को सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय का ताला सुबह 10.30 बजे बंद था। ड्राइविंग लाइसेंस आवेदक परिसर में ताला खुलने व कर्मचारियों के आने का इंतजार कर रहे थे। 11 बजे कर्मचारियों के आने पर कार्यालय का ताला खोला गया। इसके बाद विभागीय काम शुरू हुआ।
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एआरटीओ कक्ष में पड़ा रहा ताला
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी के न आने पर उनके कक्ष के बाहर ताला पड़ा रहा। अधिकारी से मिलकर समस्या बताने के लिए कई लोग कार्यालय के बाहर उनके आने का इंतजार करते रहे। जब अधिकारी नहीं आए तब वह बिना मुलाकात कर वापस लौट गए।
फोटो खिंचवाने के लिए लगी लाइन
11 बजे कार्यालय खुलने के कारण ड्राइविंग लाइसेंस के लिए फोटो खिंचवाने के लिए आवेदकों की काउंटर के बाहर भीड़ लगी रही। हंगामा होने पर आवेदकों की लाइन लगवाई गई। तब कहीं जाकर आवेदकों की फोटो खिंचनी शुरू हुई।
एआरटीओ कार्यालय 11 बजे खुला। इसकी जानकारी नहीं हुई। एआरटीओ कार्यालय पर नजर रखी जाएगी। अगर दोबारा इस तरह का मामला सामने आया तो छापेमारी की जाएगी।
शिव बहादुर सिंह, नगर मजिस्ट्रेट