मोहम्मदाबाद। ताजपुर रोड से नगला किसानन जाने वाले कच्चे चकरोड को बंद करने और बैनामा से अधिक जमीन घेरने की शिकायत की गई थी। इस पर जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने अधिकारियों व पुलिस बल के साथ शनिवार शाम मौके का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने कोल्ड स्टोरेज की क्षमता, आलू के स्टॉक और किसानों को मिलने वाली अनुदान समेत अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
अवंती बाईनगर (नगला किसानन) के सुरजीत, रामपाल सिंह, टीटू, सुरेंद्र, सर्वेश कुमार समेत करीब एक दर्जन ग्रामीणों ने 25 सितंबर को डीएम से शिकायत की थी। इसमें चकरोड बंद करने, बैनामा से अधिक भूमि घेरने, अमानक तरीके से कोल्ड स्टोरेज संचालित करने और रास्ते पर पुलिया बनाए जाने के आरोप लगाए थे। कार्रवाई की मांग को लेकर ग्रामीणों ने दो अक्तूबर को डीएम कार्यालय पहुंचकर धरना भी दिया था। इसके बाद डीएम शनिवार शाम एसडीएम, बीडीओ और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अरसानी निवासी किसान पंकज से कोल्ड स्टोरेज में रखे आलू के पैकेटों की संख्या पूछी। किसान ने 958 पैकेट रखे होने की जानकारी दी। डीएम ने कोल्ड स्टोरेज मालिक पुत्र जय चंदेल को खतौनी में दर्ज भूमि स्वामी के नाम से ही आलू की पर्ची बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्टॉक रजिस्टर भी देखा। क्षेत्रीय लेखपाल संजय सिंह ने बताया कि राजस्व नक्शे में चकरोड दर्ज नहीं है। पुलिया किसने बनवाई, इसकी जानकारी नहीं है।