फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   Disorders in the grounds, hindrance in the preparation of players

Farrukhabad News: मैदानों में अव्यवस्थाएं, खिलाड़ियों की तैयारी में बाधा

Wed, 22 May 2024 12:08 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद Updated Wed, 22 May 2024 12:08 AM IST
विज्ञापन
Disorders in the grounds, hindrance in the preparation of players
फर्रुखाबाद। सरकार खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है। वहीं, जनपद के माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारी व कॉलेज प्रबंधन इस पर पलीता लगा रहे हैं। खेलकूद के संसाधन तो दूर की बात है, कॉलेज के मैदान तक अव्यवस्थित पड़े हैं। ऐसे में खिलाड़ियों की नर्सरी कैसे तैयार होगी। शहर के खेल मैदानों की पड़ताल की गई तो किसी मैदान पर जानवर विचरण कर रहे थे तो कहीं झाड़ियां व कब्जे थे।
विज्ञापन


सीन-1

कभी यहां मोहम्मद कैफ खेलने आए थे



भारतीय पाठशाला इंटर कॉलेज के खेल मैदान बजरिया में मवेशी विचरण कर रहे थे। चारों तरफ गंदगी थी। मैदान के एक तरफ गोबर के ढेर लगे होने के साथ ही जानवर बंधे थे। आसपास के लोगों ने बताया कि करीब 23 साल पहले इस मैदान पर इंडिया टीम के खिलाड़ी रहे मोहम्मद कैफ टूर्नामेंट खेलने आए थे।
विज्ञापन




केस-2



मैदान के किनारे लोगों ने बांध दिए जानवर

दुर्गा प्रसाद बद्री प्रसाद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान में सर्दी में बच्चे क्रिकेट खेल रहे थे। कॉलेज के मुख्य गेट के सामने गोबर के ढेर लगे थे तो बड़ी-बड़ी झाड़ियां खड़ी थीं। गंदगी भी चारों तरफ थी। मैदान के किनारे लोगों ने दुधारू जानवर बांध रखे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


सीन-3

मैदान में जगह-जगह गड्ढे व कंकड़


क्रिश्चियन इंटर कॉलेज मैदान में दोपहर करीब 12:40 बजे कुछ बच्चे क्रिकेट खेल रहे थे, जबकि मजदूर मैदान में प्रदर्शनी की तैयारी में जुटे थे। मैदान में जगह-जगह गड्ढे व कंकड़ ही कंकड़ नजर आ रहे थे। चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा था। मैदान के पीछे तरफ कुछ लोग जानवर बांधे हुए थे।



क्रीड़ा शुल्क भी लिया जाता



माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा नौ से इंटरमीडिएट छात्र-छात्राओं से प्रतिवर्ष 60 रुपये क्रीड़ा शुल्क भी लिया जाता है। इस शुल्क का इस्तेमाल खेलकूद की गतिविधियों व मैदान की देखरेख में करना होता है। मगर विद्यालयों के मैदानों की हालत देखकर लगता है कि क्रीड़ा शुल्क खर्च ही नहीं किया जाता।




बोले जिम्मेदार



अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के मैदानों की देखरेख की जिम्मेदारी विद्यालय प्रबंधन की होती है। मैदान में अगर अव्यवस्था है तो प्रधानाचार्य व प्रबंधक उसे दुरुस्त करें। कॉलेज के मैदानों को वह देखेंगे। अव्यवस्थाओं को ठीक कराए जाने के लिए प्रधानाचार्यों को निर्देशित करेंगे।



- नरेंद्र पाल सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed