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जिला जेल में सजा काट रही महिला की मौत
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Sun, 05 Jul 2015 11:56 PM IST
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जिला जेल में सजा काट रही वृद्धा की तबियत खराब होने पर लोहिया अस्पताल
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लाया गया। यहां महिला को मृत घोषित कर दिया गया। मौत की जानकारी पर परिवार
के लोगों ने जमकर हंगामा किया। जेल में बंद पति और अन्य बंदियों ने सुबह
का भोजन खाने से मना कर दिया। परिजनों ने जेल प्रशासन पर इलाज न कराने का
आरोप लगाया।
थाना राजेपुर के गांव भुसेरा निवासी माला देवी और उसका पति सुरेश सिंह भदौरिया जिला जेल में दहेज हत्या के मामले में सजा काट रहे थे। रविवार की सुबह माला की तबियत खराब हो गई। जेल प्रशासन ने वृद्धा को लोहिया अस्पताल भेजा। यहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर माला की बेटी विमलेश देवी के अलावा परिवार के अन्य लोग अस्पताल पहुंचे।
यहां इन्होंने जेल प्रशासन पर इलाज न कराने का आरोप लगाकर हंगामा करना शुरू कर दिया। घटना की जानकारी पर वृद्धा के पति और कुछ अन्य बंदियों ने खाना खाने से इंकार दिया। जेल प्रशासन के समझाने पर भी ये लोग नहीं माने। उधर, परिजनों ने बताया कि माला देवी की पुत्रवधू बेबी पत्नी सर्वेश ने वर्ष 2006 में फांसी लगा ली थी। इस पर बहू के पिता किशनलाल ने
दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बेबी की मौत के तीन साल बाद सर्वेश की भी मौत हो गई थी। बताया कि 11 मई को माला देवी और उनके पति सुरेश सिंह को पांच-पांच साल की सजा हुई थी। उधर, जिला जेल के जेलर धर्मपाल सिंह ने बताया कि महिला को क्षयरोग के अलावा पथरी थी। इलाज कराया जा रहा था। महिला को कानपुर भी भेजा गया था। लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हो रहा था। जेल में कोई बंदी आंदोलन नहीं कर रहा है। सभी ने खाना खाया।
थाना राजेपुर के गांव भुसेरा निवासी माला देवी और उसका पति सुरेश सिंह भदौरिया जिला जेल में दहेज हत्या के मामले में सजा काट रहे थे। रविवार की सुबह माला की तबियत खराब हो गई। जेल प्रशासन ने वृद्धा को लोहिया अस्पताल भेजा। यहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर माला की बेटी विमलेश देवी के अलावा परिवार के अन्य लोग अस्पताल पहुंचे।
यहां इन्होंने जेल प्रशासन पर इलाज न कराने का आरोप लगाकर हंगामा करना शुरू कर दिया। घटना की जानकारी पर वृद्धा के पति और कुछ अन्य बंदियों ने खाना खाने से इंकार दिया। जेल प्रशासन के समझाने पर भी ये लोग नहीं माने। उधर, परिजनों ने बताया कि माला देवी की पुत्रवधू बेबी पत्नी सर्वेश ने वर्ष 2006 में फांसी लगा ली थी। इस पर बहू के पिता किशनलाल ने
दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बेबी की मौत के तीन साल बाद सर्वेश की भी मौत हो गई थी। बताया कि 11 मई को माला देवी और उनके पति सुरेश सिंह को पांच-पांच साल की सजा हुई थी। उधर, जिला जेल के जेलर धर्मपाल सिंह ने बताया कि महिला को क्षयरोग के अलावा पथरी थी। इलाज कराया जा रहा था। महिला को कानपुर भी भेजा गया था। लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हो रहा था। जेल में कोई बंदी आंदोलन नहीं कर रहा है। सभी ने खाना खाया।