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डीएम की कार के आगे कूदा
farrukhabad
Updated Mon, 26 Nov 2018 11:22 PM IST
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डीएम
- फोटो : अमर उजाला
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कटान से परेशान ग्रामीणों ने डीएम का घेराव कर कलक्ट्रेट परिसर में जमकर हंगामा किया। डीएम पिछले दरवाजे से निकलीं तो एक ग्रामीण ने तेज रफ्तार कार के आगे कूद कर डीएम को रोक लिया। इसके बाद जिलाधिकारी व सर्वोदय मंडल के नेता में नोकझोंक हुई। एसडीएम अमृतपुर के आश्वासन पर वह लोग चार दिन का समय देकर चले गए।
अमृतपुर क्षेत्र का गांव हरसिंहपुर कायस्थ गंगा नदी से कुछ ही दूरी पर है। यहां पर गंगा नदी लगातार कटान कर रही है। करीब 100 बीघा खेत कट चुके हैं। इसी को लेकर सोमवार को करीब 60 से 70 ग्रामीण परिवार के साथ सर्वोदय मंडल के पूर्व महामंत्री लक्ष्मण सिंह के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंच गए। वहां पर डीएम कार्यालय के सामने ही वह लोग बैठ गए। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट आरए चौहान ज्ञापन लेने पहुंचे व ग्रामीणों को समझा कर वापस भेजने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने कहा कि लिखित आश्वासन लिए बिना वह यहां से नहीं जाएंगे। साथ ही ग्रामीण जिलाधिकारी से मिलने की बात भी कहने लगे।
इसी दौरान जिलाधिकारी पिछले दरवाजे से अपनी कार में बैठ कर जाने लगीं। ग्रामीणों ने देखा तो वह उन्हें रोकने कार की ओर दौड़ पड़े। इसी दौरान एक ग्रामीण कार के आगे कूद गया, इस पर चालक ने कार रोक दी। ग्रामीणों ने कार को घेर लिया। डीएम ने ग्रामीणों को वहां से हट कर धरना स्थल पर प्रदर्शन करने को कहा। लेकिन ग्रामीण हटने को तैयार नहीं हुए।
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सर्वोदय मंडल के पूर्व महामंत्री लक्ष्मण सिंह कार के आगे ही बैठ गए। बोले कार मेरे ऊपर से ही होकर गुजरेगी, तब जिलाधिकारी बाहर आईं। उनसे लक्ष्मण सिंह की तीखी नोकझोंक हो गई।
बाद में जिलाधिकारी ने कहा कि ग्रामीणों की समस्या हमारी भी समस्या है। वह मामले को दिखवाएंगी। इसके बाद ग्रामीणों ने उन्हें तो जाने दिया, लेकिन वह कलक्ट्रेट परिसर में ही डटे रहे। इसी दौरान लक्ष्मण सिंह की फोन पर अमृतपुर एसडीएम से बात हुई। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह खुद मंगलवार को गांव जाकर मामले को देखेंगे। साथ ही एक्सईएन सिंचाई व एक्सईएन नहर विभाग को भी बुलाया जाएगा। ग्रामीणों की कट गई फसल की पैमाइश करवाने के बाद मुआवजा दिलाया जाएगा। इसके बाद वह लोग दो दिन की मोहलत देकर चले गए।
लक्ष्मण सिंह ने कहा कि यदि चार दिन में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह जिलाधिकारी आवास पर प्रदर्शन करेंगे। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में जब से बाढ़ आई है तब से बिजली नहीं आ रही। इसके अलावा शिक्षा व्यवस्था की हालात भी खस्ता हैं। धनपाल, रामप्रकाश, राम बहादुर, मोहनला, रामऔतार, गेंदालाल, राम श्री, कुसुमा, राधा देवी सुदामा, रामसखी, उमा, बिटाना देवी आदि रहे।
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अमृतपुर क्षेत्र का गांव हरसिंहपुर कायस्थ गंगा नदी से कुछ ही दूरी पर है। यहां पर गंगा नदी लगातार कटान कर रही है। करीब 100 बीघा खेत कट चुके हैं। इसी को लेकर सोमवार को करीब 60 से 70 ग्रामीण परिवार के साथ सर्वोदय मंडल के पूर्व महामंत्री लक्ष्मण सिंह के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंच गए। वहां पर डीएम कार्यालय के सामने ही वह लोग बैठ गए। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट आरए चौहान ज्ञापन लेने पहुंचे व ग्रामीणों को समझा कर वापस भेजने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने कहा कि लिखित आश्वासन लिए बिना वह यहां से नहीं जाएंगे। साथ ही ग्रामीण जिलाधिकारी से मिलने की बात भी कहने लगे।
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इसी दौरान जिलाधिकारी पिछले दरवाजे से अपनी कार में बैठ कर जाने लगीं। ग्रामीणों ने देखा तो वह उन्हें रोकने कार की ओर दौड़ पड़े। इसी दौरान एक ग्रामीण कार के आगे कूद गया, इस पर चालक ने कार रोक दी। ग्रामीणों ने कार को घेर लिया। डीएम ने ग्रामीणों को वहां से हट कर धरना स्थल पर प्रदर्शन करने को कहा। लेकिन ग्रामीण हटने को तैयार नहीं हुए।
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सर्वोदय मंडल के पूर्व महामंत्री लक्ष्मण सिंह कार के आगे ही बैठ गए। बोले कार मेरे ऊपर से ही होकर गुजरेगी, तब जिलाधिकारी बाहर आईं। उनसे लक्ष्मण सिंह की तीखी नोकझोंक हो गई।
बाद में जिलाधिकारी ने कहा कि ग्रामीणों की समस्या हमारी भी समस्या है। वह मामले को दिखवाएंगी। इसके बाद ग्रामीणों ने उन्हें तो जाने दिया, लेकिन वह कलक्ट्रेट परिसर में ही डटे रहे। इसी दौरान लक्ष्मण सिंह की फोन पर अमृतपुर एसडीएम से बात हुई। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह खुद मंगलवार को गांव जाकर मामले को देखेंगे। साथ ही एक्सईएन सिंचाई व एक्सईएन नहर विभाग को भी बुलाया जाएगा। ग्रामीणों की कट गई फसल की पैमाइश करवाने के बाद मुआवजा दिलाया जाएगा। इसके बाद वह लोग दो दिन की मोहलत देकर चले गए।
लक्ष्मण सिंह ने कहा कि यदि चार दिन में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह जिलाधिकारी आवास पर प्रदर्शन करेंगे। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में जब से बाढ़ आई है तब से बिजली नहीं आ रही। इसके अलावा शिक्षा व्यवस्था की हालात भी खस्ता हैं। धनपाल, रामप्रकाश, राम बहादुर, मोहनला, रामऔतार, गेंदालाल, राम श्री, कुसुमा, राधा देवी सुदामा, रामसखी, उमा, बिटाना देवी आदि रहे।