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अस्पताल पर गिरी डीएम के निरीक्षण की गाज
ब्यूरो/ अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Updated Sun, 12 Apr 2015 11:56 PM IST
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य ग्रामीण बीमा योजना के तहत
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अनियमितताआें की सूचनाएं डीएम एनकेएस चौहान तक पहुंच रही हैं। रविवार को
डीएम पड़ताल करने निकले।
डीएम ने शहर के दो प्राइवेट अस्पतालों में जांच पड़ताल की। उन्हाेंने एक अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश एसीएमओ को दिए। स्वास्थ्य विभाग ने निरस्त करने की बजाय लाइसेंस निलंबित कर दिया।
गरीबों को मुफ्त में इलाज कराने को केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना लागू की है। योजना में अनियमितता की शिकायतें डीएम के पास कई दिनों से आ रही थीं।
इसकी जांच करने को डीएम रविवार को एसीएमओ डाक्टर राजवीर सिंह को साथ लेकर मोहल्ला मदारवाड़ी स्थित बुद्धा नर्सिंग होम पहुंचे। डीएम को देख अस्पताल कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। डीएम ने अस्पताल में बीमा योजना के तहत होेने वाले इलाज के रजिस्टरों को देखा।
अस्पताल में गंदगी होने पर डीएम ने मौके पर मौजूद डाक्टर राजवीर को अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश दिए। उन्हें आपरेशन कक्ष की व्यवस्था भी सही नहीं मिली। इसके बाद डीएम भोलेपुर स्थित तिवारी नर्सिंग होम पहुंचे। यहां भी डीएम ने बीमा योजना से इलाज का रजिस्टर को देखा।
स्टाफ नर्स के ड्रेस में न होने पर उससे जवाब तलब किया। रविवार को डीएम के अचानक निरीक्षण की जानकारी पर हड़कंप मचा रहा। एसीएमओ डाक्टर राजवीर सिंह ने बताया कि लाइसेंस निलंबित कर दिया गया।
इनका कहना था कि लाइसेंस इतनी जल्दी निरस्त नहीं किया जा सकता है। हालांकि अस्पताल प्रशासन किसी भी मरीज को नहीं देख सकेगा। अगर ऐसा पाया गया तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने शहर के दो प्राइवेट अस्पतालों में जांच पड़ताल की। उन्हाेंने एक अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश एसीएमओ को दिए। स्वास्थ्य विभाग ने निरस्त करने की बजाय लाइसेंस निलंबित कर दिया।
गरीबों को मुफ्त में इलाज कराने को केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना लागू की है। योजना में अनियमितता की शिकायतें डीएम के पास कई दिनों से आ रही थीं।
इसकी जांच करने को डीएम रविवार को एसीएमओ डाक्टर राजवीर सिंह को साथ लेकर मोहल्ला मदारवाड़ी स्थित बुद्धा नर्सिंग होम पहुंचे। डीएम को देख अस्पताल कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। डीएम ने अस्पताल में बीमा योजना के तहत होेने वाले इलाज के रजिस्टरों को देखा।
अस्पताल में गंदगी होने पर डीएम ने मौके पर मौजूद डाक्टर राजवीर को अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश दिए। उन्हें आपरेशन कक्ष की व्यवस्था भी सही नहीं मिली। इसके बाद डीएम भोलेपुर स्थित तिवारी नर्सिंग होम पहुंचे। यहां भी डीएम ने बीमा योजना से इलाज का रजिस्टर को देखा।
स्टाफ नर्स के ड्रेस में न होने पर उससे जवाब तलब किया। रविवार को डीएम के अचानक निरीक्षण की जानकारी पर हड़कंप मचा रहा। एसीएमओ डाक्टर राजवीर सिंह ने बताया कि लाइसेंस निलंबित कर दिया गया।
इनका कहना था कि लाइसेंस इतनी जल्दी निरस्त नहीं किया जा सकता है। हालांकि अस्पताल प्रशासन किसी भी मरीज को नहीं देख सकेगा। अगर ऐसा पाया गया तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।